Romans 12:1 in Urdu 1 ऐ भाइयो! मैं ख़ुदा की रहमतें याद दिला कर तुम से गुज़ारिश करता हूँ कि अपने बदन ऐसी कुर्बानी होने के लिए पेश करो जो ज़िन्दा और पाक और ख़ुदा को पसन्दीदा हो यही तुम्हारी मा'क़ूल इबादत है।
Other Translations King James Version (KJV) I beseech you therefore, brethren, by the mercies of God, that ye present your bodies a living sacrifice, holy, acceptable unto God, which is your reasonable service.
American Standard Version (ASV) I beseech you therefore, brethren, by the mercies of God, to present your bodies a living sacrifice, holy, acceptable to God, `which is' your spiritual service.
Bible in Basic English (BBE) For this reason I make request to you, brothers, by the mercies of God, that you will give your bodies as a living offering, holy, pleasing to God, which is the worship it is right for you to give him.
Darby English Bible (DBY) I beseech you therefore, brethren, by the compassions of God, to present your bodies a living sacrifice, holy, acceptable to God, [which is] your intelligent service.
World English Bible (WEB) Therefore I urge you, brothers, by the mercies of God, to present your bodies a living sacrifice, holy, acceptable to God, which is your spiritual service.
Young's Literal Translation (YLT) I call upon you, therefore, brethren, through the compassions of God, to present your bodies a sacrifice -- living, sanctified, acceptable to God -- your intelligent service;
Cross Reference Luke 7:47 in Urdu 47 “ इसी लिए मैं तुझ से कहता हूँ कि इसके गुनाह जो बहुत थे मु'आफ़ हुए क्यूँकि इसने बहुत मुहब्बत की, मगर जिसके थोड़े गुनाह मु'आफ़ हुए वो थोड़ी मुहब्बत करता है |""”
Romans 2:4 in Urdu 4 या तू उसकी महरबानी और बरदाश्त और सब्र की दौलत को नाचीज़ जानता है और नहीं समझता कि ख़ुदा की महरबानी तुझ को तौबा की तरफ़ माएल करती है।
Romans 6:13 in Urdu 13 और अपने आ'ज़ा नारास्ती के हथियार होने के लिए गुनाह के हवाले न करो; बल्कि अपने आपको मुर्दो में से ज़िन्दा जानकर ख़ुदा के हवाले करो और अपने आ'ज़ा रास्तबाज़ी के हथियार होने के लिए ख़ुदा के हवाले करो।
Romans 6:16 in Urdu 16 क्या तुम नहीं जानते, कि जिसकी फ़रमाँबरदारी के लिए अपने आप को ग़ुलामों की तरह हवाले कर देते हो, उसी के ग़ुलाम हो जिसके फ़रमाँबरदार हो चाहे गुनाह के जिसका अंजाम मौत है चाहे फ़रमाँबरदारी के जिस का अंजाम रास्तबाज़ी है?
Romans 6:19 in Urdu 19 मैं तुम्हारी इन्सानी कमज़ोरी की वजह से इन्सानी तौर पर कहता हूँ; जिस तरह तुम ने अपने आ'ज़ा बदकारी करने के लिए नापाकी और बदकारी की ग़ुलामी के हवाले किए थे उसी तरह अब अपने आ'ज़ा पाक होने के लिए रास्तबाज़ी की ग़ुलामी के हवाले कर दो।
Romans 9:23 in Urdu 23 और ये इसलिए हुआ कि अपने जलाल की दौलत रहम के बर्तनों के ज़रीए से ज़ाहिर करे जो उस ने जलाल के लिए पहले से तैयार किए थे।
Romans 11:30 in Urdu 30 क्यूँकि जिस तरह तुम पहले ख़ुदा के नाफ़रमान थे मगर अब इनकी नाफ़रमानी की वजह से तुम पर रहम हुआ।
Romans 12:2 in Urdu 2 और इस जहान के हमशक्ल न बनो बल्कि अक़्ल नई हो जाने से अपनी सूरत बदलते जाओ ताकि ख़ुदा की नेक और पसन्दीदा और कामिल मर्ज़ी को तजुर्बा से मा'लूम करते रहो।
Romans 15:16 in Urdu 16 कि मैं ख़ुदा की ख़ुशख़बरी की ख़िदमत इमाम की तरह अंजाम दूँ ताकि ग़ैर क़ौमें नज़्र के तौर पर रूह- उल क़ुद्दूस से मुक़द्दस बन कर मक़्बूल हो जाएँ।
Romans 15:30 in Urdu 30 ऐ, भाइयो; मैं ईसा' मसीह का जो हमारा ख़ुदावन्द है वास्ता देकर और रूह की मुहब्बत को याद दिला कर तुम से गुज़ारिश करता हूँ कि मेरे लिए ख़ुदा से दुआ करने में मेरे साथ मिल कर मेहनत करो।
1 Corinthians 1:10 in Urdu 10 अब ऐ भाइयो! ईसा' मसीह जो हमारा ख़ुदावन्द है, उसके नाम के वसीले से मैं तुम से इल्तिमास करता हूँ कि सब एक ही बात कहो, और तुम में तफ़्रके़ न हों, बल्कि एक साथ एक दिल और एक राय हो कर कामिल बने रहो।
1 Corinthians 5:7 in Urdu 7 पुराना ख़मीर निकाल कर अपने आप को पाक कर लो ताकि ताज़ा गुंधा हुआ आटा बन जाओ चुनाँचे तुम बे ख़मीर हो क्यूँकि हमारा भी फ़सह या'नी मसीह क़ुर्बान हुआ।
1 Corinthians 6:13 in Urdu 13 खाना पेट के लिए हैं और पेट खाने के लिए लेकिन ख़ुदा उसको और इनको नेस्त करेगा मगर बदन हरामकारी के लिए नहीं बल्कि ख़ुदावन्द के लिए है और ख़ुदावन्द बदन के लिए।
2 Corinthians 4:1 in Urdu 1 पस जब हम पर ऐसा रहम हुआ कि हमें ये ख़िदमत मिली, तो हम हिम्मत नहीं हारते।
2 Corinthians 4:16 in Urdu 16 इसलिए हम हिम्मत नहीं हारते बल्कि चाहे हमारी ज़ाहिरी इन्सानियत ज़ा'इल हो जाती है फिर भी हमारी बातनी इन्सानियत रोज़ ब, रोज़ नई होती जाती है।
2 Corinthians 5:14 in Urdu 14 क्यूँकि मसीह की मुहब्बत हम को मजबूर कर देती है इसलिए कि हम ये समझते है कि जब एक सब के वास्ते मरा तो सब मर गए।
2 Corinthians 5:20 in Urdu 20 पस हम मसीह के एल्ची हैं और गोया हमारे वसीले से ख़ुदा इल्तिमास करता है; हम मसीह की तरफ़ से मिन्नत करते हैं कि ख़ुदा से मेल मिलाप कर लो।
2 Corinthians 6:1 in Urdu 1 हम जो उस के साथ काम में शरीक हैं, ये भी गुज़ारिश करते हें कि ख़ुदा का फ़ज़ल जो तुम पर हुआ बे फ़ायदा न रहने दो |
2 Corinthians 10:1 in Urdu 1 मैं पौलुस जो तुम्हारे रू-ब-रू आजिज़ और पीठ पीछे तुम पर दिलेर हूँ मसीह का हिल्म और नर्मी याद दिलाकर ख़ूद तुम से गुज़ारिश करता हूँ।
Ephesians 2:4 in Urdu 4 मगर ख़ुदा ने अपने रहम की दौलत से, उस बड़ी मुहब्बत की वजह से जो उसने हम से की,
Ephesians 4:1 in Urdu 1 पस मैं जो ख़ुदावन्द में क़ैदी हूँ, तुम से गुज़ारिश करता हूँ कि जिस बुलावे से तुम बुलाए गए थे उसके मुवाफ़िक़ चाल चलो,।
Ephesians 5:10 in Urdu 10 और तजुरबे से मा'लूम करते रहो के खुदावन्द को क्या पसंद है।
Philippians 1:20 in Urdu 20 चुनाँचे मेरी दिली आरज़ू और उम्मीद यही है कि, मैं किसी बात में शरमिंदा न हूँ बल्कि मेरी कमाल दिलेरी के ज़रिए जिस तरह मसीह की ताज़ीम मेरे बदन की वजह से हमेशा होती रही है उसी तरह अब भी होगी,चाहे मैं ज़िंदा रहूँ चाहे मरूँ|
Philippians 2:1 in Urdu 1 पर अगर कुछ तसल्ली मसीह में और मुहब्बत की दिलजम'ई और रूह की शराकत और रहमदिली और -दर्द मन्दी है,
Philippians 2:17 in Urdu 17 और अगर मुझे तुम्हारे ईमान की क़ुर्बानी और ख़िदमत के साथ अपना ख़ून भी बहाना पड़े, तो भी खुश हूँ और तुम सब के साथ ख़ुशी करता हूँ|
Philippians 4:18 in Urdu 18 मेरे पास सब कुछ है, बल्कि बहुतायत से है; तुम्हारी भेजी हुई चीज़ों इप्फ़्र्दितुस के हाथ से लेकर मैं आसूदा हो गया हूँ, वो ख़ुशबू और मक़बूल क़ुर्बानी हैं जो ख़ुदा को पसन्दीदा है|
1 Thessalonians 4:1 in Urdu 1 ग़रज़ “ऐ भाइयो!, हम तुम से दरख़्वास्त करते हैं और ख़ुदावन्द ईसा में तुम्हें नसीहत करते हैं कि जिस तरह तुम ने हम से मुनासिब चाल चलने और “ख़ुदा”को ख़ुश करने की ता'लीम पाई और जिस तरह तुम चलते भी हो उसी तरह और तरक़्क़ी करते जाओ।
1 Thessalonians 4:10 in Urdu 10 और तमाम मकिदुनिया के सब भाइयों के साथ ऐसा ही करते हो “लेकिन ऐ भाइयो! हम तुम्हें नसीहत करते हैं कि तरक़्क़ी करते जाओ।
1 Thessalonians 5:12 in Urdu 12 और “ऐ भाइयो, हम तुम से दरख़्वास्त करते हैं, कि जो तुम में मेहनत करते और “ख़ुदावन्द” में तुम्हारे पेशवा हैं और तुम को नसीहत करते हैं उन्हें मानो।
1 Timothy 2:3 in Urdu 3 ये हमारे मुन्जी ख़ुदा के नज़दीक 'उम्दा और पसन्दीदा है।
1 Timothy 5:4 in Urdu 4 और अगर किसी बेवा के बेटे या पोते हों,तो वो पहले अपने ही घराने के साथ दीनदारी का बर्ताव करना,और माँ-बाप का हक़ अदा करना सीखें,क्यूँकि ये ख़ुदा के नज़दीक पसन्दीदा है|
Titus 3:4 in Urdu 4 मगर जब हमारे मुन्जी “ख़ुदा” की मेहरबानी और इन्सान के साथ उसकी उल्फ़त ज़ाहिर हुई।
Hebrews 10:20 in Urdu 20 अपने बदन की क़ुर्बानी से ईसा' ने उस कमरे के पर्दे में से गुज़रने का एक नया और ज़िन्दगीबख़्श रास्ता खोल दिया।
Hebrews 13:15 in Urdu 15 चुनाँचे आएँ, हम ईसा' के वसीले से ख़ुदा को हम्द-ओ-सना की क़ुर्बानी पेश करें, यानी हमारे होंटों से उस के नाम की तारीफ़ करने वाला फल निकले।
Hebrews 13:22 in Urdu 22 भाइयों! मेहरबानी करके नसीहत की इन बातों पर सन्जीदगी से ग़ौर करें, क्यूँकि मैंने आप को सिर्फ़ चन्द अल्फ़ाज़ लिखे हैं।
1 Peter 2:5 in Urdu 5 तुम भी ज़िन्दा पत्थरों की तरह रूहानी घर बनते जाते हो, ताकि काहिनों का मुक़द्दस फ़िरक़ा बनकर ऐसी रूहानी क़ुर्बानियाँ चढ़ाओ जो ईसा' मसीह के वसीले से ख़ुदा के नज़दीक मक़बूल होती है |
1 Peter 2:10 in Urdu 10 पहले तुम कोई उम्मत न थे मगर अब तुम ख़ुदा की उम्मत हो, तुम पर रहमत न हुई थी मगर अब तुम पर रहमत हुई |
1 Peter 2:20 in Urdu 20 इसलिए कि अगर तुम ने गुनाह करके मुक्के खाए और सब्र किया, तो कौन सा फ़ख्र है? हाँ, अगर नेकी करके दुख पाते और सब्र करते हो, तो ये खुदा के नज़दीक पसन्दीदा है |