Colossians 1:23 in Urdu 23 बेशक अब ज़रूरी है कि तुम ईमान में क़ायम रहो, कि तुम ठोस बुन्याद पर मज़्बूती से खड़े रहो और उस ख़ुशख़बरी की उम्मीद से हट न जाओ जो तुम ने सुन ली है। यह वही पैग़ाम है जिस का एलान दुनिया में हर मख़्लूक़ के सामने कर दिया गया है और जिस का ख़ादिम मैं पौलुस बन गया हूँ।
Other Translations King James Version (KJV) If ye continue in the faith grounded and settled, and be not moved away from the hope of the gospel, which ye have heard, and which was preached to every creature which is under heaven; whereof I Paul am made a minister;
American Standard Version (ASV) if so be that ye continue in the faith, grounded and stedfast, and not moved away from the hope of the gospel which ye heard, which was preached in all creation under heaven; whereof I Paul was made a minister.
Bible in Basic English (BBE) If you keep yourselves safely based in the faith, not moved from the hope of the good news which came to you, and which was given to every living being under heaven; of which I, Paul, was made a servant.
Darby English Bible (DBY) if indeed ye abide in the faith founded and firm, and not moved away from the hope of the glad tidings, which ye have heard, which have been proclaimed in the whole creation which [is] under heaven, of which *I* Paul became minister.
World English Bible (WEB) if it is so that you continue in the faith, grounded and steadfast, and not moved away from the hope of the Gospel which you heard, which is being proclaimed in all creation under heaven; of which I, Paul, was made a servant.
Young's Literal Translation (YLT) if also ye remain in the faith, being founded and settled, and not moved away from the hope of the good news, which ye heard, which was preached in all the creation that `is' under the heaven, of which I became -- I Paul -- a ministrant.
Cross Reference Matthew 7:24 in Urdu 24 पस जो कोई मेरी यह बातें सुनता और उन पर अमल करता है वह उस अक़्लमन्द आदमी की तरह ठहरेगा जिस ने चट्टान पर अपना घर बनाया।
Matthew 24:13 in Urdu 13 लेकिन जो आख़िर तक बर्दाशत करेगा वो नजात पाएगा। ।
Mark 16:15 in Urdu 15 और उसने उनसे कहा“तुम सारी दुनिया में जाकर सारी मखलूक के सामने इन्जील कि मनादी करो।
Luke 6:48 in Urdu 48 वो उस आदमी की तरह है जिसने घर बनाते वक्त ज़मीन गहरी खोदकर चट्टान पर बुनियाद डाली, जब तूफ़ान आया और सैलाब उस घर से टकराया, तो उसे हिला न सका क्यूँकि वो मज़बूत बना हुआ था ||
Luke 8:13 in Urdu 13 और चट्टान पर वो हैं जो सुनकर कलाम को ख़ुशी से क़ुबूल कर लेते हैं, लेकिन जड़ नहीं पकड़ते मगर कुछ 'अरसे तक ईमान रख कर आज़माइश के वक्त मुड़ जाते हैं |
Luke 22:32 in Urdu 32 लेकिन मैंने तेरे लिए दुआ की है ताकि तेरा ईमान जाता न रहे। और जब तू मुड़ कर वापस आए तो उस वक़्त अपने भाइयों को मज़्बूत करना।”
John 8:30 in Urdu 30 जब वो ये बातें कह रहा था तो बहुत से लोग उस पर ईमान लाए |
John 15:6 in Urdu 6 जो मुझ में कायम नहीं रहता और न मैं उस में उसे सूखी डाल की तरह बाहर फैंक दिया जाता है। और लोग उन का ढेर लगा कर उन्हें आग में झोंक देते हैं जहाँ वह जल जाती हैं।
John 15:9 in Urdu 9 जिस तरह बाप ने मुझ से मुहब्बत रखी है उसी तरह मैं ने तुम से भी मुहब्बत रखी है। अब मेरी मुहब्बत में क़ायम रहो।
Acts 1:17 in Urdu 17 क्यूँकि वो हम में शुमार किया गया और उस ने इस ख़िदमत का हिस्सा पाया।”
Acts 1:25 in Urdu 25 ताकि वह इस ख़िदमत और रसूलो की जगह ले, जिसे यहूदाह छोड़ कर अपनी जगह गया।”
Acts 2:5 in Urdu 5 और हर क़ौम में से जो आसमान के नीचे ख़ुदा तरस यहूदी यरूशलीम में रहते थे।
Acts 4:12 in Urdu 12 और किसी दूसरे के वसीले से नजात नहीं, क्यूँकि आसमान के तले आदमियों को कोई दुसरा नाम नहीं बख्शा गया , जिसके वसीले से हम नजात पा सकें।”
Acts 11:23 in Urdu 23 वो पहूँचकर और ख़ुदा का फ़ज़ल देख कर ख़ुश हुआ, और उन सब को नसीहत की कि दिली इरादे से ख़ुदावन्द से लिपटे रहो।
Acts 14:22 in Urdu 22 और शागिर्दों के दिलों को मज़बूत करते, और ये नसीहत देते थे, कि ईमान पर क़ायम रहो और कहते थे “ज़रुर है कि हम बहुत मुसीबतें सहकर “ख़ुदा” की बादशाही में दाख़िल हों।”
Acts 20:24 in Urdu 24 लेकिन मैं अपनी जान को अज़ीज़ नहीं समझता कि उस की कुछ क़द्र करूँ; बावजूद इसके कि अपना दौर और वो ख़िदमत जो “ख़ुदावन्द ईसा' से पाई है, पूरी करूँ। या'नी ख़ुदा के फ़ज़ल की ख़ुशख़बरी की गवाही दूँ।
Acts 26:16 in Urdu 16 लेकिन उठ अपने पाँव पर खड़ा हो, क्यूकि मैं इस लिए तुझ पर ज़ाहिर हुआ हूँ, कि तुझे उन चीज़ों का भी ख़ादिम और गवाह मुक़र्रर करूँ जिनकी गवाही के लिए तू ने मुझे देखा है, और उन का भी जिनकी गवाही के लिए में तुझ पर ज़ाहिर हुआ करूँगा।
Romans 2:7 in Urdu 7 जो अच्छे काम में साबित क़दम रह कर जलाल और इज़्ज़त और बक़ा के तालिब होते हैं उनको हमेशा की ज़िन्दगी देगा।
Romans 5:5 in Urdu 5 और उम्मीद से शर्मिन्दगी हासिल नहीं होती क्यूँकि रूह -उल- क़ुद्दूस जो हम को बख़्शा गया है उसके वसीले से ख़ुदा की मुहब्बत हमारे दिलों में डाली गई है।
Romans 10:18 in Urdu 18 लेकिन मैं कहता हूँ, क्या उन्होंने नहीं सुना? चुनाँचे लिखा है, “उनकी आवाज़ तमाम रू'ए ज़मीन पर और उनकी बातें दुनिया की इन्तिहा तक पहुँची”|
Romans 15:16 in Urdu 16 कि मैं ख़ुदा की ख़ुशख़बरी की ख़िदमत इमाम की तरह अंजाम दूँ ताकि ग़ैर क़ौमें नज़्र के तौर पर रूह- उल क़ुद्दूस से मुक़द्दस बन कर मक़्बूल हो जाएँ।
1 Corinthians 3:5 in Urdu 5 अपुल्लोस क्या चीज़ है? और पौलुस क्या? ख़ादिम जिनके वसीले से तुम ईमान लाए और हर एक को वो हैसियत है जो ख़ुदावन्द ने उसे बख़्शी।
1 Corinthians 4:1 in Urdu 1 आदमी हम को मसीह का ख़ादिम और ख़ुदा के हिकमत का मुख़्तार समझे।
1 Corinthians 15:58 in Urdu 58 पस ऐ मेरे अज़ीज़ भाइयों! साबित क़दम और क़ायम रहो और ख़ुदावन्द के काम में हमेशा बढ़ते रहो क्यूँकि ये जानते हो कि तुम्हारी मेंहनत ख़ुदावन्द में बेफ़ाइदा नहीं है।
2 Corinthians 3:6 in Urdu 6 जिसने हम को नये 'अहद के ख़ादिम होने के लायक़ भी किया लफ़्ज़ों के ख़ादिम नहीं बल्कि रूह के क्यूँकि लफ़्ज़ मार डालते हैं मगर रूह ज़िन्दा करती है।
2 Corinthians 4:1 in Urdu 1 पस जब हम पर ऐसा रहम हुआ कि हमें ये ख़िदमत मिली, तो हम हिम्मत नहीं हारते।
2 Corinthians 5:18 in Urdu 18 और वो सब चीज़ें ख़ुदा की तरफ़ से हैं जिसने मसीह के वसीले से अपने साथ हमारा मेल मिलाप कर लिया और मेल मिलाप की ख़िदमत हमारे सुपुर्द की।
2 Corinthians 6:1 in Urdu 1 हम जो उस के साथ काम में शरीक हैं, ये भी गुज़ारिश करते हें कि ख़ुदा का फ़ज़ल जो तुम पर हुआ बे फ़ायदा न रहने दो |
2 Corinthians 11:23 in Urdu 23 क्या वही मसीह के ख़ादिम हैं? (मेरा ये कहना दीवानगी है) मैं ज़्यादा तर हूँ मेहनतों में ज़्यादा क़ैद में ज़्यादा कोड़े खाने में हद से ज़्यादा बारहा मौत के खतरों में रहा हूँ।
Galatians 4:11 in Urdu 11 मुझे तुम्हारे बारे में डर लगता है,कहीं ऐसा न हो कि जो मेहनत मैंने तुम पर की है बेकार न हो जाए
Galatians 5:5 in Urdu 5 क्यूंकि हम रूह के ज़रिए , ईमान से रास्तबाज़ी की उम्मीद बर आने के मुन्तज़िर हैं|
Galatians 5:7 in Urdu 7 तुम तो अच्छी तरह दौड़ रहे थे किसने तम्हें हक़ के मानने से रोक दिया |
Galatians 6:9 in Urdu 9 हम नेक काम करने में हिममत न हारें, क्यूँकि अगर बेदिल न होंगे तो 'सही वक़्त पर काटेंगे|
Ephesians 1:18 in Urdu 18 और तुम्हारे दिल की आँखें रौशन हो जाएँ ताकि तुम को मालूम हो कि उसके बुलाने से कैसी कुछ उम्मीद है, और उसकी मीरास के जलाल की दौलत मुक़द्दसों में कैसी कुछ है,
Ephesians 2:21 in Urdu 21 उसी में हर एक 'इमारत मिल-मिलाकर ख़ुदावन्द में एक पाक मक़्दिस बनता जाता है।
Ephesians 3:7 in Urdu 7 और ख़ुदा के उस फ़ज़ल की बख़्शिश से जो उसकी क़ुदरत की तासीर से मुझ पर हुआ, मैं इस ख़ुशख़बरी का ख़ादिम बना।
Ephesians 3:17 in Urdu 17 और ईमान के वसीले से मसीह तुम्हारे दिलों में सुकूनत करे ताकि तुम मुहब्बत में जड़ पकड़ के और बुनियाद क़ायम करके,
Ephesians 4:16 in Urdu 16 जिससे सारा बदन, हर एक जोड़ की मदद से पैवस्ता होकर और गठ कर, उस तासीर के मुवाफ़िक़ जो बक़द्र-ए-हर हिस्सा होती है, अपने आप को बढ़ाता है ताकि मुहब्बत में अपनी तरक्की करता जाए।
Colossians 1:5 in Urdu 5 तुम्हारा यह ईमान और मुहब्बत वह कुछ ज़ाहिर करता है जिस की तुम उम्मीद रखते हो और जो आस्मान पर तुम्हारे लिए मह्फ़ूज़ रखा गया है। और तुम ने यह उम्मीद उस वक़्त से रखी है जब से तुम ने पहली मर्तबा सच्चाई का कलाम यानी ख़ुदा की ख़ुशख़बरी सुनी।
Colossians 1:25 in Urdu 25 हाँ, ख़ुदा ने मुझे अपनी जमाअत का ख़ादिम बना कर यह ज़िम्मेंदारी दी कि मैं तुम को ख़ुदा का पूरा कलाम सुना दूँ,
Colossians 2:7 in Urdu 7 उस में जड़ पकड़ो, उस पर अपनी ज़िन्दगी तामीर करो, उस ईमान में मज़्बूत रहो जिस की तुमको तालीम दी गई है और शुक्रगुज़ारी से लबरेज़ हो जाओ।
1 Thessalonians 3:3 in Urdu 3 कि इन मुसीबतों के ज़रिये से कोई न घबराए, क्योंकि तुम आप जानते हो कि हम इन ही के लिए मुक़र्रर हुए हैं।
1 Thessalonians 3:5 in Urdu 5 इस वास्ते जब मैं और ज़्यादा बर्दाश्त न कर सका तो तुम्हारे ईमान का हाल दरियाफ़्त करने को भेजा; कहीं ऐसा न हो कि आज़माने वाले ने तुम्हें आज़माया हो और हमारी मेहनत बेफ़ाइदा रह गई हो।
1 Thessalonians 5:8 in Urdu 8 मगर हम जो दिन के हैं ईमान और मुहब्बत का बख़्तर लगा कर और निजात की उम्मीद कि टोपी पहन कर होशियार रहें।
2 Thessalonians 2:16 in Urdu 16 अब हमारा ख़ुदावन्द 'ईसा' मसीह ख़ुद और हमारा बाप ख़ुदा जिसने हम से मुहब्बत रखी और फ़ज़ल से हमेशा तसल्ली और अच्छी उम्मीद बख़्शी
1 Timothy 1:12 in Urdu 12 मैं अपनी ताक़त बख़्शने वाले ख़ुदावन्द मसीह ईसा' का शुक्र करता हूँ कि उसने मुझे दियाननदार समझकर अपनी ख़िदमत के लिए मुक़र्रर किया|
1 Timothy 2:7 in Urdu 7 मैं सच कहता हूँ, झूट नहीं बोलता,कि मैं इसी ग़रज़ से ऐलान करने वाला और रसूल और ग़ैर-क़ौमों को ईमान और सच्चाई की बातें सिखाने वाला मुक़र्रर हुआ|
2 Timothy 1:11 in Urdu 11 जिस के लिए मैं ऐलान करने वाला और रसूल और उस्ताद मुक़र्रर हुआ।
2 Timothy 4:5 in Urdu 5 मगर तू सब बातों में होशियार रह, दु:ख उठा बशारत का काम अन्जाम दे अपनी ख़िदमत को पूरा कर।
Titus 3:7 in Urdu 7 ताकि हम उसके फ़ज़ल से रास्तबाज़ ठहर कर हमेशा की ज़िन्दगी की उम्मीद के मुताबिक़ वारिस बनें ।
Hebrews 3:6 in Urdu 6 लेकिन मसीह बेटे की तरह उसके घर का मालिक है, और उसका घर हम हैं; बशर्ते कि अपनी दिलेरी और उम्मीद का फ़ख़्र आख़िर तक मज़बूती से क़ायम रख्खें |
Hebrews 3:14 in Urdu 14 क्यूँकि हम मसीह में शरीक हुए हैं, बशर्ते कि अपने शुरुआत के भरोसे पर आख़िर तक मज़बूती से क़ायम रहें |
Hebrews 4:14 in Urdu 14 पस जब हमारा एक ऐसा बड़ा सरदार काहिन है जो आसमानों से गुज़र गया, या'नी ख़ुदा का बेटा ईसा' , तो आओ हम अपने इक़रार पर क़ायम रहें |
Hebrews 6:19 in Urdu 19 क्यूँकि यह उम्मीद हमारी जान के लिए मज़बूत लंगर है। और यह आसमानी बैत-उल-मुक़द्दस के पाकतरीन कमरे के पर्दे में से गुज़र कर उस में दाख़िल होती है।
Hebrews 10:38 in Urdu 38 लेकिन मेरा रास्तबाज़ ईमान ही से जीता रहेगा, और अगर वो हटेगा तो मेरा दिल उससे खुश न होगा|”
1 Peter 1:3 in Urdu 3 हमारे ख़ुदावंद ईसा' मसीह के ख़ुदा और बाप की हम्द हो, जिसने ईसा' मसीह के मुर्दों में से जी उठने के ज़रिये, अपनी बड़ी रहमत से हमे जिन्दा उम्मीद के लिए नए सिरे से पैदा किया,
1 Peter 1:5 in Urdu 5 वो तुम्हारे वास्ते जो ख़ुदा की क़ुदरत से ईमांन के वसीले से , उस नजात के लिए जो आख़री वक़्त में ज़ाहिर होने को तैयार है, हिफ़ाज़त किये जाते हो आसमान पर महफ़ूज़ है |
2 Peter 2:18 in Urdu 18 वो घमण्ड की बेहूदा बातें बक बक कर बुरी आदतों के ज़रि'ए से , उन लोगों को जिस्मानी ख़्वाहिशों में फँसाते हैं जो गुमराही में से निकल ही रहे हैं|
1 John 2:27 in Urdu 27 और तुम्हारा वो मसह जो उसकी तरफ़ से किया गया ,तुम में क़ायम रहता है; और तुम इसके मोहताज नहीं कि कोई तुम्हें सिखाए ,बल्कि जिस तरह वो मसह जो उसकी तरफ़ से किया गया ,तुम्हें सब बातें सिखाता है और सच्चा है और झूठा नहीं ;और जिस तरह उसने तुम्हें सिखाया उसी तरह तुम उसमे क़ायम रहते हो |
1 John 3:1 in Urdu 1 देखो ,बाप ने हम से कैसी मुहब्बत की है कि हम ख़ुदा के फ़र्ज़न्द कहलाए ,और हम है भी |दुनिया हमें इसलिए नहीं जानती कि उसने उसे भी नहीं जाना |
Revelation 2:10 in Urdu 10 जो दुख तुझे सहने होंगे उनसे ख़ौफ़ न कर ,देखो शैतान तुम में से कुछ को क़ैद में डालने को है ताकि तुम्हारी आज़माइश पूरी हो और दस दिन तक मुसीबत उठाओगे जान देने तक वफ़ादार रहो तो में तुझे ज़िन्दगी का ताज दूँगा|