Galatians 2:20 in Urdu 20 मैं मसीह के साथ मसलूब हुआ हूं; और अब मैं ज़िंदा न रहा बल्कि मसीह मुझ में ज़िंदा है;और मैं जो अब जिस्म में ज़िन्दगी गुज़ारता हूँ तो ख़ुदा के बेटे पर ईमान लाने से गुज़ारता हूं,जिसने मुझ से मुहब्बत रखी और अपने आप को मेरे लिए मौत के हवाले कर दिया|
Other Translations King James Version (KJV) I am crucified with Christ: neverthless I live; yet not I, but Christ liveth in me: and the life which I now live in the flesh I live by the faith of the Son of God, who loved me, and gave himself for me.
American Standard Version (ASV) I have been crucified with Christ; and it is no longer I that live, but Christ living in me: and that `life' which I now live in the flesh I live in faith, `the faith' which is in the Son of God, who loved me, and gave himself up for me.
Bible in Basic English (BBE) I have been put to death on the cross with Christ; still I am living; no longer I, but Christ is living in me; and that life which I now am living in the flesh I am living by faith, the faith of the Son of God, who in love for me, gave himself up for me.
Darby English Bible (DBY) I am crucified with Christ, and no longer live, *I*, but Christ lives in me; but [in] that I now live in flesh, I live by faith, the [faith] of the Son of God, who has loved me and given himself for me.
World English Bible (WEB) I have been crucified with Christ, and it is no longer I that live, but Christ living in me. That life which I now live in the flesh, I live by faith in the Son of God, who loved me, and gave himself up for me.
Young's Literal Translation (YLT) with Christ I have been crucified, and live no more do I, and Christ doth live in me; and that which I now live in the flesh -- in the faith I live of the Son of God, who did love me and did give himself for me;
Cross Reference Matthew 4:3 in Urdu 3 “ और आज़माने वाले ने पास आकर उस से कहा “अगर तू ““ख़ुदा”” का बेटा है तो फ़रमा कि ये पत्थर रोटियाँ बन जाएँ।””
Matthew 20:28 in Urdu 28 चुनाँचे; इबने आदम इसलिए नहीं आया कि ख़िदमत ले; बल्कि इसलिए कि ख़िदमत करे और अपनी जान बहुतों के बदले फ़िदिये में दें।”
John 1:49 in Urdu 49 “नतनएल ने उसको जवाब दिया, ““ऐ रब्बी,तू ख़ुदा का बेटा है!तू इस्राईल का बादशाह है!"””
John 3:16 in Urdu 16 क्यूंकि ख़ुदा ने दुनिया से ऐसी मुहब्बत रख्खी कि उसने अपना इकलौता बेटा बख्श दिया,ताकि जो कोई उस पर ईमान लाए हलाक़ न हो,बल्कि हमेशा की ज़िन्दगी पाए।
John 6:57 in Urdu 57 “जिस तरह ज़िन्दा बाप ने मुझे भेजा,और मैं बाप के जरिये से ज़िन्दा हूँ,इसी तरह वो भी जो मुझे खाएगा मेरे जरिये से ज़िन्दा रहेगा|"””
John 6:69 in Urdu 69 “और हम ईमान लाए और जान गए हैं कि,ख़ुदा का कुद्दूस तू ही है|"””
John 9:35 in Urdu 35 जब ईसा' को पता चला कि उसे निकाल दिया गया है तो वह उस को मिला और पूछा, “क्या तू इब्न-ए-आदम पर ईमान रखता है?”
John 10:11 in Urdu 11 अच्छा चरवाहा मैं हूँ। अच्छा चरवाहा अपनी भेड़ों के लिए अपनी जान देता है।
John 14:19 in Urdu 19 थोड़ी देर के बाद दुनिया मुझे नहीं देखेगी, लेकिन तुम मुझे देखते रहोगे। चूँकि मैं ज़िन्दा हूँ इस लिए तुम भी ज़िन्दा रहोगे।
John 15:13 in Urdu 13 इस से बड़ी मुहब्बत है नहीं कि कोई अपने दोस्तों के लिए अपनी जान दे दे।
John 17:21 in Urdu 21 ताकि सब एक हों। जिस तरह तू ऐ बाप, मुझ में है और मैं तुझ में हूँ उसी तरह वह भी हम में हों ताकि दुनिया यक़ीन करे कि तू ने मुझे भेजा है।
Acts 8:36 in Urdu 36 और राह में चलते चलते किसी पानी की जगह पर पहूँचे; ख़ोजे ने कहा, “ देख पानी मौजूद है अब मुझे बपतिस्मा लेने से कौन सी चीज़ रोकती है?”
Romans 1:17 in Urdu 17 इस वास्ते कि उसमें ख़ुदा की रास्तबाज़ी ईमान से “और ईमान के लिए ज़ाहिर होती है जैसा लिखा है ”रास्तबाज़ ईमान से जीता रहेगा'
Romans 5:2 in Urdu 2 जिस के वसीले से ईमान की वजह से उस फ़ज़ल तक हमारी रिसाई भी हुई जिस पर क़ायम हैं और ख़ुदा के जलाल की उम्मीद पर फ़ख़्र करें।
Romans 6:4 in Urdu 4 पस मौत में शामिल होने के बपतिस्मे के वसीले से हम उसके साथ दफ़्न हुए ताकि जिस तरह मसीह बाप के जलाल के वसीले से मुर्दों में से जिलाया गया; उसी तरह हम भी नई ज़िन्दगी में चलें।
Romans 6:8 in Urdu 8 पस जब हम मसीह के साथ मरे तो हमें यक़ीन है कि उसके साथ जिएँगे भी।
Romans 6:13 in Urdu 13 और अपने आ'ज़ा नारास्ती के हथियार होने के लिए गुनाह के हवाले न करो; बल्कि अपने आपको मुर्दो में से ज़िन्दा जानकर ख़ुदा के हवाले करो और अपने आ'ज़ा रास्तबाज़ी के हथियार होने के लिए ख़ुदा के हवाले करो।
Romans 8:2 in Urdu 2 क्यूँकि ज़िन्दगी के रूह को शरी'अत ने मसीह ईसा' में मुझे गुनाह और मौत की शरी'अत से आज़ाद कर दिया।
Romans 8:37 in Urdu 37 मगर उन सब हालतों में उसके वसीले से जिसने हम सब से मुहब्बत की हम को जीत से भी बढ़कर ग़लबा हासिल होता है।
2 Corinthians 1:24 in Urdu 24 ये नहीं कि हम ईमान के बारे में तुम पर हुकूमत जताते हैं बल्कि ख़ुशी में तुम्हारे मददगार हैं क्यूँकि तुम ईमान ही से क़ायम रहते हो।
2 Corinthians 4:10 in Urdu 10 हम हर वक़्त अपने बदन में ईसा' की मौत लिए फिरते हैं ताकि ईसा' की ज़िन्दगी भी हमारे बदन में ज़ाहिर हो।
2 Corinthians 5:7 in Urdu 7 क्यूँकि हम ईमान पर चलते हैं न कि आँखों देखे पर।
2 Corinthians 5:15 in Urdu 15 और वो इसलिए सब के वास्ते मरा कि जो जीते हैं वो आगे को अपने लिए न जिए बल्कि उसके लिए जो उन के वास्ते मरा और फिर जी उठा।
2 Corinthians 10:3 in Urdu 3 क्यूँकि हम अगरचे जिस्म में ज़िन्दगी गुज़ारते हैं मगर जिस्म के तौर पर लड़ते नहीं।
2 Corinthians 13:3 in Urdu 3 क्यूंकि तुम इसकी दलील चाहते हो कि मसीह मुझ में बोलता हैं ,और वो तुम्हारे लिए कमज़ोर नहीं बल्कि तुम में ताक़तवर है |
2 Corinthians 13:5 in Urdu 5 तुम अपने आप को आज़माओ कि ईमान पर हो या नहीं |अपने आप को जाँचो तुम अपने बारे में ये नहीं जानते हो कि ईसा' मसीह तुम में है ?वर्ना तुम नामक़बूल हो |
Galatians 1:4 in Urdu 4 उसी ने हमारे गुनाहों के लिए अपने आप को दे दिया;ताकि हमारे ख़ुदा और बाप की मर्ज़ी के मुवाफ़िक़ हमें इस मौजूदा ख़राब जहान से ख़लासी बख्शे|
Galatians 2:16 in Urdu 16 तोभी ये जान कर कि आदमी शरीअत के आमाल से नहीं बल्कि सिर्फ़ ईसा' मसीह पर ईमान लाने से रास्तबाज़ ठहरता है ख़ुद भी मसीह ईसा' पर ईमान लाने से रास्तबाज़ ठहरें न कि शरीअत के आमाल से क्यूंकि शरीअत के अमाल से कोई भी बशर रास्त बाज़ न ठहरेगा |
Galatians 3:11 in Urdu 11 और ये बात साफ़ है कि शरी'अत के वसीले से कोई इन्सान ख़ुदा के नज़दीक रास्तबाज़ नहीं ठहरता,क्यूंकि लिखा है,”रास्तबाज़ ईमान से जीता रहेगा|”
Galatians 5:24 in Urdu 24 और जो मसीह ईसा' के हैं उन्होंने जिस्म को उसकी रगबतों और ख्वाहिशों समेत सलीब पर खींच दिया है|
Galatians 6:14 in Urdu 14 लेकिन ख़ुदा न करे कि मैं किसी चीज पर फ़ख्र ,करूं सिवा अपने ख़ुदावन्द मसीह ईसा' की सलीब के, जिससे दुनिया मेरे ए'तिबार से|
Ephesians 2:4 in Urdu 4 मगर ख़ुदा ने अपने रहम की दौलत से, उस बड़ी मुहब्बत की वजह से जो उसने हम से की,
Ephesians 3:17 in Urdu 17 और ईमान के वसीले से मसीह तुम्हारे दिलों में सुकूनत करे ताकि तुम मुहब्बत में जड़ पकड़ के और बुनियाद क़ायम करके,
Ephesians 5:2 in Urdu 2 और मुहब्बत से चलो जैसे मसीह ने तुम से मुहब्बत की, और हमारे वास्ते अपने आपको ख़ुशबू की तरह ख़ुदा की नज़्र करके क़ुर्बान किया।
Ephesians 5:25 in Urdu 25 ऐ शौहरो! अपनी बीवियों से मुहब्बत रख्खो, जैसे मसीह ने भी कलीसिया से मुहब्बत करके अपने आप को उसके वास्ते मौत के हवाले कर दिया,
Philippians 4:13 in Urdu 13 जो मुझे ताक़त बख़्शता है,उसमे मैं सब कुछ कर सकता हूँ|
Colossians 1:27 in Urdu 27 क्यूँकि ख़ुदा चाहता था कि वह जान लें कि ग़ैरयहूदियों में यह राज़ कितना बेशक़ीमती और जलाली है। और यह राज़ है क्या? यह कि मसीह तुम में है। वही तुम में है जिस के ज़रिए हम ख़ुदा के जलाल में शरीक होने की उम्मीद रखते हैं।
Colossians 2:11 in Urdu 11 उस में आते वक़्त तुम्हारा ख़तना भी करवाया गया। लेकिन यह ख़तना इन्सानी हाथों से नहीं किया गया बल्कि मसीह के वसीले से। उस वक़्त तुम्हारी पुरानी निस्बत उतार दी गई,
Colossians 3:3 in Urdu 3 क्यूँकि तुम मर गए हो और अब तुम्हारी ज़िन्दगी मसीह के साथ ख़ुदा में छुपी है।
1 Thessalonians 1:10 in Urdu 10 और उसके बेटे के आसमान पर से आने के इन्तिज़ार मे रहो, जिसे उस ने मुर्दों में से जिलाया या'नी ईसा' मसीह” के जो हम को आने वाले ग़ज़ब से बचाता है।
1 Thessalonians 5:10 in Urdu 10 वो हमारी ख़ातिर इसलिए मरा , कि हम जागते हों या सोते हों सब मिलकर उसी के साथ जिएँ।
Titus 2:14 in Urdu 14 जिस ने अपने आपको हमारे लिए दे दिया, ताकि फ़िदिया होकर हमें हर तरह की बेदीनी से छुड़ाले, और पाक करके अपनी ख़ास मिल्कियत के लिए ऐसी उम्मत बनाए जो नेक कामों में सरगर्म हो।
1 Peter 1:8 in Urdu 8 उससे तुम अनदेखी मुहब्बत रखते हो और अगरचे इस वक़्त उसको नहीं देखते तो भी उस पर ईमान लाकर ऐसी ख़ुशी मानाते हो जो बयान से बाहर और जलाल से भरी है;
1 Peter 4:1 in Urdu 1 पस जबकि मसीह ने जिस्म के ऐ'तिबार से दुःख उठाया, तो तुम भी ऐसे ही मिज़ाज इख़्तियार करके हथियारबन्द बनो; क्योंकि जिसने जिस्म के ऐ'तबार से दुख उठाया उसने गुनाह से छुटकारा पाया |
1 John 1:7 in Urdu 7 लेकिन जब हम नूर में चलें जिस तरह कि वो नूर में हैं , तो हमारा आपस मे मेल मिलाप है ,और उसके बेटे ईसा' का खून हमें तमाम गुनाह से पाक करता है |
1 John 4:9 in Urdu 9 जो मुहब्बत ख़ुदा को हम से है, वो इससे ज़ाहिर हुई कि ख़ुदा ने अपने इकलौते बेटे को दुनिया में भेजा है ताकि हम उसके वसीले से ज़िन्दा रहें |
1 John 4:14 in Urdu 14 और हम ने देख लिया है और गवाही देते हैं कि बाप ने बेटे को दुनिया का मुन्जी करके भेजा है |
1 John 5:10 in Urdu 10 जो ख़ुदा के बेटे पर ईमान रखता है ,वो अपने आप में गवाही रखता है |जिसने ख़ुदा का यक़ीन नहीं किया उसने उसे झूटा ठहराया, क्यूँकि वो उस गवाही पर जो ख़ुदा ने अपने बेटे के हक़ में दी है ,ईमान नही लाया
1 John 5:20 in Urdu 20 और ये भी जानते है कि ख़ुदा का बेटा आ गया है ,और उसने हमे समझ बख़्शी है ताकि उसको जो हक़ीक़ी है जानें और हम उसमें जो हक़ीक़ी है ,या'नी उसके बेटे ईसा' मसीह” में हैं, |हक़ीक़ी ख़ुदा और हमेशा की ज़िन्दगी यही है |
Revelation 1:5 in Urdu 5 और ईसा ' मसीह की तरफ़ से जो सच्चे गवाह और मुर्दों में से जी उठनेवालों में पहलौठा और दुनियाँ के बादशाहों पर हाकिम है, तुम्हें फ़ज़ल और इत्मीनान हासिल होता रहे | जो हम से मुहब्बत रखता है, और जिसने अपने ख़ून के वसीले से हम को गुनाहों से मु'आफ़ी बख्शी,
Revelation 3:20 in Urdu 20 देख, मैं दरवाज़े पर खड़ा हुआ खटखटाता हूँ; अगर कोई मेरी आवाज़ सुनकर दरवाज़ा खोलेगा, तो मैं उसके पास अन्दर जाकर उसके साथ खाना खाऊँगा और वो मेरे साथ |