Hebrews 6:10 in Urdu 10 क्यूँकि ख़ुदा बेइन्साफ़ नहीं है। वह आप का काम और वह मुहब्बत नहीं भूलेगा जो आप ने उस का नाम ले कर ज़ाहिर की जब आप ने पाक लोगों की ख़िदमत की बल्कि आज तक कर रहे हैं।
Other Translations King James Version (KJV) For God is not unrighteous to forget your work and labour of love, which ye have shewed toward his name, in that ye have ministered to the saints, and do minister.
American Standard Version (ASV) for God is not unrighteous to forget your work and the love which ye showed toward his name, in that ye ministered unto the saints, and still do minister.
Bible in Basic English (BBE) For God is true, and will not put away from him the memory of your work and of your love for his name, in the help which you gave and still give to the saints.
Darby English Bible (DBY) For God [is] not unrighteous to forget your work, and the love which ye have shewn to his name, having ministered to the saints, and [still] ministering.
World English Bible (WEB) For God is not unrighteous, so as to forget your work and the labor of love which you showed toward his name, in that you served the saints, and still do serve them.
Young's Literal Translation (YLT) for God is not unrighteous to forget your work, and the labour of the love, that ye shewed to His name, having ministered to the saints and ministering;
Cross Reference Matthew 10:42 in Urdu 42 और जो कोई शागिर्द के नाम से इन छोटों मे से किसी को सिर्फ़ एक प्याला ठंडा पानी ही पिलाएगा; मैं तुम से सच कहता हूँ वो अपना अज्र हरगिज़ न खोएगा।”
Matthew 25:35 in Urdu 35 क्यूँकि मैं भूखा था तुमने मुझे खाना खिलाया, मैं प्यासा था तुमने मुझे पानी पिलाया, मैं परदेसी था तूने मुझे अपने घर में उतारा।
Mark 9:41 in Urdu 41 जो कोई एक प्याला पानी तुम को इसलिए पिलाए कि तुम मसीह के हो मैं तुम से सच कहता हूँ कि वो अपना अज्र हरगिज़ न खोएगा।
John 13:20 in Urdu 20 मैं तुम को सच बताता हूँ कि जो शख़्स उसे क़ुबूल करता है जिसे मैंने भेजा है वह मुझे क़ुबूल करता है। और जो मुझे क़ुबूल करता है वह उसे क़ुबूल करता है जिस ने मुझे भेजा है।”
Acts 2:44 in Urdu 44 और जो ईमान लाए थे वो सब एक जगह रहते थे और सब चीज़ों में शरीक थे।
Acts 4:34 in Urdu 34 क्यूंकि उन में कोई भी मुहताज न था, इसलिए कि जो लोग ज़मीनों और घरों के मालिक थे,उनको बेच बेच कर बिकी हुई चीजों की क़ीमत लाते।
Acts 9:36 in Urdu 36 और याफ़ा में एक शागिर्द थी, तबीता नाम जिसका तर्जुमा हरनी है, वो बहुत ही नेक काम और ख़ैरात किया करती थी।
Acts 10:4 in Urdu 4 उसने उस को ग़ौर से देखा और डर कर कहा “ख़ुदावन्द क्या है?” उस ने उस से कहा, “तेरी दु'आएँ और तेरी ख़ैरात यादगारी के लिए ख़ुदा के हुज़ूर पहुँचीं।
Acts 10:31 in Urdu 31 और कहा कि “ऐ'कुर्नेलियुस तेरी दु'आ सुन ली गई और तेरी ख़ैरात की ख़ुदा के हुज़ूर याद हुई।
Acts 11:29 in Urdu 29 पस, शागिर्दों ने तजवीज़ की अपने अपने हैसियत कि मुवाफ़िक़ यहूदियो में रहने वाले भाइयों की ख़िदमत के लिए कुछ भेजें।
Romans 3:4 in Urdu 4 हरगिज़ नहीं “बल्कि ख़ुदा सच्चा ठहरे”और हर एक आदमी झूठा क्यूँकि लिखा है तू अपनी बातों में रास्तबाज़ ठहरे और अपने मुक़द्दमे में फ़तह पाए।
Romans 12:13 in Urdu 13 मुक़द्दसों की ज़रूरतें पूरी करो।
Romans 15:25 in Urdu 25 लेकिन फिलहाल तो मुक़द्दसों की ख़िदमत करने के लिए यरूशलीम को जाता हूँ।
1 Corinthians 13:4 in Urdu 4 मुहब्बत साबिर है और मेहरबान, मुहब्बत हसद नहीं करती, मुहब्बत शेख़ी नहीं मारती और फ़ूलती नहीं;
1 Corinthians 16:1 in Urdu 1 अब उस चन्दे के बारे में जो मुक़द्दसों के लिए किया जाता है; जैसा मैं ने गलतिया की कलीसियाओं को हुक्म दिया वैसे ही तुम भी करो।
2 Corinthians 8:1 in Urdu 1 ऐ, भाइयों! हम तुम को ख़ुदा के उस फ़ज़ल की ख़बर देते हैं जो मकिदुनिया की कलीसियाओं पर हुआ है।
2 Corinthians 9:1 in Urdu 1 जो ख़िदमत मुक़द्दसों के वास्ते की जाती है, उसके ज़रिए मुझे तुम को लिखना फ़ज़ूल है।
2 Corinthians 9:11 in Urdu 11 और तुम हर चीज़ को बहुतायत से पाकर सब तरह की सख़ावत करोगे; जो हमारे वसीले से ख़ुदा की शुक्रगुज़ारी के ज़रिए होती है।
Galatians 5:6 in Urdu 6 और मसीह ईसा' में न तो ख़तना कुछ काम का है न नामख़्तूनी मगर ईमान जो मुहब्बत की राह से असर करता है|
Galatians 5:13 in Urdu 13 ऐ भाइयों! तुम आज़ादी के लिए बुलाए तो गए हो,मगर ऐसा न हो कि ये आज़ादी जिस्मानी बातों का मौक़ा, बने; बल्कि मुहब्बत की राह पर एक दूसरे की ख़िदमत करो|
Galatians 6:10 in Urdu 10 पस जहाँ तक मौक़ा मिले सबके साथ नेकी करें खासकर अहले ईमान के साथ|
Philippians 4:16 in Urdu 16 चुनाँचे थिस्स्लुनीके में भी मेरी एहतियाज रफ़ा' करने के लिए तुमने एक दफ़ा' नहीं, बल्कि दो दफ़ा' कुछ भेजा था|
Colossians 3:17 in Urdu 17 और जो कुछ भी तुम करो ख़्वाह ज़बानी हो या अमली वह ख़ुदावन्द ईसा' का नाम ले कर करो। हर काम में उसी के वसीले से ख़ुदा बाप का शुक्र करो।
1 Thessalonians 1:3 in Urdu 3 और अपने ख़ुदा और बाप के हज़ूर तुम्हारे ईमान के काम और मुहब्बत की मेहनत और उस उम्मीद के सब्र को बिला नाग़ा याद करते हैं जो हमारे ख़ुदावन्द ईसा' मसीह की वजह से है।
2 Thessalonians 1:6 in Urdu 6 क्यूँकि ख़ुदा के नज़दीक ये इन्साफ़ है के बदले में तुम पर मुसीबत लाने वालों को मुसीबत।
1 Timothy 6:18 in Urdu 18 और नेकी करें,और अच्छे कामों में दौलतमन्द बनें,और सख़ावत पर तैयार और इम्दाद पर मुस्त'ईद हों,।
2 Timothy 1:17 in Urdu 17 बल्कि जब वो रोमा में आया तो कोशिश से तलाश करके मुझ से मिला।
2 Timothy 4:8 in Urdu 8 आइन्दा के लिए मेरे वास्ते रास्तबाज़ी का वो ताज रखा हुआ है, जो आदिल मुन्सिफ़ या'नी “ख़ुदावन्द” मुझे उस दिन देगा और सिर्फ़ मुझे ही नहीं बल्कि उन सब को भी जो उस के ज़हूर के आरज़ूमन्द हों।
Philemon 1:5 in Urdu 5 हमेशा अपने ख़ुदा का शुक्र करता हूँ, और अपनी दु'आओं में तुझे याद करता हूँ |
Hebrews 13:16 in Urdu 16 नेज़, भलाई करना और दूसरों को अपनी बरकतों में शरीक करना मत भूलना, क्यूँकि ऐसी क़ुर्बानियाँ ख़ुदा को पसन्द हैं।
James 2:15 in Urdu 15 अगर कोई भाई या बहन नंगे हो और उनको रोज़ाना रोटी की कमी हो।
1 John 1:9 in Urdu 9 अगर अपने गुनाहों का इक़रार करें ,तो वो हमारे गुनाहों को मु'आफ़ करने और हमें सारी नारास्ती से पाक करने में सच्चा और 'आदिल है |
1 John 3:14 in Urdu 14 हम तो जानते हैं कि मौत से निकलकर ज़िन्दगी में दाख़िल हो गए ,क्यूँकि हम भाइयों से मुहब्बत रखते हैं |जो मुहब्बत नहीं रखता वो मौत की हालत में रहता है |