Romans 6:13 in Urdu 13 और अपने आ'ज़ा नारास्ती के हथियार होने के लिए गुनाह के हवाले न करो; बल्कि अपने आपको मुर्दो में से ज़िन्दा जानकर ख़ुदा के हवाले करो और अपने आ'ज़ा रास्तबाज़ी के हथियार होने के लिए ख़ुदा के हवाले करो।
Other Translations King James Version (KJV) Neither yield ye your members as instruments of unrighteousness unto sin: but yield yourselves unto God, as those that are alive from the dead, and your members as instruments of righteousness unto God.
American Standard Version (ASV) neither present your members unto sin `as' instruments of unrighteousness; but present yourselves unto God, as alive from the dead, and your members `as' instruments of righteousness unto God.
Bible in Basic English (BBE) And do not give your bodies to sin as the instruments of wrongdoing, but give yourselves to God, as those who are living from the dead, and your bodies as instruments of righteousness to God.
Darby English Bible (DBY) Neither yield your members instruments of unrighteousness to sin, but yield yourselves to God as alive from among [the] dead, and your members instruments of righteousness to God.
World English Bible (WEB) Neither present your members to sin as instruments of unrighteousness, but present yourselves to God, as alive from the dead, and your members as instruments of righteousness to God.
Young's Literal Translation (YLT) neither present ye your members instruments of unrighteousness to the sin, but present yourselves to God as living out of the dead, and your members instruments of righteousness to God;
Cross Reference Luke 15:24 in Urdu 24 क्यूँकि मेरा ये बेटा मुर्दा था, अब ज़िन्दा हुआ; खो गया था, अब मिला है |' पस वो ख़ुशी मनाने लगे |
Luke 15:32 in Urdu 32 “ लेकिन ख़ुशी मनाना और शादमान होना मुनासिब था, क्यूँकि तेरा ये भाई मुर्दा था अब ज़िन्दा हुआ, खोया था अब मिला है' |""”
John 5:24 in Urdu 24 मैंतुम से सच कहता हूँ कि जो मेरा कलाम सुनता और मेरे भेजने वाले का यकीन करता है,हमेशा की ज़िन्दगी उसकी है और उस पर सज़ा का हुक्म नहीं होता बल्कि वो मौत से निकलकर ज़िन्दगी में दाखिल हो गया है|”
Romans 1:29 in Urdu 29 पस वो हर तरह की नारासती बदी लालच और बदख़्वाही से भर गए, ख़ूनरेजी, झगड़े, मक्कारी और अदावत से मा'मूर हो गए, और ग़ीबत करने वाले।
Romans 2:8 in Urdu 8 मगर जो ना इत्तफ़ाक़ी अन्दाज़ और हक़ के न माननेवाले बल्कि नारास्ती के माननेवाले हैं उन पर ग़ज़ब और क़हर होगा।
Romans 6:11 in Urdu 11 इसी तरह तुम भी अपने आपको गुनाह के ऐ'तिबार से मुर्दा ; मगर ख़ुदा के ए'तिबार से मसीह ईसा' में ज़िन्दा समझो।
Romans 6:16 in Urdu 16 क्या तुम नहीं जानते, कि जिसकी फ़रमाँबरदारी के लिए अपने आप को ग़ुलामों की तरह हवाले कर देते हो, उसी के ग़ुलाम हो जिसके फ़रमाँबरदार हो चाहे गुनाह के जिसका अंजाम मौत है चाहे फ़रमाँबरदारी के जिस का अंजाम रास्तबाज़ी है?
Romans 6:19 in Urdu 19 मैं तुम्हारी इन्सानी कमज़ोरी की वजह से इन्सानी तौर पर कहता हूँ; जिस तरह तुम ने अपने आ'ज़ा बदकारी करने के लिए नापाकी और बदकारी की ग़ुलामी के हवाले किए थे उसी तरह अब अपने आ'ज़ा पाक होने के लिए रास्तबाज़ी की ग़ुलामी के हवाले कर दो।
Romans 7:5 in Urdu 5 क्यूंकि जब हम जिस्मानी थे गुनाह की ख़्वाहिशें जो शरी'अत के ज़रि'ए पैदा होती थीं मौत का फल पैदा करने के लिए हमारे आ'ज़ा में तासीर करती थी।
Romans 7:23 in Urdu 23 मगर मुझे अपने आ'ज़ा में एक और तरह की शरी'अत नज़र आती है जो मेरी अक़्ल की शरी'अत से लड़कर मुझे उस गुनाह की शरी'अत की क़ैद में ले आती है; जो मेरे आ'ज़ा में मौजूद है।
Romans 12:1 in Urdu 1 ऐ भाइयो! मैं ख़ुदा की रहमतें याद दिला कर तुम से गुज़ारिश करता हूँ कि अपने बदन ऐसी कुर्बानी होने के लिए पेश करो जो ज़िन्दा और पाक और ख़ुदा को पसन्दीदा हो यही तुम्हारी मा'क़ूल इबादत है।
1 Corinthians 6:9 in Urdu 9 क्या तुम नहीं जानते कि बदकार ख़ुदा की बादशाही के वारिस न होंगे धोखा न खाओ न हरामकार ख़ुदा की बादशाही के वारिस होंगे न बुतपरस्त, न ज़िनाकार, न अय्याश, न लौंडे बाज़,
1 Corinthians 6:15 in Urdu 15 क्या तुम नहीं जानते कि तुम्हारे बदन मसीह के आ'ज़ा है? पस क्या मैं मसीह के आ'ज़ा लेकर कस्बी के आ'ज़ा बनाऊँ हरगिज़ नहीं।
1 Corinthians 6:20 in Urdu 20 क्यूँकि क़ीमत से ख़रीदे गए हो; पस अपने बदन से ख़ुदा का जलाल ज़ाहिर करो।
2 Corinthians 5:15 in Urdu 15 और वो इसलिए सब के वास्ते मरा कि जो जीते हैं वो आगे को अपने लिए न जिए बल्कि उसके लिए जो उन के वास्ते मरा और फिर जी उठा।
2 Corinthians 8:5 in Urdu 5 और हमारी उम्मीद के मुवाफ़िक़ ही नहीं दिया बल्कि अपने आप को पहले ख़ुदावन्द के और फिर ख़ुदा की मर्ज़ी से हमारे सुपुर्द किया।
2 Corinthians 10:4 in Urdu 4 इस लिए कि हमारी लड़ाई के हथियार जिस्मानी नहीं बल्कि ख़ुदा के नज़दीक क़िलों को ढा देने के क़ाबिल हैं।
Ephesians 2:5 in Urdu 5 कि अगर्चे हम अपने गुनाहों में मुर्दा थे तो भी उसने हमें मसीह के साथ ज़िन्दा कर दिया आपको ख़ुदा के फ़ज़ल ही से नजात मिली है
Ephesians 5:14 in Urdu 14 इसलिए वो फ़रमाता है, “ऐ सोने वाले, जाग और मुर्दों में से जी उठ, तो मसीह का नूर तुझ पर चमकेगा।”
Philippians 1:20 in Urdu 20 चुनाँचे मेरी दिली आरज़ू और उम्मीद यही है कि, मैं किसी बात में शरमिंदा न हूँ बल्कि मेरी कमाल दिलेरी के ज़रिए जिस तरह मसीह की ताज़ीम मेरे बदन की वजह से हमेशा होती रही है उसी तरह अब भी होगी,चाहे मैं ज़िंदा रहूँ चाहे मरूँ|
Colossians 2:13 in Urdu 13 पहले तुम अपने गुनाहों और नामख़्तून जिस्मानी हालत की वजह से मुर्दा थे, लेकिन अब ख़ुदा ने तुमको मसीह के साथ ज़िन्दा कर दिया है। उस ने हमारे तमाम गुनाहों को मुआफ़ कर दिया है।
Colossians 3:5 in Urdu 5 चुनाँचे उन दुनियावी चीज़ों को मार डालो जो तुम्हारे अन्दर काम कर रही हैं : ज़िनाकारी, नापाकी, शहवतपरस्ती, बुरी ख़्वाहिशात और लालच (लालच तो एक क़िस्म की बुतपरस्ती है)।
2 Thessalonians 2:12 in Urdu 12 और जितने लोग हक़ का यक़ीन नहीं करते बल्कि नारास्ती को पसंद करते हैं; वो सज़ा पाएँगे ।
James 3:5 in Urdu 5 इसी तरह जबान भी एक छोटा सा 'उज़्व है और बड़ी शेखी मारती है |देखो थोड़ी सी आग से कितने बड़े जंगल में आग लग जाती है |
James 4:1 in Urdu 1 तुम में लड़ाइयां और झगड़े कहाँ से आ गए? क्या उन ख़्वाहिशों से नहीं जो तुम्हारे आज़ा में फ़साद करती हैं।
1 Peter 2:24 in Urdu 24 वो आप हमारे गुनाहों को अपने बदन पर लिए हुए सलीब पर चढ़ गया, ताकि हम गुनाहों के ऐ'तबार से जिएँ; और उसी के मार खाने से तुम ने शिफ़ा पाई |
1 Peter 4:2 in Urdu 2 ताकि आइन्दा को अपनी बाक़ी जिस्मानी ज़िन्दगी आदमियों की ख़्वाहिशों के मुताबिक़ न गुज़ारे बल्कि ख़ुदा की मर्ज़ी के मुताबिक़ |
2 Peter 2:13 in Urdu 13 दूसरों को बुरा करने के बदले इन ही का बुरा होगा | इनको दिन दहाड़े अय्याशी करने में मज़ा आता है |ये दाग़ और ऐबदार हैं |जब तुम्हारे साथ खाते पीते हैं , तो अपनी तरफ़ से मुहब्बत की ज़ियाफ़त करके 'ऐश - ओ -'इशरत करते हैं |
1 John 1:9 in Urdu 9 अगर अपने गुनाहों का इक़रार करें ,तो वो हमारे गुनाहों को मु'आफ़ करने और हमें सारी नारास्ती से पाक करने में सच्चा और 'आदिल है |