Hebrews 12:2 in Urdu 2 और दौड़ते हुए हम ईसा' को तकते रहें, उसे जो ईमान का बानी भी है और उसे तक्मील तक पहुँचाने वाला भी। याद रहे कि गो वह ख़ुशी हासिल कर सकता था तो भी उस ने सलीबी मौत की शर्मनाक बेइज़्ज़ती की परवाह न की बल्कि उसे बर्दाश्त किया। और अब वह ख़ुदा के तख़्त के दहने हाथ जा बैठा है!
Other Translations King James Version (KJV) Looking unto Jesus the author and finisher of our faith; who for the joy that was set before him endured the cross, despising the shame, and is set down at the right hand of the throne of God.
American Standard Version (ASV) looking unto Jesus the author and perfecter of `our' faith, who for the joy that was set before him endured the cross, despising shame, and hath sat down at the right hand of the throne of God.
Bible in Basic English (BBE) Having our eyes fixed on Jesus, the guide and end of our faith, who went through the pains of the cross, not caring for the shame, because of the joy which was before him, and who has now taken his place at the right hand of God's seat of power.
Darby English Bible (DBY) looking stedfastly on Jesus the leader and completer of faith: who, in view of the joy lying before him, endured [the] cross, having despised [the] shame, and is set down at the right hand of the throne of God.
World English Bible (WEB) looking to Jesus, the author and perfecter of faith, who for the joy that was set before him endured the cross, despising shame, and has sat down at the right hand of the throne of God.
Young's Literal Translation (YLT) looking to the author and perfecter of faith -- Jesus, who, over-against the joy set before him -- did endure a cross, shame having despised, on the right hand also of the throne of God did sit down;
Cross Reference Matthew 16:21 in Urdu 21 उस वक़्त से ईसा' अपने शागिर्दों पर ज़ाहिर करने लगा “कि उसे ज़रूर है कि यरूशलीम को जाए और बुज़ुर्गों और सरदार काहिनों और आलिमों की तरफ़ से बहुत दु:ख उठाए; और क़त्ल किया जाए और तीसरे दिन जी उठे।”
Matthew 20:18 in Urdu 18 “देखो; हम यरूशलीम को जाते हैं; और इबने आदम सरदार काहिनों और फ़क़ीहों के हवाले किया जाएगा; और वो उसके क़त्ल का हुक्म देंगे।
Matthew 20:28 in Urdu 28 चुनाँचे; इबने आदम इसलिए नहीं आया कि ख़िदमत ले; बल्कि इसलिए कि ख़िदमत करे और अपनी जान बहुतों के बदले फ़िदिये में दें।”
Matthew 26:67 in Urdu 67 इस पर उन्होंने उसके मुँह पर थूका और उसके मुक्के मारे और कुछ ने तमांचे मार कर कहा।
Matthew 27:27 in Urdu 27 इस पर हाकिम के सिपाहियों ने ईसा' को क़िले में ले जाकर सारी पलटन उसके आस पास जमा की।
Mark 9:12 in Urdu 12 उसने उनसे कहा,“एलियाह अलबत्ता पहले आकर सब कुछ बहाल करेगा मगर क्या वजह है कि इबने आदम के हक़ में लिखा है कि वो बहुत से दु:ख उठाएगा और ज़लील किया जाएगा?
Mark 9:24 in Urdu 24 उस लड़के के बाप ने फ़ौरन चिल्लाकर कहा. “मैं ऐ'तिक़ाद रखता हूँ, मेरी बे ऐ'तिक़ादी का इलाज कर।”
Mark 14:36 in Urdu 36 “और कहा ऐ अब्बा ऐ बाप तुझ से सब कुछ हो सकता है इस प्याले को मेरे पास से हटा ले तोभी जो मैं चाहता हूँ वो नहीं बल्कि जो तू चाहता है वही हो।”
Luke 17:5 in Urdu 5 “ इस पर रसूलों ने खुदावन्द से कहा, ““हमारे ईमान को बढ़ा |""”
Luke 23:11 in Urdu 11 फिर हेरोदेस और उस के फ़ौजियों ने उसको ज़लील करते हुए उस का मज़ाक़ उड़ाया और उसे चमकदार लिबास पहना कर पीलातुस के पास वापस भेज दिया।
Luke 23:35 in Urdu 35 हुजूम वहाँ खड़ा तमाशा देखता रहा जबकि क़ौम के सरदारों ने उस का मज़ाक़ भी उड़ाया। उन्हों ने कहा, “उस ने औरों को बचाया है। अगर यह खुदा का चुना हुआ और मसीह है तो अपने आप को बचाए।
Luke 24:26 in Urdu 26 क्या जरूरी नहीं था कि मसीह यह सब कुछ झेल कर अपने जलाल में दाख़िल हो जाए?”
John 1:29 in Urdu 29 “दूसरे दिन उसनेईसा’'को अपनी तरफ़ आते देखकर कहा, ““देखो,ये ख़ुदा का बर्रा है जो दुनिया का गुनाह उठा ले जाता है!”
John 6:40 in Urdu 40 “क्यूँकि मेरे बाप की मर्ज़ी ये है,कि जो कोइ बेटे को देखे और उस पर ईमान लाए,और हमेशा की ज़िन्दगी पाए और मैं उसे आख़िरी दिन फिर ज़िन्दा करूँ|"””
John 8:56 in Urdu 56 “ तुम्हारा बाप अब्रहाम मेरा दिन देखने की उम्मीद पर बहुत ख़ुश था, चुनांचे उसने देखा और ख़ुश हुआ |""”
John 12:24 in Urdu 24 मैं तुम को सच बताता हूँ कि जब तक गन्दुम का दाना ज़मीन में गिर कर मर न जाए वह अकेला ही रहता है। लेकिन जब वह मर जाता है तो बहुत सा फल लाता है।
John 12:27 in Urdu 27 अब मेरा दिल घबराता है। मैं क्या कहूँ? क्या मैं कहूँ, ‘ऐ बाप, मुझे इस वक़्त से बचाए रख’? नहीं, मैं तो इसी लिए आया हूँ।
John 12:32 in Urdu 32 और मैं ख़ुद ज़मीन से ऊँचे पर चढ़ाए जाने के बाद सब को अपने पास बुला लूँगा।”
John 13:3 in Urdu 3 ईसा' जानता था कि बाप ने सब कुछ मेरे हवाले कर दिया है और कि मैं खुदा से निकल आया और अब उस के पास वापस जा रहा हूँ।
John 13:31 in Urdu 31 यहूदाह के चले जाने के बाद ईसा' ने कहा, “अब इब्न-ए-आदम ने जलाल पाया और खुदा ने उस में जलाल पाया है।
John 17:1 in Urdu 1 यह कह कर ईसा ने अपनी नज़र आसमान की तरफ़ उठाई और दुआ की, “ऐ बाप, वक़्त आ गया है। अपने बेटे को जलाल दे ताकि बेटा तुझे जलाल दे।
Acts 2:25 in Urdu 25 क्यूँकि दाऊद उसके हक़ में कहता है।कि मैं खु़दावन्द को हमेशा अपने सामने देखता रहा; क्यूँकि वो मेरी दहनी तरफ़ है ताकि मुझे जुम्बिश ना हो।
Acts 2:36 in Urdu 36 पस इस्राईल का सारा घराना यक़ीन जान ले कि ख़ुदा ने उसी ईसा' को जिसे तुम ने मस्लूब किया ख़ुदावन्द भी किया और मसीह भी|”
Acts 5:31 in Urdu 31 उसी को ख़ुदा ने मालिक और मुन्जी ठहराकर अपने दहने हाथ से सर बलन्द किया, ताकि इस्राईल को तौबा की तौफ़ीक़ और गुनाहों की मु'आफ़ी बख़्शे ।
Acts 5:41 in Urdu 41 पस वो अदालत से इस बात पर ख़ुश होकर चले गए; कि हम उस नाम की ख़ातिर बेइज़्ज़त होने के लायक़ तो ठहरे।
1 Corinthians 1:7 in Urdu 7 यहाँ तक कि तुम किसी ने'मत में कम नहीं, और हमारे ख़ुदावन्द ईसा' मसीह के ज़हूर के मुन्तज़िर हो।
Ephesians 2:16 in Urdu 16 और सलीब पर दुश्मनी को मिटा कर और उसकी वजह से दोनों को एक तन बना कर ख़ुदा से मिलाए।
Ephesians 5:2 in Urdu 2 और मुहब्बत से चलो जैसे मसीह ने तुम से मुहब्बत की, और हमारे वास्ते अपने आपको ख़ुशबू की तरह ख़ुदा की नज़्र करके क़ुर्बान किया।
Philippians 1:6 in Urdu 6 और मुझे इस बात का भरोसा है कि जिस ने तुम में नेक काम शुरू किए है, वो उसे ईसा' मसीह के आने तक पूरा कर देगा|
Philippians 2:8 in Urdu 8 और इन्सानी सूरत में ज़ाहिर होकर अपने आप को पस्त कर दिया और यहाँ तक फ़रमाबरदार रहा कि मौत बल्कि सलीबी मौत गवारा की|
Philippians 3:20 in Urdu 20 मगर हमारा वतन असमान पर है हम एक मुन्जी यानी ख़ुदावन्द 'ईसा' मसीह के वहां से आने के इन्तिज़ार में हैं|
2 Timothy 4:8 in Urdu 8 आइन्दा के लिए मेरे वास्ते रास्तबाज़ी का वो ताज रखा हुआ है, जो आदिल मुन्सिफ़ या'नी “ख़ुदावन्द” मुझे उस दिन देगा और सिर्फ़ मुझे ही नहीं बल्कि उन सब को भी जो उस के ज़हूर के आरज़ूमन्द हों।
Titus 2:13 in Urdu 13 और उस मुबारक उम्मीद या'नी अपने बुज़ुर्ग ख़ुदा और मुन्जी ईसा' मसीह के जलाल के ज़ाहिर होने के मुन्तज़िर रहें।
Hebrews 1:3 in Urdu 3 वो उसके जलाल की रोशनी और उसकी ज़ात का नक़्श होकर सब चीज़ों को अपनी क़ुदरत के कलाम से सम्भालता है | वो गुनाहों को धोकर 'आलम-ए-बाला पर ख़ुदा की दहनी तरफ़ जा बैठा;
Hebrews 1:13 in Urdu 13 लेकिन उसने फ़रिश्तों में से किसी के बारे में कब कहा, “तू मेरी दहनी तरफ़ बैठ, जब तक मैं तेरे दुश्मनों को तेरे पाँव तले की चौकी न कर दूँ” ?
Hebrews 2:7 in Urdu 7 तू ने उसे फ़रिश्तों से कुछ ही कम किया; तू ने उस पर जलाल और 'इज़्ज़त का ताज रख्खा, और अपने हाथों के कामों पर उसे इख़्तियार बख़्शा |
Hebrews 5:9 in Urdu 9 जब वह कामिलियत तक पहुँच गया तो वह उन सब की अबदी नजात का सरचश्मा बन गया जो उस की सुनते हैं।
Hebrews 7:19 in Urdu 19 (मूसा की शरीअत तो किसी चीज़ को कामिल नहीं बना सकती थी) और अब एक बेहतर उम्मीद मुहय्या की गई है जिस से हम ख़ुदा के क़रीब आ जाते हैं।
Hebrews 8:1 in Urdu 1 जो कुछ हम कह रहे हैं उस की ख़ास बात यह है, हमारा एक ऐसा इमाम-ए-आज़म है जो आसमान पर जलाली ख़ुदा के तख़्त के दहने हाथ बैठा है।
Hebrews 9:28 in Urdu 28 इसी तरह मसीह को भी एक ही बार बहुतों के गुनाहों को उठा कर ले जाने के लिए क़ुर्बान किया गया। दूसरी बार जब वह ज़ाहिर होगा तो गुनाहों को दूर करने के लिए ज़ाहिर नहीं होगा बल्कि उन्हें नजात देने के लिए जो शिद्दत से उस का इन्तिज़ार कर रहे हैं।
Hebrews 10:5 in Urdu 5 इस लिए मसीह दुनिया में आते वक़्त ख़ुदा से कहता है, कि तूने “ क़ुर्बानी और नज़र को पसंद ना किया बल्कि मेरे लिए एक बदन तैयार किया |
Hebrews 10:14 in Urdu 14 यूँ उस ने एक ही क़ुर्बानी से उन्हें सदा के लिए कामिल बना दिया है जिन्हें पाक किया जा रहा है।
Hebrews 10:33 in Urdu 33 कभी कभी आप की बेइज़्ज़ती और अवाम के सामने ही ईज़ा रसानी होती थी, कभी कभी आप उन के साथी थे जिन से ऐसा सुलूक हो रहा था।
Hebrews 11:36 in Urdu 36 कुछ को लान-तान और कोड़ों बल्कि ज़न्जीरों और क़ैद का भी सामना करना पड़ा।
Hebrews 12:3 in Urdu 3 उस पर ग़ौर करें जिस ने गुनाहगारों की इतनी मुख़ालफ़त बर्दाश्त की। फिर आप थकते थकते बेदिल नहीं हो जाएंगे।
Hebrews 13:13 in Urdu 13 इस लिए आएँ, हम ख़ेमागाह से निकल कर उस के पास जाएँ और उस की बेइज़्ज़ती में शरीक हो जाएँ।
1 Peter 1:11 in Urdu 11 उन्होंने इस बात की तहक़ीक़ की कि मसीह का रूह जो उस में था,और पहले मसीह के दुखों और उनके बा'द के जलाल की गवाही देता था, वो कौन से और कैसे वक़्त की तरफ़ इशारा करता था|
1 Peter 2:23 in Urdu 23 न वो गालियाँ खाकर गाली देता था और न दुख पाकर किसी को धमकाता था; बल्कि अपने आप को सच्चे इन्साफ़ करनेवाले के सुपुर्द करता था |
1 Peter 3:18 in Urdu 18 इसलिए कि मसीह ने भी या'नी रास्तबाज़ ने नारास्तों के लिए, गुनाहों के बा'इस एक बार दुख उठाया ताकि हम को ख़ुदा के पास पहुँचाए; वो जिस्म के ऐ'तबार से मारा गया, लेकिन रूह के ऐ'तबार से तो ज़िन्दा किया गया |
1 Peter 3:22 in Urdu 22 वो आसमान पर जाकर ख़ुदा की दाहनी तरफ बैठा है, और फ़रिश्ते और इख़्तियारात और कुदरतें उसके ताबे' की गई हैं |
1 Peter 4:14 in Urdu 14 अगर मसीह के नाम की वजह से तुम्हें मलामत की जाती है तो तुम मुबारक हो, क्योंकि जलाल का रूह या'नी ख़ुदा का रूह तुम पर साया करता है |
1 John 1:1 in Urdu 1 उस ज़िन्दगी के कलाम के बारे में जो शुरू से था ,और जिसे हम ने सुना और अपनी आँखों से देखा बल्कि ,ग़ौर से देखा और अपने हाथों से छुआ |
Jude 1:21 in Urdu 21 अपने आपको 'ख़ुदा' की मुहब्बत में क़ायम रख्खो; और हमेशा की ज़िन्दगी के लिए हमारे ख़ुदावन्द 'ईसा' मसीह की रहमत के इन्तिज़ार में रहो |
Revelation 1:8 in Urdu 8 ख़ुदावंद ख़ुदा जो है और जो था और जो आनेवाला है, या'नी क़ादिर-ए-मुत्ल्क फ़रमाता है, “मैं अल्फ़ा और ओमेगा हूँ |”
Revelation 1:11 in Urdu 11 “जो कुछ तू देखता है उसे एक किताब में लिख कर उन सातों कलीसियाओं के पास भेज दे या'नी इफ़िसुस, और सुमरना, और परिगमुन, और थुवातीरा,और सरदीस,और फ़िलदिल्फ़िया,और लौदोकिया में |”
Revelation 1:17 in Urdu 17 जब मैंने उसे देखा तो उसके पाँव में मुर्दा सा गिर पड़ा| और उसने ये कहकर मुझ पर अपना दहना हाथ रख्खा, “ ख़ौफ़ न कर ; मैं अव्वल और आख़िर,”
Revelation 2:8 in Urdu 8 “और समुरना की कलीसिया के फ़रिश्ते को ये लिख : “जो अव्वल-ओ-आख़िर है, और जो मर गया था और ज़िन्दा हुआ, वो ये फ़रमाता है कि “