James 3:17 in Urdu 17 मगर जो हिक्मत ऊपर से आती है अव्वल तो वो पाक होती है फिर मिलनसार नर्मदिली और तरबियत पज़ीर रहम और अच्छे फलों से लदी हुई बेतरफ़दार और बे-रिया होती है।
Other Translations King James Version (KJV) But the wisdom that is from above is first pure, then peaceable, gentle, and easy to be intreated, full of mercy and good fruits, without partiality, and without hypocrisy.
American Standard Version (ASV) But the wisdom that is from above is first pure, then peaceable, gentle, easy to be entreated, full of mercy and good fruits, without variance, without hypocrisy.
Bible in Basic English (BBE) But the wisdom which is from heaven is first holy, then gentle, readily giving way in argument, full of peace and mercy and good works, not doubting, not seeming other than it is.
Darby English Bible (DBY) But the wisdom from above first is pure, then peaceful, gentle, yielding, full of mercy and good fruits, unquestioning, unfeigned.
World English Bible (WEB) But the wisdom that is from above is first pure, then peaceful, gentle, reasonable, full of mercy and good fruits, without partiality, and without hypocrisy.
Young's Literal Translation (YLT) and the wisdom from above, first, indeed, is pure, then peaceable, gentle, easily entreated, full of kindness and good fruits, uncontentious, and unhypocritical: --
Cross Reference Matthew 5:8 in Urdu 8 “ मुबारक हैं वो जो पाक दिल हैं, क्यूँकि वह ““ख़ुदा”” को देखेंगे।”
Matthew 23:28 in Urdu 28 इसी तरह तुम भी ज़ाहिर में तो लोगों को रास्तबाज़ दिखाई देते हो, मगर बातिन में रियाकारी और बेदीनी से भरे हो।
Luke 6:36 in Urdu 36 जैसा तुम्हारा बाप रहीम है तुम भी रहम दिल हो |
Luke 12:1 in Urdu 1 “ इतने में जब हज़ारों आदमियों की भीड़ लग गई, यहाँ तक कि एक दुसरे पर गिरा पड़ता था, तो उसने सबसे पहले अपने शागिर्दों से ये कहना शुरू' किया, ““उस खमीर से होशियार रहना जो फरीसियों की रियाकारी है |”
Luke 21:15 in Urdu 15 क्यूँकि मैं तुम को ऐसे अल्फ़ाज़ और हिक्मत अता करूँगा, कि तुम्हारे तमाम मुख़ालिफ़ न उस का मुक़ाबला और न उस का जवाब दे सकेंगे।
John 1:14 in Urdu 14 और कलाम मुजस्सिम हुआफज़लऔर सच्चाई से भरकर हमारे दरमियान रहा,और हम ने उसका ऐसा जलाल देखा जैसा बाप के इकलौते का जलाल|
John 1:47 in Urdu 47 “ईसा'ने नतनएल को अपनी तरफ़ आते देखकर उसके हक़ में कहा, ““देखो,ये फ़िल हकीकत इस्राईली है!इसमें मक्र नहीं|"””
Acts 9:36 in Urdu 36 और याफ़ा में एक शागिर्द थी, तबीता नाम जिसका तर्जुमा हरनी है, वो बहुत ही नेक काम और ख़ैरात किया करती थी।
Acts 11:24 in Urdu 24 क्यूँकि वो नेक मर्द और रूह -उल -क़ुद्दूस और ईमान से मा'मूर था, और बहुत से लोग ख़ुदावन्द की कलीसिया में आ मिले।
Romans 12:9 in Urdu 9 मुहब्बत बे 'रिया हो बदी से नफ़रत रक्खो नेकी से लिपटे रहो।
Romans 12:18 in Urdu 18 जहाँ तक हो सके तुम अपनी तरफ़ से सब आदमियों के साथ मेल मिलाप रख्खो।
Romans 15:14 in Urdu 14 ऐ मेरे भाइयो; मैं ख़ुद भी तुम्हारी निस्बत यक़ीन रखता हूँ कि तुम आप नेकी से मा'मूर और मुकम्मल मा'रिफ़त से भरे हो और एक दूसरे को नसीहत भी कर सकते हो।
1 Corinthians 2:6 in Urdu 6 फिर भी कामिलों में हम हिक्मत की बातें कहते हैं लेकिन इस जहान की और इस जहान के नेस्त होनेवाले सरदारों की अक़्ल नहीं।
1 Corinthians 12:8 in Urdu 8 क्यूँकि एक को रूह के वसीले से हिक्मत का कलाम इनायत होता है और दूसरे को उसी रूह की मर्ज़ी के मुवाफ़िक़ इल्मियत का कलाम।
1 Corinthians 13:4 in Urdu 4 मुहब्बत साबिर है और मेहरबान, मुहब्बत हसद नहीं करती, मुहब्बत शेख़ी नहीं मारती और फ़ूलती नहीं;
2 Corinthians 9:10 in Urdu 10 पस जो बोने वाले के लिए बीज और खाने के लिए रोटी एक दुसरे को पहुँचाता है वही तुम्हारे लिए बीज बहम पहुँचाएगा; और उसी में तरक़्क़ी देगा और तुम्हारी रास्तबाज़ी के फ़लों को बढ़ाएगा।
2 Corinthians 10:1 in Urdu 1 मैं पौलुस जो तुम्हारे रू-ब-रू आजिज़ और पीठ पीछे तुम पर दिलेर हूँ मसीह का हिल्म और नर्मी याद दिलाकर ख़ूद तुम से गुज़ारिश करता हूँ।
Galatians 5:22 in Urdu 22 मगर रूह का फल मुहब्बत, ख़ुशी, इत्मिनान, सब्र, मेहरबनी, नेकी, ईमानदारी
Ephesians 5:9 in Urdu 9 (इसलिए कि नूर का फल हर तरह की नेकी और रास्तबाज़ी और सच्चाई है)।
Philippians 1:11 in Urdu 11 और रास्तबाजी के फल से जो ईसा' मसीह के ज़रिए से है, भरे रहो, ताकि ख़ुदा का जलाल ज़ाहिर हो और उसकी सिताइश की जाए|
Philippians 4:8 in Urdu 8 ग़रज़ ऐ भाइयों! जितनी बाते सच हैं, और जितनी बाते शराफ़त की हैं, और जितनी बाते वाजिब हैं, और जितनी बाते पाक हैं,और जितनी बाते पसन्दीदा हैं,और जितनी बाते दिलकश हैं;ग़रज़ जो नेकी और ता 'रीफ़ की बाते हैं, उन पर ग़ौर किया करो|
Colossians 1:10 in Urdu 10 क्यूँकि फिर ही तुम अपनी ज़िन्दगी ख़ुदावन्द के लायक़ गुज़ार सकोगे और हर तरह से उसे पसन्द आओगे। हाँ, तुम हर क़िस्म का अच्छा काम करके फल लाओगे और ख़ुदा के इल्म-ओ-'इरफ़ान में तरक़्क़ी करोगे।
1 Thessalonians 2:7 in Urdu 7 बल्कि जिस तरह माँ अपने बच्चों को पालती है उसी तरह हम तुम्हारे दर्मियान नर्मी के साथ रहे।
1 Timothy 5:21 in Urdu 21 ख़ुदा और मसीह ईसा' और बरगुज़ीदा फ़रिश्तों को गवाह करके मैं तुझे नसीहत करता हूँ कि इन बातों पर बिला ता'अस्सूब'अमल करना,और कोई काम तरफ़दारी से न करना।
2 Timothy 2:24 in Urdu 24 और मुनासिब नहीं कि”ख़ुदावन्द” का बन्दा झगड़ा करे बल्कि सब के साथ रहम करे और ता'लीम देने के लायक़ और हलीम हो।
Titus 1:15 in Urdu 15 पाक लोगों के लिए सब चीज़ें पाक हैं, मगर गुनाह आलूदा और बेईमान लोगों के लिए कुछ भी पाक नहीं, बल्कि उन की 'अक़्ल और दिल दोनों गुनाह आलूदा हैं।
Titus 3:2 in Urdu 2 किसी की बुराई न करें तकरारी न हों; बल्कि नर्म मिज़ाज हों और सब आदमियों के साथ कमाल हलीमी से पेश आएँ।
Hebrews 12:11 in Urdu 11 जब हमारी तर्बियत की जाती है तो उस वक़्त हम ख़ुशी मह्सूस नहीं करते बल्कि ग़म। लेकिन जिन की तर्बियत इस तरह होती है वह बाद में रास्तबाज़ी और सलामती की फ़सल काटते हैं।
Hebrews 12:14 in Urdu 14 सब के साथ मिल कर सुलह-सलामती और क़ुद्दूसियत के लिए जिद्द-ओ-जह्द करते रहें, क्यूँकि जो पाक नहीं है वह ख़ुदावन्द को कभी नहीं देखेगा।
James 1:5 in Urdu 5 लेकिन अगर तुम में से किसी में हिकमत की कमी हो तो ख़ुदा से माँगे जो बग़ैर मलामत किए सब को बहुतायत के साथ देता है। उसको दी जाएगी।
James 1:17 in Urdu 17 हर अच्छी बख़्शिश और कामिल इनाम ऊपर से है और नूरों के बाप की तरफ़ से मिलता है जिस में न कोई तब्दीली हो सकती है और न गरदिश के वजह से उस पर साया पड़ता है।
James 2:4 in Urdu 4 तो क्या तुम ने आपस में तरफ़दारी न की और बद नियत मुन्सिफ़ न बने?।
James 3:15 in Urdu 15 ये हिक्मत वो नहीं जो ऊपर से उतरती है बल्कि दुनियावी और नफ़सानी और शैतानी है।
James 4:8 in Urdu 8 ख़ुदा के नज़दीक जाओ तो वो तुम्हारे नज़दीक आएगा; ऐ, गुनाहगारो अपने हाथों को साफ़ करो और ऐ, दो दिलो अपने दिलों को पाक करो।
1 Peter 1:22 in Urdu 22 चूँकि तुम ने हक़ की ताबे 'दारी से अपने दिलों को पाक किया है,जिससे भाइयों की बे'रिया मुहब्बत पैदा हुई, इसलिए दिल-ओ-जान से आपस में बहुत मुहब्बत रख्खो|
1 Peter 2:1 in Urdu 1 पस हर तरह की बद्ख़्वाही और सारे फ़रेब और रियाकारी और हसद और हर तरह की बदगोई को दूर करके,
1 John 3:3 in Urdu 3 और जो कोई उससे ये उम्मीद रखता है ,अपने आपको वैसा ही पाक करता है जैसा वो पाक है |
1 John 3:18 in Urdu 18 ऐ बच्चो! हम कलाम और ज़बान ही से नहीं, बल्कि काम और सच्चाई के ज़रिए से भी मुहब्बत करें |