Romans 12:2 in Urdu 2 और इस जहान के हमशक्ल न बनो बल्कि अक़्ल नई हो जाने से अपनी सूरत बदलते जाओ ताकि ख़ुदा की नेक और पसन्दीदा और कामिल मर्ज़ी को तजुर्बा से मा'लूम करते रहो।
Other Translations King James Version (KJV) And be not conformed to this world: but be ye transformed by the renewing of your mind, that ye may prove what is that good, and acceptable, and perfect, will of God.
American Standard Version (ASV) And be not fashioned according to this world: but be ye transformed by the renewing of your mind, and ye may prove what is the good and acceptable and perfect will of God.
Bible in Basic English (BBE) And let not your behaviour be like that of this world, but be changed and made new in mind, so that by experience you may have knowledge of the good and pleasing and complete purpose of God.
Darby English Bible (DBY) And be not conformed to this world, but be transformed by the renewing of [your] mind, that ye may prove what [is] the good and acceptable and perfect will of God.
World English Bible (WEB) Don't be conformed to this world, but be transformed by the renewing of your mind, so that you may prove what is the good, well-pleasing, and perfect will of God.
Young's Literal Translation (YLT) and be not conformed to this age, but be transformed by the renewing of your mind, for your proving what `is' the will of God -- the good, and acceptable, and perfect.
Cross Reference John 7:7 in Urdu 7 दुनिया तुम से'दुश्मनी नहीं रख सकती लेकिन मुझ से रखती है,क्यूँकि मैं उस पर गवाही देता हूँ कि उसके काम बुरे हैं|
John 14:30 in Urdu 30 अब से मैं तुम से ज़्यादा बातें नहीं करूँगा, क्यूँकि इस दुनिया का बादशाह आ रहा है। उसे मुझ पर कोई क़ाबू नहीं है,
John 15:19 in Urdu 19 अगर तुम दुनिया के होते तो दुनिया तुम को अपना समझ कर प्यार करती। लेकिन तुम दुनिया के नहीं हो। मैं ने तुम को दुनिया से अलग करके चुन लिया है। इस लिए दुनिया तुम से दुश्मनी रखती है।
John 17:14 in Urdu 14 मैं ने उन्हें तेरा कलाम दिया है और दुनिया ने उन से दुश्मनी रखी, क्यूँकि यह दुनिया के नहीं हैं, जिस तरह मैं भी दुनिया का नहीं हूँ।
Romans 7:12 in Urdu 12 पस शरी'अत पाक है और हुक्म भी पाक और रास्ता भी अच्छा है।
Romans 7:14 in Urdu 14 क्या हम जानते हैं कि शरी'अत तो रूहानी है मगर मैं जिस्मानी और गुनाह के हाथ बिका हुआ हूँ।
Romans 7:22 in Urdu 22 क्यूंकि बातिनी इंसानियत के ऐतबार से तो मैं ख़ुदा की शरी'अत को बहुत पसन्द करता हूँ।
Romans 12:1 in Urdu 1 ऐ भाइयो! मैं ख़ुदा की रहमतें याद दिला कर तुम से गुज़ारिश करता हूँ कि अपने बदन ऐसी कुर्बानी होने के लिए पेश करो जो ज़िन्दा और पाक और ख़ुदा को पसन्दीदा हो यही तुम्हारी मा'क़ूल इबादत है।
Romans 13:14 in Urdu 14 बल्कि ख़ुदावन्द ईसा' मसीह को पहन लो और जिस्म की ख़वाहिशों के लिए तदबीरें न करो।
1 Corinthians 3:19 in Urdu 19 क्यूँकि दुनियाँ की हिक्मत ख़ुदा के नज़दीक बेवक़ूफ़ी है: चुनाँचे लिखा है, “वो हकीमों को उन ही की चालाकी में फँसा देता है। ”
2 Corinthians 4:4 in Urdu 4 या'नी उन बे'ईमानों के वास्ते जिनकी अक़्लों को इस जहाँन के ख़ुदा ने अँधा कर दिया है ताकि मसीह जो ख़ुदा की सूरत है उसके जलाल की ख़ुशख़बरी की रौशनी उन पर न पड़े।
2 Corinthians 5:17 in Urdu 17 इसलिए अगर कोई मसीह में है तो वो नया मख़लूक़ है पूरानी चीज़ें जाती रहीं; देखो वो नई हो गईं।
2 Corinthians 6:14 in Urdu 14 बे'ईमानों के साथ ना हमवार जूए में न जुतो, क्यूंकि रास्तबाज़ी और बेदीनी में क्या मेल जोल? या रौशनी और तारीकी में क्या रिश्ता?
Galatians 1:4 in Urdu 4 उसी ने हमारे गुनाहों के लिए अपने आप को दे दिया;ताकि हमारे ख़ुदा और बाप की मर्ज़ी के मुवाफ़िक़ हमें इस मौजूदा ख़राब जहान से ख़लासी बख्शे|
Galatians 5:22 in Urdu 22 मगर रूह का फल मुहब्बत, ख़ुशी, इत्मिनान, सब्र, मेहरबनी, नेकी, ईमानदारी
Ephesians 1:18 in Urdu 18 और तुम्हारे दिल की आँखें रौशन हो जाएँ ताकि तुम को मालूम हो कि उसके बुलाने से कैसी कुछ उम्मीद है, और उसकी मीरास के जलाल की दौलत मुक़द्दसों में कैसी कुछ है,
Ephesians 2:2 in Urdu 2 जिनमें तुम पहले दुनियाँ की रविश पर चलते थे, और हवा की 'अमलदारी के हाकिम या'नी उस रूह की पैरवी करते थे जो अब नाफ़रमानी के फ़रज़न्दों में तासीर करती है ।
Ephesians 4:17 in Urdu 17 इस लिए मैं ये कहता हूँ और ख़ुदावन्द में जताए देता हूँ कि जिस तरह ग़ैर-क़ौमें अपने बेहूदा ख़यालात के मुवाफ़िक़ चलती हैं,तुम आइन्दा को उस तरह न चलना |
Ephesians 4:22 in Urdu 22 कि तुम अपने अगले चाल-चलन की पुरानी इन्सानियत को उतार डालो, जो धोके की शहवतों की वजह से ख़राब होती जाती है
Ephesians 5:9 in Urdu 9 (इसलिए कि नूर का फल हर तरह की नेकी और रास्तबाज़ी और सच्चाई है)।
Ephesians 5:17 in Urdu 17 इस वजह से नादान न बनो, बल्कि ख़ुदावन्द की मर्ज़ी को समझो कि क्या है।
Colossians 1:21 in Urdu 21 तुम भी पहले ख़ुदा के सामने अजनबी थे और दुश्मन की तरह सोच रख कर बुरे काम करते थे।
Colossians 3:10 in Urdu 10 साथ साथ तुमने नई फ़ितरत पहन ली है, वह फ़ितरत जिस की ईजाद हमारा ख़ालिक़ अपनी सूरत पर करता जा रहा है ताकि तुम उसे और बेहतर तौर पर जान लो।
Colossians 4:12 in Urdu 12 मसीह ईसा' का ख़ादिम इपफ़्रास भी जो तुम्हारी जमाअत से है सलाम कहता है। वह हर वक़्त बड़ी जद्द-ओ-जह्द के साथ तुम्हारे लिए दुआ करता है। उस की ख़ास दुआ यह है कि तुम मज़्बूती के साथ खड़े रहो, कि तुम बालिग़ मसीही बन कर हर बात में ख़ुदा की मर्ज़ी के मुताबिक़ चलो।
1 Thessalonians 4:3 in Urdu 3 चुनाँचे ख़ुदा की मर्ज़ी ये है कि तुम पाक बनो, या'नी हरामकारी से बचे रहो।
2 Timothy 3:16 in Urdu 16 हर एक सहीफ़ा जो ख़ुदा के इल्हाम से है ता'लीम और इल्ज़ाम और इस्लाह और रास्तबाज़ी में तरबियत करने के लिए फ़ाइदे मन्द भी है।
Titus 3:5 in Urdu 5 तो उस ने हम को नजात दी; मगर रास्तबाज़ी के कामों के ज़रिये से नहीं जो हम ने ख़ुद किए, बल्कि अपनी रहमत के मुताबिक़ पैदाइश के ग़ुस्ल और रूह-उल-क़ुद्दूस के हमें नया बनाने के वसीले से।
James 1:27 in Urdu 27 हमारे ख़ुदा और बाप के नज़दीक ख़ालिस और बेऐब दीनदारी ये है कि यतीमों और बेवाओं की मुसीबत के वक़्त उनकी ख़बर लें; और अपने आप को दुनिया से बे'दाग़ रख़ें।
James 4:4 in Urdu 4 ऐ,ज़िना करने वालियों क्या तुम्हें नहीं मा'लूम कि दुनिया से दोस्ती रखना ख़ुदा से दुश्मनी करना है ? पस जो कोई दुनिया का दोस्त बनना चाहता है वो अपने आप को ख़ुदा का दुश्मन बनाता है।
1 Peter 1:14 in Urdu 14 और फ़रमाँबरदार बेटा होकर अपनी जहालत के ज़माने की पुरानी ख़्वाहिशों के ताबे' न बनो |
1 Peter 1:18 in Urdu 18 क्योंकि तुम जानते हो कि तुम्हारा निकम्मा चाल-चलन जो बाप-दादा से चला आता था, उससे तुम्हारी ख़लासी फ़ानी चीज़ों या'नी सोने चाँदी के ज़रि'ए से नहीं हुई;
1 Peter 2:3 in Urdu 3 अगर तुम ने ख़ुदावन्द के मेहरबान होने का मज़ा चखा है |
1 Peter 4:2 in Urdu 2 ताकि आइन्दा को अपनी बाक़ी जिस्मानी ज़िन्दगी आदमियों की ख़्वाहिशों के मुताबिक़ न गुज़ारे बल्कि ख़ुदा की मर्ज़ी के मुताबिक़ |
2 Peter 1:4 in Urdu 4 जिनके ज़रिए उसने हम से क़ीमती और निहायत बड़े वा'दे किए ; ताकि उनके वसीले से तुम उस ख़राबी से छूटकर ,जो दुनिया में बुरी ख़्वाहिश की वजह से है ,ज़ात-ए-इलाही में शरीक हो जाओ |
2 Peter 2:20 in Urdu 20 जब वो ख़ुदावन्द और मुन्जी ईसा' मसीह की पहचान के वसीले से दुनिया की आलूदगी से छुट कर, फिर उनमें फँसे और उनसे मग़लूब हुए, तो उनका पिछला हाल पहले से भी बदतर हुआ।
1 John 2:15 in Urdu 15 न दुनिया से मुहब्बत रख्खो ,न उन चीज़ों से जो दुनियाँ में हैं| जो कोई दुनिया से मुहब्बत रखता है ,उसमे बाप की मुहब्बत नहीं |
1 John 3:13 in Urdu 13 ऐ भाइयों !अगर दुनिया तुम से 'दुश्मनी रखती है तो ताअ'ज्जुब न करो |
1 John 4:4 in Urdu 4 ऐ बच्चों! तुम ख़ुदा से हो और उन पर ग़ालिब आ गए हो , क्यूँकि जो तुम में है वो उससे बड़ा है जो दुनिया में है |
1 John 5:19 in Urdu 19 हम जानते हैं कि हम ख़ुदा से हैं , और सारी दुनिया उस शैतान के क़ब्ज़े में पड़ी हुई है |
Revelation 12:9 in Urdu 9 और बड़ा अज़दहा, या'नी वही पुराना साँप जो इब्लीस और शैतान कहलाता है और सारे दुनियाँ को गुमराह कर देता है, ज़मीन पर गिरा दिया गया और उसके फ़रिश्ते भी उसके साथ गिरा दिए गए |
Revelation 13:8 in Urdu 8 और ज़मीन के वो सब रहनेवाले जिनका नाम उस बर्रे की किताब-ए-हयात में लिखे नहीं गए जो दुनियाँ बनाने के वक़्त से ज़बह हुआ है, उस हैवान की 'इबादत करेंगे