Hebrews 6:4 in Urdu 4 नामुमकिन है कि उन्हें बहाल करके दुबारा तौबा तक पहुँचाया जाए जिन्हों ने अपना ईमान छोड़ दिया हो। उन्हें तो एक बार ख़ुदा के नूर में लाया गया था, उन्हों ने आसमान की ने'अमत का मज़ा चख लिया था, वह रूह-उल-क़ुद्दूस में शरीक हुए,
Other Translations King James Version (KJV) For it is impossible for those who were once enlightened, and have tasted of the heavenly gift, and were made partakers of the Holy Ghost,
American Standard Version (ASV) For as touching those who were once enlightened and tasted of the heavenly gift, and were made partakers of the Holy Spirit,
Bible in Basic English (BBE) As for those who at one time saw the light, tasting the good things from heaven, and having their part in the Holy Spirit,
Darby English Bible (DBY) For it is impossible to renew again to repentance those once enlightened, and who have tasted of the heavenly gift, and have been made partakers of [the] Holy Spirit,
World English Bible (WEB) For concerning those who were once enlightened and tasted of the heavenly gift, and were made partakers of the Holy Spirit,
Young's Literal Translation (YLT) for `it is' impossible for those once enlightened, having tasted also of the heavenly gift, and partakers having became of the Holy Spirit,
Cross Reference Matthew 5:13 in Urdu 13 तुम ज़मीन के नमक हो। लेकिन अगर नमक का मज़ा जाता रहे तो वो किस चीज़ से नमकीन किया जाएगा? फिर वो किसी काम का नहीं सिवा इस के कि बाहर फेंका जाए और आदमियों के पैरों के नीचे रौंदा जाए।
Matthew 7:21 in Urdu 21 जो मुझ से ‘ऐ ख़ुदावन्द, ऐ ख़ुदावन्द’कहते हैं उन में से हर एक आस्मान की बादशाही में दाख़िल न होगा। मगर वही जो मेरे आस्मानी बाप की मर्ज़ी पर चलता है।
Matthew 12:31 in Urdu 31 इसलिए मैं तुम से कहता हूँ कि आदमियों का हर गुनाह और कुफ़्र तो मुआफ़ किया जाएगा; मगर जो कुफ़्र रूह के हक़ में हो वो मु'आफ़ न किया जाएगा।
Matthew 12:45 in Urdu 45 फिर जा कर और सात रूहें अपने से बुरी अपने साथ ले आती है और वो दाख़िल होकर वहाँ बसती हैं; और उस आदमी का पिछला हाल पहले से बदतर हो जाता है, इस ज़माने के बुरे लोगों का हाल भी ऐसा ही होगा।”
Luke 10:19 in Urdu 19 देखो, मैंने तुम को इख़्तियार दिया कि साँपों और बिच्छुओं को कुचलो और दुश्मन की सारी कुदरत पर ग़ालिब आओ, और तुम को हरगिज़ किसी चीज़ से नुक्सान न पहुंचेगा |
Luke 11:24 in Urdu 24 “ ““जब नापाक रूह आदमी में से निकलती है तो सूखे मकामों में आराम ढूँढती फिरती है, और जब नहीं पाती तो कहती है, 'मैं अपने उसी घर में लौट जाऊँगी जिससे निकली हूँ |””
John 3:27 in Urdu 27 “युहन्ना ने जवाब मे कहा, ““इन्सान कुछ नहीं पा सकता,जब तक उसको आसमान से न दिया जाए।”
John 4:10 in Urdu 10 “ईसा'ने जवाब में उससे कहा, ““अगर तू ख़ुदा की बख्शिश को जानती,और ये भी जानती कि वो कौन है जो तुझ से कहता है, 'मुझे पानी पिला, 'तो तू उससे माँगती और वो तुझे ज़िन्दगी का पानी देता|"””
John 6:32 in Urdu 32 “ईसा'ने उनसे कहा, ““मैं तुम से सच सच कहता हूँ,कि मूसा ने तो वो रोटी आसमान से तुम्हें न दी,लेकिन मेरा बाप तुम्हें आसमान से हकीकी रोटी देता है|"””
John 15:6 in Urdu 6 जो मुझ में कायम नहीं रहता और न मैं उस में उसे सूखी डाल की तरह बाहर फैंक दिया जाता है। और लोग उन का ढेर लगा कर उन्हें आग में झोंक देते हैं जहाँ वह जल जाती हैं।
Acts 8:20 in Urdu 20 पतरस ने उस से कहा, “ तेरे रुपये तेरे साथ ख़त्म हो , इस लिए कि तू ने ख़ुदा की बख्शिश को रुपियों से हासिल करने का ख़याल किया।
Acts 10:45 in Urdu 45 और पतरस के साथ जितने मख़्तून ईमानदार आए थे, वो सब हैरान हुए कि ग़ैर क़ौमों पर भी रूह-उल-क़ुद्दूस की बख़्शिश जारी हुई।
Acts 11:17 in Urdu 17 पस जब ख़ुदा ने उस को भी वही ने'मत दी जो हम को ख़ुदावन्द ईसा' मसीह पर ईमान लाकर मिली थी ? तो मै कौन था कि ख़ुदा को रोक सकता |
Acts 15:8 in Urdu 8 और “ख़ुदा” ने जो दिलों को जानता है उनको भी हमारी तरह रूह -उल -क़ुद्दूस दे कर उन की गवाही दी।
Romans 1:11 in Urdu 11 क्यूँकि में तुम्हारी मुलाक़ात का मुश्ताक़ हूँ, ताकि तुम को कोई रूहानी ने'मत दूँ जिस से तुम मज़बूत हो जाओ।
1 Corinthians 13:1 in Urdu 1 अगर मैं आदमियों और फ़रिश्तों की ज़बाने बोलूँ और मुहब्बत न रख्खूँ, तो मैं ठनठनाता पीतल या झनझनाती झाँझ हूँ।
Galatians 3:2 in Urdu 2 मैं तुम से सिर्फ़ ये गुज़ारिश करना चाहता हूं :कि तुम ने शरी'अत के आ'माल से रूह को पाया या ईमान के पैग़ाम से?
Galatians 3:5 in Urdu 5 पर जो तुम्हें रूह बख़्शता और तुम में मो'जिज़े ज़ाहिर करता है,क्या वो शरी'अत के आ'माल से ऐसा करता है या ईमान के पैग़ाम से?
Ephesians 2:8 in Urdu 8 क्यूँकि तुम को ईमान के वसीले फ़ज़ल ही से नजात मिली है; और ये तुम्हारी तरफ़ से नही, ख़ुदा की बाख़्शिश है,
Ephesians 3:7 in Urdu 7 और ख़ुदा के उस फ़ज़ल की बख़्शिश से जो उसकी क़ुदरत की तासीर से मुझ पर हुआ, मैं इस ख़ुशख़बरी का ख़ादिम बना।
Ephesians 4:7 in Urdu 7 और हम में से हर एक पर मसीह की बाख़्शिश के अंदाज़े के मुवाफ़िक़ फ़ज़ल हुआ है।
1 Timothy 4:14 in Urdu 14 उस ने'अमत से ग़ाफ़िल ना रह जो तुझे हासिल है,और नबुव्वत के ज़रि'ए से बुज़ुर्गों के हाथ रखते वक़्त तुझे मिली थी।
2 Timothy 2:25 in Urdu 25 और मुख़ालिफ़ों को हलीमी से सिखाया करे शायद ख़ुदा उन्हें तौबा की तौफ़ीक़ बख़्शे ताकि वो हक़ को पहचानें
2 Timothy 4:14 in Urdu 14 सिकंदर ठठेरे ने मुझ से बहुत बुराइयां कीं ख़ुदावन्द उसे उसके कामों के मुवाफ़िक़ बदला देगा।
Hebrews 2:4 in Urdu 4 और साथ ही ख़ुदा भी अपनी मर्ज़ी के मुवाफ़िक़ निशानों, और 'अजीब कामों, और तरह तरह के मो'जिज़ों, और रूह-उल-क़ुद्दूस की ने'मतों के ज़रि'ए से उसकी गवाही देता रहा |
Hebrews 10:26 in Urdu 26 ख़बरदार! अगर हम सच्चाई जान लेने के बाद भी जान-बूझ कर गुनाह करते रहें तो मसीह की क़ुर्बानी इन गुनाहों को दूर नहीं कर सकेगी।
Hebrews 10:32 in Urdu 32 ईमान के पहले दिन याद करें जब ख़ुदा ने आप को रौशन कर दिया था। उस वक़्त के सख़्त मुक़ाबले में आप को कई तरह का दुख सहना पड़ा, लेकिन आप साबितक़दम रहे।
Hebrews 12:15 in Urdu 15 इस पर ध्यान देना कि कोई ख़ुदा के फ़ज़ल से महरूम न रहे। ऐसा न हो कि कोई कड़वी जड़ फूट निकले और बढ़ कर तक्लीफ़ का ज़रिया बन जाए और बहुतों को नापाक कर दे।
James 1:17 in Urdu 17 हर अच्छी बख़्शिश और कामिल इनाम ऊपर से है और नूरों के बाप की तरफ़ से मिलता है जिस में न कोई तब्दीली हो सकती है और न गरदिश के वजह से उस पर साया पड़ता है।
2 Peter 2:20 in Urdu 20 जब वो ख़ुदावन्द और मुन्जी ईसा' मसीह की पहचान के वसीले से दुनिया की आलूदगी से छुट कर, फिर उनमें फँसे और उनसे मग़लूब हुए, तो उनका पिछला हाल पहले से भी बदतर हुआ।
1 John 5:16 in Urdu 16 अगर कोई अपने भाई को ऐसा गुनाह करते देखे जिसका नतीजा मौत न हो तो दु'आ करे ख़ुदा उसके वसीले से ज़िन्दगी बख़्शेगा| उन्हीं को जिन्होंने ऐसा गुनाह नहीं किया जिसका नतीजा मौत हो, गुनाह ऐसा भी है जिसका नतीजा मौत है; इसके बारे मे दु'आ करने को मैं नहीं कहता |