Hebrews 6:1 in Urdu 1 इस लिए आएँ, हम मसीह के बारे में बुन्यादी तालीम को छोड़ कर बलूग़त की तरफ़ आगे बढ़ें। क्यूँकि ऐसी बातें दोहराने की ज़रूरत नहीं होनी चाहिए जिन से ईमान की बुन्याद रखी जाती है, मसलन मौत तक पहुँचाने वाले काम से तौबा,
Other Translations King James Version (KJV) Therefore leaving the principles of the doctrine of Christ, let us go on unto perfection; not laying again the foundation of repentance from dead works, and of faith toward God,
American Standard Version (ASV) Wherefore leaving the doctrine of the first principles of Christ, let us press on unto perfection; not laying again a foundation of repentance from dead works, and of faith toward God,
Bible in Basic English (BBE) For this reason let us go on from the first things about Christ to full growth; not building again that on which it is based, that is, the turning of the heart from dead works, and faith in God,
Darby English Bible (DBY) Wherefore, leaving the word of the beginning of the Christ, let us go on [to what belongs] to full growth, not laying again a foundation of repentance from dead works and faith in God,
World English Bible (WEB) Therefore leaving the doctrine of the first principles of Christ, let us press on to perfection--not laying again a foundation of repentance from dead works, of faith toward God,
Young's Literal Translation (YLT) Wherefore, having left the word of the beginning of the Christ, unto the perfection we may advance, not again a foundation laying of reformation from dead works, and of faith on God,
Cross Reference Matthew 3:2 in Urdu 2 “तौबा करो, क्यूँकि आस्मान की बादशाही नज़दीक आ गई है।”
Matthew 4:17 in Urdu 17 उस वक़्त से ईसा' ने एलान करना और ये कहना शुरू किया “तौबा करो, क्यूँकि आस्मान की बादशाही नज़दीक आ गई है।”
Matthew 5:48 in Urdu 48 पस चाहिए कि तुम कामिल हो जैसा तुम्हारा आस्मानी बाप कामिल है।
Matthew 7:25 in Urdu 25 और मेंह बरसा और पानी चढ़ा और आन्धियाँ चलीं और उस घर पर टक्करे लगीं; लेकिन वो न गिरा क्यूँकि उस की बुन्याद चट्टान पर डाली गई थी।
Matthew 21:29 in Urdu 29 उसने जवाब में कहा‘ मैं नहीं जाऊँगा’मगर पीछे पछता कर गया।
Matthew 21:32 in Urdu 32 क्यकि यूहन्ना रास्तबाज़ी के तरीक़े पर तुम्हारे पास आया; और तुम ने उसका यक़ीन न किया; मगर महसूल लेने वाले और कस्बियों ने उसका यक़ीन किया; और तुम ये देख कर भी न पछताए; कि उसका यक़ीन कर लेते।
Mark 1:1 in Urdu 1 ईसा' मसीह इबने ख़ुदा की ख़ुशख़बरी की शुरुआत|
Mark 6:12 in Urdu 12 “ और उन्होंने रवाना होकर एलान किया, ““कि तौबा करो।”” “
Luke 6:48 in Urdu 48 वो उस आदमी की तरह है जिसने घर बनाते वक्त ज़मीन गहरी खोदकर चट्टान पर बुनियाद डाली, जब तूफ़ान आया और सैलाब उस घर से टकराया, तो उसे हिला न सका क्यूँकि वो मज़बूत बना हुआ था ||
John 1:1 in Urdu 1 शुरूमें कलाम था,और कलाम खुदा के साथ था,और कलामहीखुदा था।
John 5:24 in Urdu 24 मैंतुम से सच कहता हूँ कि जो मेरा कलाम सुनता और मेरे भेजने वाले का यकीन करता है,हमेशा की ज़िन्दगी उसकी है और उस पर सज़ा का हुक्म नहीं होता बल्कि वो मौत से निकलकर ज़िन्दगी में दाखिल हो गया है|”
John 12:44 in Urdu 44 फिर ईसा' पुकार उठा, “जो मुझ पर ईमान रखता है वह न सिर्फ़ मुझ पर बल्कि उस पर ईमान रखता है जिस ने मुझे भेजा है।
John 14:1 in Urdu 1 तुम्हारा दिल न घबराए। तुम खुदा पर ईमान रखते हो, मुझ पर भी ईमान रखो।
Acts 2:38 in Urdu 38 पतरस ने उन से कहा, “तौबा करो और तुम में से हर एक अपने गुनाहों की मु'आफ़ी के लिऐ ईसा' मसीह के नाम पर बपतिस्मा ले तो तुम रूह-उल-क़ुद्दूस इना'म में पाओ गे।
Acts 3:19 in Urdu 19 पस तौबा करो और फिर जाओ ताकि तुम्हारे गुनाह मिटाए जाऐं ,और इस तरह “ख़ुदावन्द के हुज़ूर से ताज़गी के दिन आएं ।
Acts 11:18 in Urdu 18 वो ये सुनकर चुप रहे और ख़ुदा की बड़ाई करके कहने लगे, “फिर तो बेशक ख़ुदा ने ग़ैर क़ौमों को भी ज़िन्दगी के लिए तौबा की तौफ़ीक़ दी है।”
Acts 17:30 in Urdu 30 पस, ख़ुदा जिहालत के वक़्तों से चश्म पोशी करके अब सब आदमियों को हर जगह हुक्म देता है । कि तौबा करें।
Acts 20:21 in Urdu 21 बल्कि यहूदियों और यूनानियों के रू-ब-रू गवाही देता रहा कि “ख़ुदा” के सामने तौबा करना और हमारे ख़ुदावन्द ईसा' मसीह पर ईमान लाना चाहिए।
Acts 26:20 in Urdu 20 बल्कि पहले दमिश्क़ियों को फिर यरूशलीम और सारे मुल्क यहूदिया के बाशिन्दों को और ग़ैर क़ौमों को समझाता रहा। कि तौबा करें और “ख़ुदा” की तरफ़ रजू लाकर तौबा के मुवाफ़िक़ काम करें।
1 Corinthians 3:10 in Urdu 10 मैने उस तौफ़ीक़ के मुवाफ़िक़ जो ख़ुदा ने मुझे बख़्शी अक़्लमंद मिस्त्री की तरह नींव रख्खी, और दूसरा उस पर इमारत उठाता है पस हर एक ख़बरदार रहे, कि वो कैसी इमारत उठाता है।
1 Corinthians 13:10 in Urdu 10 लेकिन जब कामिल आएगा तो नाक़िस जाता रहेगा।
2 Corinthians 7:1 in Urdu 1 पस ऐ' अज़ीज़ो चुँकि हम से ऐसे वा'दे किए गए, आओ हम अपने आपको हर तरह की जिस्मानी और रूहानी आलूदगी से पाक करें और ख़ुदा के बेख़ौफ़ के साथ पाकीज़गी को कमाल तक पहुँचाऐँ।
2 Corinthians 7:10 in Urdu 10 क्यूँकि ख़ुदा परस्ती का ग़म ऐसी तोबा पैदा करता है; जिसका अन्जाम नजात है और उस से पछताना नहीं पड़ता मगर दुनिया का ग़म मौत पैदा करता है।
Galatians 5:19 in Urdu 19 अब जिस्म के काम तो ज़ाहिर हैं,या'नी कि हरामकारी , नापाकी ,शहवत परस्ती,|
Ephesians 2:1 in Urdu 1 और उसने तुम्हें भी ज़िन्दा किया जब अपने कुसूरों और गुनाहों की वजह से मुर्दा थे।
Ephesians 2:5 in Urdu 5 कि अगर्चे हम अपने गुनाहों में मुर्दा थे तो भी उसने हमें मसीह के साथ ज़िन्दा कर दिया आपको ख़ुदा के फ़ज़ल ही से नजात मिली है
Ephesians 4:12 in Urdu 12 ताकि मुक़द्दस लोग कामिल बनें और ख़िदमत गुज़ारी का काम किया जाए,।
Philippians 3:12 in Urdu 12 अगर्चे ये नही कि मैं पा चुका या कामिल हो चुका हूँ, बल्कि उस चीज़ को पकड़ने को दौड़ा हुआ जाता हूँ जिसके लिए मसीह ईसा 'ने मुझे पकड़ा था|
Colossians 1:28 in Urdu 28 यूँ हम सब को मसीह का पैग़ाम सुनाते हैं। हर मुम्किन हिक्मत से हम उन्हें समझाते और तालीम देते हैं ताकि हर एक को मसीह में कामिल हालत में ख़ुदा के सामने पेश करें।
Colossians 4:12 in Urdu 12 मसीह ईसा' का ख़ादिम इपफ़्रास भी जो तुम्हारी जमाअत से है सलाम कहता है। वह हर वक़्त बड़ी जद्द-ओ-जह्द के साथ तुम्हारे लिए दुआ करता है। उस की ख़ास दुआ यह है कि तुम मज़्बूती के साथ खड़े रहो, कि तुम बालिग़ मसीही बन कर हर बात में ख़ुदा की मर्ज़ी के मुताबिक़ चलो।
1 Timothy 3:16 in Urdu 16 इसमें कलाम नहीं कि दीनदारी का भेद बड़ा है,या'नी वो जो जिस्म में ज़ाहिर हुआ,और रूह में रास्तबाज़ ठहरा,और फ़रिश्तों को दिखाई दिया,और ग़ैर-क़ौमों में उसकी मनादी हुई,और दुनिया में उस पर ईमान लाए,और जलाल में ऊपर उठाया गया|
1 Timothy 6:19 in Urdu 19 और आइन्दा के लिए अपने वास्ते एक अच्छी बुनियाद क़ायम कर रख्खें ताकि हक़ीक़ी ज़िन्दगी पर क़ब्ज़ा करें।
2 Timothy 2:19 in Urdu 19 तो भी ख़ुदा की मज़बूत बुनियाद क़ायम रहती है और उस पर ये मुहर है, “ ख़ुदावन्द अपनों को पहचानता है,” और “जो कोई ख़ुदावन्द का नाम लेता है नारास्ती से बाज़ रहे।”
2 Timothy 2:25 in Urdu 25 और मुख़ालिफ़ों को हलीमी से सिखाया करे शायद ख़ुदा उन्हें तौबा की तौफ़ीक़ बख़्शे ताकि वो हक़ को पहचानें
Hebrews 5:12 in Urdu 12 असल में इतना वक़्त गुज़र गया है कि अब आप को ख़ुद उस्ताद होना चाहिए। अफ़्सोस कि ऐसा नहीं है बल्कि आप को इस की ज़रूरत है कि कोई आप के पास आ कर आप को ख़ुदा के कलाम की बुन्यादी सच्चाइयाँ दुबारा सिखाए। आप अब तक सख़्त ग़िज़ा नहीं खा सकते बल्कि आप को दूध की ज़रूरत है।
Hebrews 7:11 in Urdu 11 अगर लावी की कहानत (जिस पर शरीअत मुन्हसिर थी) कामिलियत पैदा कर सकती तो फिर एक और क़िस्म के इमाम की क्या ज़रूरत होती, उस की जो हारून जैसा न हो बल्कि मलिक-ए-सिद्क़ जैसा?
Hebrews 9:14 in Urdu 14 अगर इन चीज़ों का यह असर था तो फिर मसीह के ख़ून का क्या ज़बरदस्त असर होगा! अज़ली रूह के ज़रीए उस ने अपने आप को बेदाग़ क़ुर्बानी के तौर पर पेश किया। यूँ उस का ख़ून हमारे ज़मीर को मौत तक पहुँचाने वाले कामों से पाक-साफ़ करता है ताकि हम ज़िन्दा ख़ुदा की ख़िदमत कर सकें।
Hebrews 11:6 in Urdu 6 और ईमान रखे बग़ैर हम ख़ुदा को पसन्द नहीं आ सकते। क्यूँकि ज़रूरी है कि ख़ुदा के हुज़ूर आने वाला ईमान रखे कि वह है और कि वह उन्हें अज्र देता है जो उस के तालिब हैं।
Hebrews 12:13 in Urdu 13 अपने रास्ते चलने के क़ाबिल बना दें ताकि जो अज़्व लंगड़ा है उस का जोड़ उतर न जाए
James 1:4 in Urdu 4 और सब्र को अपना पूरा काम करने दो ताकि तुम पूरे और कामिल हो जाओ और तुम में किसी बात की कमी न रहे।
1 Peter 1:21 in Urdu 21 कि उस के वसीले से ख़ुदा पर ईमान लाए हो, जिसने उस को मुर्दों में से जिलाया और जलाल बख़्शा ताकि तुम्हारा ईमान और उम्मीद ख़ुदा पर हो |
1 Peter 5:10 in Urdu 10 अब ख़ुदा जो हर तरह के फ़ज़ल का चश्मा है, जिसने तुम को मसीह में अपने अबदी जलाल के लिए बुलाया, तुम्हारे थोड़ी मुद्दत तक दुःख उठाने के बा'द आप ही तुम्हें कामिल और क़ायम और मज़बूत करेगा |
1 John 4:12 in Urdu 12 ख़ुदा को कभी किसी ने नहीं देखा; अगर हम एक दूसरे से मुहब्बत रखते हैं ,तो ख़ुदा हम में रहता है और उसकी मुहब्बत हमारे दिल में कामिल हो गई है |
1 John 5:10 in Urdu 10 जो ख़ुदा के बेटे पर ईमान रखता है ,वो अपने आप में गवाही रखता है |जिसने ख़ुदा का यक़ीन नहीं किया उसने उसे झूटा ठहराया, क्यूँकि वो उस गवाही पर जो ख़ुदा ने अपने बेटे के हक़ में दी है ,ईमान नही लाया