Hebrews 2:10 in Urdu 10 क्यूँकि जिसके लिए सब चीज़ें है और जिसके वसीले से सब चीज़ें हैं, उसको यही मुनासिब था कि जब बहुत से बेटों को जलाल में दाख़िल करे, तो उनकी नजात के बानी को दुखों के ज़रि'ए से कामिल कर ले |
Other Translations King James Version (KJV) For it became him, for whom are all things, and by whom are all things, in bringing many sons unto glory, to make the captain of their salvation perfect through sufferings.
American Standard Version (ASV) For it became him, for whom are all things, and through whom are all things, in bringing many sons unto glory, to make the author of their salvation perfect through sufferings.
Bible in Basic English (BBE) Because it was right for him, for whom and through whom all things have being, in guiding his sons to glory, to make the captain of their salvation complete through pain.
Darby English Bible (DBY) For it became him, for whom [are] all things, and by whom [are] all things, in bringing many sons to glory, to make perfect the leader of their salvation through sufferings.
World English Bible (WEB) For it became him, for whom are all things, and through whom are all things, in bringing many children to glory, to make the author of their salvation perfect through sufferings.
Young's Literal Translation (YLT) For it was becoming to Him, because of whom `are' the all things, and through whom `are' the all things, many sons to glory bringing, the author of their salvation through sufferings to make perfect,
Cross Reference Luke 2:14 in Urdu 14 “ ““'आलम-ए-बाला पर खुदा की तम्जीद हो और ज़मीन पर आदमियों में जिनसे वो राजी है सुलह |""”
Luke 13:32 in Urdu 32 “ उसने उनसे कहा, ““जाकर उस लोमड़ी से कह दो कि देख, मैं आज और कल बदरूहों को निकालता और शिफ़ा बख्शने का काम अन्जाम देता रहूँगा, और तीसरे दिन पूरा करूँगा |”
Luke 24:26 in Urdu 26 क्या जरूरी नहीं था कि मसीह यह सब कुछ झेल कर अपने जलाल में दाख़िल हो जाए?”
Luke 24:46 in Urdu 46 उस ने उन से कहा, “कलाम-ए-मुक़द्दस में यूँ लिखा है, मसीह दुख उठा कर तीसरे दिन मुर्दों में से जी उठेगा।
John 11:52 in Urdu 52 और न सिर्फ़ इस के लिए बल्कि खुदा के बिखरे हुए फ़र्ज़न्दों को जमा करके एक करने के लिए भी।
John 19:30 in Urdu 30 यह सिरका पीने के बाद ईसा बोल उठा, “काम मुकम्मल हो गया है।” और सर झुका कर उस ने अपनी जान खुदा के सपुर्द कर दी।
Acts 3:15 in Urdu 15 मगर ज़िन्दगी के मालिक को क़त्ल किया जाए; जिसे खु़दा ने मुर्दों में से जिलाया; इसके हम गवाह हैं।
Acts 5:31 in Urdu 31 उसी को ख़ुदा ने मालिक और मुन्जी ठहराकर अपने दहने हाथ से सर बलन्द किया, ताकि इस्राईल को तौबा की तौफ़ीक़ और गुनाहों की मु'आफ़ी बख़्शे ।
Romans 3:25 in Urdu 25 उसे ख़ुदा ने उसके ख़ून के ज़रिए एक ऐसा कफ़्फ़ारा ठहराया जो ईमान लाने से फ़ाइदेमन्द हो ताकि जो गुनाह पहले से हो चुके थे? और जिसे ख़ुदा ने बर्दाश्त करके तरजीह दी थी उनके बारे में वो अपनी रास्तबाज़ी ज़ाहिर करे।
Romans 8:14 in Urdu 14 .
Romans 8:29 in Urdu 29 क्यूँकि जिनको उसने पहले से जाना उनको पहले से मुक़र्रर भी किया कि उसके बेटे के हमशक्ल हों, ताकि वो बहुत से भाइयों में पहलौठा ठहरे।
Romans 9:23 in Urdu 23 और ये इसलिए हुआ कि अपने जलाल की दौलत रहम के बर्तनों के ज़रीए से ज़ाहिर करे जो उस ने जलाल के लिए पहले से तैयार किए थे।
Romans 9:25 in Urdu 25 चुनाँचे होसे'अ की किताब में भी ख़ुदा यूँ फ़रमाता है, “जो मेरी उम्मत नहीं थी उसे अपनी उम्मत कहूँगा'और जो प्यारी न थी उसे प्यारी कहूँगा।”
Romans 11:36 in Urdu 36 क्यूँकि उसी की तरफ़ से, और उसी के वसीले से और उसी के लिए सब चीज़ें हैं; उसकी बड़ाई हमेशा तक होती रहे आमीन।
1 Corinthians 2:7 in Urdu 7 बल्कि हम ख़ुदा के राज़ की हक़ीक़त बातों के तौर पर बयान करते हैं, जो ख़ुदा ने जहान के शुरू से पहले हमारे जलाल के वास्ते मुक़र्रर की थी।
1 Corinthians 8:6 in Urdu 6 लेकिन हमारे नज़दीक तो एक ही ख़ुदा है या'नी बाप जिसकी तरफ़ से सब चीज़ें हैं और हम उसी के लिए हैं और एक ही ख़ुदावन्द है या'नी 'ईसा' मसीह जिसके वसीले से सब चीज़ें मौजूद हुईं और हम भी उसी के वसीले से हैं।
2 Corinthians 3:18 in Urdu 18 मगर जब हम सब के बे'नक़ाब चेहरों से ख़ुदावन्द का जलाल इस तरह ज़ाहिर होता है; जिस तरह आ'इने में, तो उस ख़ुदावन्द के वसीले से जो रूह है हम उसी जलाली सूरत में दर्जा ब दर्जा बदलते जाते हैं।
2 Corinthians 4:17 in Urdu 17 क्यूँकि हमारी दम भर की हल्की सी मुसीबत हमारे लिए अज़, हद भारी और अबदी जलाल पैदा करती है।
2 Corinthians 5:18 in Urdu 18 और वो सब चीज़ें ख़ुदा की तरफ़ से हैं जिसने मसीह के वसीले से अपने साथ हमारा मेल मिलाप कर लिया और मेल मिलाप की ख़िदमत हमारे सुपुर्द की।
2 Corinthians 6:18 in Urdu 18 मैं तुम्हारा बाप हूँगा और तुम मेरे बेटे-बेटियाँ होंगे, ख़ुदावन्द क़ादिर-ए-मुतलक़ का क़ौल है।
Galatians 3:26 in Urdu 26 क्यूंकि तुम उस ईमान के वसीले से जो मसीह ईसा' में है, ख़ुदा के फ़र्ज़न्द हो|
Ephesians 1:5 in Urdu 5 उसने अपनी मर्ज़ी के नेक इरादे के मुवाफ़िक़ हमें अपने लिए पहले से मुक़र्रर किया कि ईसा' मसीह के वसीले से उसके लेपालक बेटे हों,
Ephesians 2:7 in Urdu 7 ताकि वो अपनी उस महरबानी से जो मसीह ईसा ' में हम पर है, आनेवाले ज़मानों में अपने फ़ज़ल की अज़ीम दौलत दिखाए ।
Ephesians 3:10 in Urdu 10 ताकि अब कलीसिया के वसीले से ख़ुदा की तरह तरह की हिक्मत उन हुकूमतवालों और इख़्तियार वालों को जो आसमानी मुक़ामों में हैं, मा'लूम हो जाए।
Colossians 1:16 in Urdu 16 क्यूँकि ख़ुदा ने उसी में सब कुछ पैदा किया, चाहे आस्मान पर हो या ज़मीन पर, आँखों को नज़र आए या न नज़र आएं, चाहे शाही तख़्त, क़ुव्वतें, हुक्मरान या इख़्तियार वाले हों। सब कुछ मसीह के ज़रिए और उसी के लिए पैदा हुआ।
Colossians 3:4 in Urdu 4 मसीह ही तुम्हारी ज़िन्दगी है। जब वह ज़ाहिर हो जाएगा तो तुम भी उस के साथ ज़ाहिर हो कर उस के जलाल में शरीक हो जाओगे।
2 Timothy 2:10 in Urdu 10 इसी वजह से मैं नेक लोगों की ख़ातिर सब कुछ सहता हूँ ताकि वो भी उस नजात को जो मसीह 'ईसा' में है अबदी जलाल समेत हासिल करें।
Hebrews 5:8 in Urdu 8 वह ख़ुदा का फ़र्ज़न्द तो था, तो भी उस ने दुख उठाने से फ़रमाँबरदारी सीखी।
Hebrews 6:20 in Urdu 20 वहीं ईसा' हमारे आगे आगे जा कर हमारी ख़ातिर दाख़िल हुआ है। यूँ वह मलिक-ए-सिदक की तरह हमेशा के लिए इमाम-ए-आज़म बन गया है।
Hebrews 7:26 in Urdu 26 हमें ऐसे ही इमाम-ए-आज़म की ज़रूरत थी। हाँ, ऐसा इमाम जो मुक़द्दस, बेक़ुसूर, बेदाग़, गुनाहगारों से अलग और आसमानों से बुलन्द हुआ है।
Hebrews 7:28 in Urdu 28 मूसा की शरीअत ऐसे लोगों को इमाम-ए-आज़म मुक़र्रर करती है जो कमज़ोर हैं। लेकिन शरीअत के बाद ख़ुदा की क़सम फ़र्ज़न्द को इमाम-ए-आज़म मुक़र्रर करती है, और यह फ़र्ज़न्द हमेशा तक कामिल है।
Hebrews 12:2 in Urdu 2 और दौड़ते हुए हम ईसा' को तकते रहें, उसे जो ईमान का बानी भी है और उसे तक्मील तक पहुँचाने वाला भी। याद रहे कि गो वह ख़ुशी हासिल कर सकता था तो भी उस ने सलीबी मौत की शर्मनाक बेइज़्ज़ती की परवाह न की बल्कि उसे बर्दाश्त किया। और अब वह ख़ुदा के तख़्त के दहने हाथ जा बैठा है!
1 Peter 1:12 in Urdu 12 उन पर ये ज़ाहिर किया गया कि वो न अपनी बल्कि तुम्हारी ख़िदमत के लिए ये बातें कहा करते थे,जिनकी ख़बर अब तुम को उनके ज़रिये मिली जिन्होंने रूह-उल-क़ुद्दुस के वसीले से, जो आसमान पर से भेजा गया तुम को ख़ुशख़बरी दी; और फ़रिश्ते भी इन बातों पर गौर से नज़र करने के मुश्ताक़ हैं|
1 Peter 5:1 in Urdu 1 तुम में जो बुज़ुर्ग हैं, मैं उनकी तरह बुज़ुर्ग और मसीह के दुखों का गवाह और ज़ाहिर होने वाले जलाल में शरीक होकर उनको ये नसीहत करता हूँ |
1 Peter 5:10 in Urdu 10 अब ख़ुदा जो हर तरह के फ़ज़ल का चश्मा है, जिसने तुम को मसीह में अपने अबदी जलाल के लिए बुलाया, तुम्हारे थोड़ी मुद्दत तक दुःख उठाने के बा'द आप ही तुम्हें कामिल और क़ायम और मज़बूत करेगा |
1 John 3:1 in Urdu 1 देखो ,बाप ने हम से कैसी मुहब्बत की है कि हम ख़ुदा के फ़र्ज़न्द कहलाए ,और हम है भी |दुनिया हमें इसलिए नहीं जानती कि उसने उसे भी नहीं जाना |
Revelation 4:11 in Urdu 11 “ऐ हमारे ख़ुदावन्द और ख़ुदा, तू ही बड़ाई और 'इज़्ज़त और क़ुदरत के लायक़ है; क्यूंकि तू ही ने सब चीज़ें पैदा कीं और वो तेरी ही मर्ज़ी से थीं और पैदा हुईं |”
Revelation 7:9 in Urdu 9 इन बातों के बा'द जो मैंने निगाह की, तो क्या देखता हूँ कि हर एक क़ौम और क़बीला और उम्मत और अहल-ए-ज़बान की एक ऐसी बड़ी भीड़, जिसे कोई शुमार नहीं कर सकता, सफ़ेद जामे पहने और खजूर की डालियाँ अपने हाथों में लिए हुए तख़्त और बर्रे के आगे खड़ी है,