Philippians 3:9 in Urdu 9 और उस में पाया जाऊँ, न अपनी उस रास्तबाज़ी के साथ जो शरी'अत की तरफ़ से है, बल्कि उस रास्तबाज़ी के साथ जो मसीह पर ईमान लाने की वजह से है और ख़ुदा की तरफ़ से ईमान पर मिलती है;
Other Translations King James Version (KJV) And be found in him, not having mine own righteousness, which is of the law, but that which is through the faith of Christ, the righteousness which is of God by faith:
American Standard Version (ASV) and be found in him, not having a righteousness of mine own, `even' that which is of the law, but that which is through faith in Christ, the righteousness which is from God by faith:
Bible in Basic English (BBE) And be seen in him, not having my righteousness which is of the law, but that which is through faith in Christ, the righteousness which is of God by faith:
Darby English Bible (DBY) and that I may be found in him, not having my righteousness, which [would be] on the principle of law, but that which is by faith of Christ, the righteousness which [is] of God through faith,
World English Bible (WEB) and be found in him, not having a righteousness of my own, that which is of the law, but that which is through faith in Christ, the righteousness which is from God by faith;
Young's Literal Translation (YLT) not having my righteousness, which `is' of law, but that which `is' through faith of Christ -- the righteousness that is of God by the faith,
Cross Reference Matthew 9:13 in Urdu 13 मगर तुम जाकर उसके मा'ने मा'लूम करो ‘मैं क़ुर्बानी नहीं बल्कि रहम पसन्द करता हूँ।’क्यूँकि मैं रास्तबाज़ों को नहीं बल्कि गुनाहगारों को बुलाने आया हूँ।”
Luke 10:25 in Urdu 25 “ और देखो, एक शरा का आलिम उठा, और ये कहकर उसकी आज़माइश करने लगा, ““ऐ उस्ताद, मैं क्या करूँ कि हमेशा की ज़िन्दगी का बारिस बनूँ?"””
John 16:8 in Urdu 8 और जब वह आएगा तो गुनाह, रास्तबाज़ी और अदालत के बारे में दुनिया की ग़लती को बेनिक़ाब करके यह ज़ाहिर करेगा :
Romans 1:17 in Urdu 17 इस वास्ते कि उसमें ख़ुदा की रास्तबाज़ी ईमान से “और ईमान के लिए ज़ाहिर होती है जैसा लिखा है ”रास्तबाज़ ईमान से जीता रहेगा'
Romans 3:19 in Urdu 19 अब हम जानते हैं कि शरीअत जो कुछ कहती है उनसे कहती है जो शरीअत के मातहत हैं ताकि हर एक का मुँह बन्द हो जाए और सारी दुनिया ख़ुदा के नज़दीक सज़ा के लायक़ ठहरे।
Romans 4:5 in Urdu 5 मगर जो शख़्स काम नहीं करता बल्कि बेदीन के रास्तबाज़ ठहराने वाले पर ईमान लाता है उस का ईमान उसके लिए रास्तबाज़ी गिना जाता है।
Romans 4:13 in Urdu 13 क्यूँकि ये वादा किया वो कि दुनिया का वारिस होगा न अब्रहाम से न उसकी नस्ल से शरीअत के वसीले से किया गया था बल्कि ईमान की रास्तबाज़ी के वसीले से किया गया था ।
Romans 5:21 in Urdu 21 ताकि जिस तरह गुनाह ने मौत की वजह से बादशाही की उसी तरह फ़ज़ल भी हमारे ख़ुदावन्द ईसा मसीह के वसीले से हमेशा की ज़िन्दगी के लिए रास्तबाज़ी के ज़रिए से बादशाही करे।
Romans 7:5 in Urdu 5 क्यूंकि जब हम जिस्मानी थे गुनाह की ख़्वाहिशें जो शरी'अत के ज़रि'ए पैदा होती थीं मौत का फल पैदा करने के लिए हमारे आ'ज़ा में तासीर करती थी।
Romans 8:1 in Urdu 1 पस अब जो मसीह ईसा' में है उन पर सज़ा का हुक्म नहीं क्यूँकि जो जिस्म के मुताबिक़ नहीं बल्कि रूह के मुताबिक़ चलते हैं?।
Romans 8:3 in Urdu 3 इसलिए कि जो काम शरी'अत जिस्म की वजह से कमज़ोर हो कर न कर सकी वो ख़ुदा ने किया; या'नी उसने अपने बेटे को गुनाह आलूदा जिस्म की सूरत में और गुनाह की क़ुर्बानी के लिए भेज कर जिस्म में गुनाह की सज़ा का हुक्म दिया।
Romans 9:30 in Urdu 30 पस हम क्या कहें? ये कि ग़ैर क़ौमों ने जो रास्तबाज़ी की तलाश न करती थीं, रास्तबाज़ी हासिल की या'नी वो रास्तबाज़ी जो ईमान से है।
Romans 10:1 in Urdu 1 ऐ भाइयों; मेरे दिल की आरज़ू और उन के लिए ख़ुदा से मेरी दुआ है कि वो नजात पाएँ।
Romans 10:10 in Urdu 10 क्यूँकि रास्तबाज़ी के लिए ईमान लाना दिल से होता है और नजात के लिए इक़रार मुँह से किया जाता है।
Romans 16:7 in Urdu 7 अन्द्रनीकुस और यून्यास से सलाम कहो वो मेरे रिश्तेदार हैं और मेरे साथ क़ैद हुए थे, और रसूलों में नामवर हैं और मुझ से पहले मसीह में शामिल हुए।
1 Corinthians 1:30 in Urdu 30 लेकिन तुम उसकी तरफ़ से मसीह ईसा' में हो, जो हमारे लिए ख़ुदा की तरफ़ से हिक्मत ठहरा, या'नी रास्तबाज़ी और पाकीज़गी और मख़्लसी।
2 Corinthians 5:17 in Urdu 17 इसलिए अगर कोई मसीह में है तो वो नया मख़लूक़ है पूरानी चीज़ें जाती रहीं; देखो वो नई हो गईं।
2 Corinthians 5:21 in Urdu 21 जो गुनाह से वाक़िफ़ न था; उसी को उसने हमारे वास्ते गुनाह ठहराया ताकि हम उस में हो कर ख़ुदा के रास्तबाज़ हो जाएँ।
Galatians 2:16 in Urdu 16 तोभी ये जान कर कि आदमी शरीअत के आमाल से नहीं बल्कि सिर्फ़ ईसा' मसीह पर ईमान लाने से रास्तबाज़ ठहरता है ख़ुद भी मसीह ईसा' पर ईमान लाने से रास्तबाज़ ठहरें न कि शरीअत के आमाल से क्यूंकि शरीअत के अमाल से कोई भी बशर रास्त बाज़ न ठहरेगा |
Galatians 3:10 in Urdu 10 क्यूंकि जितने शरी'अत के आ'माल पर तकिया करते है, वो सब ला'नत के मातहत हैं; चुनाँचे लिखा है,जो कोई उन सब बातों को जो किताब में से लिखी है; क़ायम न रहे वो ला'नती है|”
Galatians 3:21 in Urdu 21 पस क्या शरी'अत ख़ुदा के वा'दों के ख़िलाफ़ है? हरगिज़ नहीं! क्यूंकि अगर कोई एसी शरी'अत दी जाती जो ज़िन्दगी बख़्श सकती तो, अलबत्ता रास्तबाज़ी शरी'अत की वजह से होती|
Philippians 3:6 in Urdu 6 जोश के एतबार से कलिसिया का, सतानेवाला, शरी'अत की रास्तबाजी के ऐतबार से बे 'ऐब था,
2 Timothy 1:9 in Urdu 9 जिस ने हमें नजात दी और पाक बुलावे से बुलाया हमारे कामों के मुताबिक़ नहीं बल्कि अपने ख़ास इरादा और उस फ़ज़ल के मुताबिक़ जो मसीह 'ईसा' में हम पर शुरू से हुआ।
Titus 3:5 in Urdu 5 तो उस ने हम को नजात दी; मगर रास्तबाज़ी के कामों के ज़रिये से नहीं जो हम ने ख़ुद किए, बल्कि अपनी रहमत के मुताबिक़ पैदाइश के ग़ुस्ल और रूह-उल-क़ुद्दूस के हमें नया बनाने के वसीले से।
Hebrews 6:18 in Urdu 18 ग़रज़, यह दो बातें क़ायम रही हैं, ख़ुदा का वादा और उस की क़सम। वह इन्हें न तो बदल सकता न इन के बारे में झूट बोल सकता है। यूँ हम जिन्हों ने उस के पास पनाह ली है बड़ी तसल्ली पा कर उस उम्मीद को मज़बूती से थामे रख सकते हैं जो हमें पेश की गई है।
James 2:9 in Urdu 9 लेकिन अगर तुम तरफ़दारी करते हो तो गुनाह करते हो और शरी'अत तुम को क़सूरवार ठहराती है
James 3:2 in Urdu 2 इसलिए कि हम सब के सब अक्सर ख़ता करते हैं; कामिल शख़्स वो है जो बातों में ख़ता न करे वो सारे बदन को भी क़ाबू में रख सकता है;
1 Peter 3:19 in Urdu 19 इसी में से उसने जा कर उन कैदी रूहों में मनादी की ,
2 Peter 1:1 in Urdu 1 शमा'ऊन पतरस की तरफ़ से ,जो ईसा' मसीह का बन्दा और रसूल है , उन लोगों के नाम जिन्होंने हमारे ख़ुदा और मुंजी ईसा' मसीह की रास्तबाज़ी में हमारा सा क़ीमती ईमान पाया है |
1 John 1:8 in Urdu 8 अगर हम कहें कि हम बेगुनाह हैं तो अपने आपको धोका देते हैं ,और हम में सच्चाई नहीं |
1 John 3:4 in Urdu 4 जो कोई गुनाह करता है ,वो शरीयत की मुख़ालिफ़त करता है; और गुनाह शरीयत ' की मुख़ालिफ़त ही है |