Hebrews 6:11 in Urdu 11 लेकिन हमारी बड़ी ख़्वाहिश यह है कि आप में से हर एक इसी सरगर्मी का इज़हार आख़िर तक करता रहे ताकि जिन बातों की उम्मीद आप रखते हैं वह हक़ीक़त में पूरी हो जाएँ।
Other Translations King James Version (KJV) And we desire that every one of you do shew the same diligence to the full assurance of hope unto the end:
American Standard Version (ASV) And we desire that each one of you may show the same diligence unto the fulness of hope even to the end:
Bible in Basic English (BBE) And it is our desire that you may all keep the same high purpose in certain hope to the end:
Darby English Bible (DBY) But we desire earnestly that each one of you shew the same diligence to the full assurance of hope unto the end;
World English Bible (WEB) We desire that each one of you may show the same diligence to the fullness of hope even to the end,
Young's Literal Translation (YLT) and we desire each one of you the same diligence to shew, unto the full assurance of the hope unto the end,
Cross Reference Matthew 24:13 in Urdu 13 लेकिन जो आख़िर तक बर्दाशत करेगा वो नजात पाएगा। ।
Romans 5:2 in Urdu 2 जिस के वसीले से ईमान की वजह से उस फ़ज़ल तक हमारी रिसाई भी हुई जिस पर क़ायम हैं और ख़ुदा के जलाल की उम्मीद पर फ़ख़्र करें।
Romans 8:24 in Urdu 24 चुनाँचे हमें उम्मीद के वसीले से नजात मिली मगर जिस चीज़ की उम्मीद है जब वो नज़र आ जाए तो फिर उम्मीद कैसी? क्यूंकि जो चीज़ कोई देख रहा है उसकी उम्मीद क्या करेगा?।
Romans 12:8 in Urdu 8 और अगर नासेह हो तो नसीहत में, ख़ैरात बाँटनेवाला सख़ावत से बाँटे, पेशवा सरगर्मी से पेशवाई करे, रहम करने वाला ख़ुशी से रहम करे।
Romans 12:11 in Urdu 11 कोशिश में सुस्ती न करो रूहानी जोश में भरे रहो; ख़ुदावन्द की ख़िदमत करते रहो।
Romans 15:13 in Urdu 13 पस ख़ुदा जो उम्मीद का चश्मा है तुम्हें ईमान रखने के ज़रिए सारी ख़ुशी और इत्मीनान से मा'मूर करे ताकि रूह- उल क़ुद्दूस की क़ुदरत से तुम्हारी उम्मीद ज़्यादा होती जाए।
1 Corinthians 13:13 in Urdu 13 ग़रज़ ईमान, उम्मीद, मुहब्बत ये तीनों हमेशा हैं; मगर अफ़ज़ल इन में मुहब्बत है।
1 Corinthians 15:58 in Urdu 58 पस ऐ मेरे अज़ीज़ भाइयों! साबित क़दम और क़ायम रहो और ख़ुदावन्द के काम में हमेशा बढ़ते रहो क्यूँकि ये जानते हो कि तुम्हारी मेंहनत ख़ुदावन्द में बेफ़ाइदा नहीं है।
Galatians 5:5 in Urdu 5 क्यूंकि हम रूह के ज़रिए , ईमान से रास्तबाज़ी की उम्मीद बर आने के मुन्तज़िर हैं|
Galatians 6:9 in Urdu 9 हम नेक काम करने में हिममत न हारें, क्यूँकि अगर बेदिल न होंगे तो 'सही वक़्त पर काटेंगे|
Philippians 1:9 in Urdu 9 और ये दु'आ करता हूँ कि तूम्हारी मुहब्बत 'इल्म और हर तरह की तमीज़ के साथ और भी ज़्यादा होती जाए,|
Philippians 3:15 in Urdu 15 पस हम में से जितने कामिल हैं यही ख़याल रखें, और अगर किसी बात में तुम्हारा और तरह का ख़याल हो तो ख़ुदा उस बात को तुम पर भी ज़ाहिर कर देगा|
Colossians 1:5 in Urdu 5 तुम्हारा यह ईमान और मुहब्बत वह कुछ ज़ाहिर करता है जिस की तुम उम्मीद रखते हो और जो आस्मान पर तुम्हारे लिए मह्फ़ूज़ रखा गया है। और तुम ने यह उम्मीद उस वक़्त से रखी है जब से तुम ने पहली मर्तबा सच्चाई का कलाम यानी ख़ुदा की ख़ुशख़बरी सुनी।
Colossians 1:23 in Urdu 23 बेशक अब ज़रूरी है कि तुम ईमान में क़ायम रहो, कि तुम ठोस बुन्याद पर मज़्बूती से खड़े रहो और उस ख़ुशख़बरी की उम्मीद से हट न जाओ जो तुम ने सुन ली है। यह वही पैग़ाम है जिस का एलान दुनिया में हर मख़्लूक़ के सामने कर दिया गया है और जिस का ख़ादिम मैं पौलुस बन गया हूँ।
Colossians 2:2 in Urdu 2 मेरी कोशिश यह है कि उन की दिली हौसला अफ़्ज़ाई की जाए और वह मुहब्बत में एक हो जाएँ, कि उन्हें वह ठोस भरोसा हासिल हो जाए जो पूरी समझ से पैदा होता है। क्यूँकि मैं चाहता हूँ कि वह ख़ुदा का राज़ जान लें। राज़ क्या है? मसीह ख़ुद।
1 Thessalonians 1:5 in Urdu 5 इसलिए कि हमारी ख़ुशख़बरी तुम्हारे पास न फ़क़त लफ़ज़ी तौर पर पहुँची बल्कि क़ुदरत और रूह-उल-क़ुद्दूस और पूरे यक़ीन के साथ भी चुनाँचे” तुम जानते हो कि हम तुम्हारी ख़ातिर तुम में कैसे बन गए थे।
1 Thessalonians 4:10 in Urdu 10 और तमाम मकिदुनिया के सब भाइयों के साथ ऐसा ही करते हो “लेकिन ऐ भाइयो! हम तुम्हें नसीहत करते हैं कि तरक़्क़ी करते जाओ।
2 Thessalonians 2:16 in Urdu 16 अब हमारा ख़ुदावन्द 'ईसा' मसीह ख़ुद और हमारा बाप ख़ुदा जिसने हम से मुहब्बत रखी और फ़ज़ल से हमेशा तसल्ली और अच्छी उम्मीद बख़्शी
2 Thessalonians 3:13 in Urdu 13 और तुम ऐ भाइयो! नेक काम करने में हिम्मत न हारो।
Hebrews 3:6 in Urdu 6 लेकिन मसीह बेटे की तरह उसके घर का मालिक है, और उसका घर हम हैं; बशर्ते कि अपनी दिलेरी और उम्मीद का फ़ख़्र आख़िर तक मज़बूती से क़ायम रख्खें |
Hebrews 3:14 in Urdu 14 क्यूँकि हम मसीह में शरीक हुए हैं, बशर्ते कि अपने शुरुआत के भरोसे पर आख़िर तक मज़बूती से क़ायम रहें |
Hebrews 6:18 in Urdu 18 ग़रज़, यह दो बातें क़ायम रही हैं, ख़ुदा का वादा और उस की क़सम। वह इन्हें न तो बदल सकता न इन के बारे में झूट बोल सकता है। यूँ हम जिन्हों ने उस के पास पनाह ली है बड़ी तसल्ली पा कर उस उम्मीद को मज़बूती से थामे रख सकते हैं जो हमें पेश की गई है।
Hebrews 10:22 in Urdu 22 इस लिए आएँ, हम ख़ुलूसदिली और ईमान के पूरे यक़ीन के साथ ख़ुदा के हुज़ूर आएँ। क्यूँकि हमारे दिलों पर मसीह का ख़ून छिड़का गया है ताकि हमारे मुजरिम दिल साफ़ हो जाएँ। और , हमारे बदनों को पाक-साफ़ पानी से धोया गया है।
Hebrews 10:32 in Urdu 32 ईमान के पहले दिन याद करें जब ख़ुदा ने आप को रौशन कर दिया था। उस वक़्त के सख़्त मुक़ाबले में आप को कई तरह का दुख सहना पड़ा, लेकिन आप साबितक़दम रहे।
1 Peter 1:3 in Urdu 3 हमारे ख़ुदावंद ईसा' मसीह के ख़ुदा और बाप की हम्द हो, जिसने ईसा' मसीह के मुर्दों में से जी उठने के ज़रिये, अपनी बड़ी रहमत से हमे जिन्दा उम्मीद के लिए नए सिरे से पैदा किया,
1 Peter 1:21 in Urdu 21 कि उस के वसीले से ख़ुदा पर ईमान लाए हो, जिसने उस को मुर्दों में से जिलाया और जलाल बख़्शा ताकि तुम्हारा ईमान और उम्मीद ख़ुदा पर हो |
2 Peter 1:5 in Urdu 5 पस इसी ज़रिये तुम अपनी तरफ़ से पूरी कोशिश करके अपने ईमान पर नेकी ,और नेकी पर मा'रिफ़त ,
2 Peter 1:10 in Urdu 10 पस ऐ भाइयों !अपने बुलावे और बरगुज़ीदगी को साबित करने की ज़्यादा कोशिश करो ,क्यूँकि अगर ऐसा करोगे तो कभी ठोकर न खाओगे ;
2 Peter 3:14 in Urdu 14 पस ऐ 'अज़ीज़ो ! चूँकि तुम इन बातों के मुन्तज़िर हो, इसलिए उसके सामने इत्मीनान की हालत में बेदाग़ और बे-ऐब निकलने की कोशिश करो,
1 John 3:1 in Urdu 1 देखो ,बाप ने हम से कैसी मुहब्बत की है कि हम ख़ुदा के फ़र्ज़न्द कहलाए ,और हम है भी |दुनिया हमें इसलिए नहीं जानती कि उसने उसे भी नहीं जाना |
1 John 3:14 in Urdu 14 हम तो जानते हैं कि मौत से निकलकर ज़िन्दगी में दाख़िल हो गए ,क्यूँकि हम भाइयों से मुहब्बत रखते हैं |जो मुहब्बत नहीं रखता वो मौत की हालत में रहता है |
1 John 3:19 in Urdu 19 इससे हम जानेंगे कि हक़ के हैं ,और जिस बात में हमारा दिल हमें इल्ज़ाम देगा ,उसके बारे में हम उसके हुज़ूर अपनी दिलजम'ई करेंगे ;
Revelation 2:26 in Urdu 26 जो ग़ालिब आए और जो मेरे कामों के जैसा आख़िर तक 'अमल करे, मैं उसे क़ौमों पर इख़्तियार दूँगा;