Acts 9:31 in Urdu 31 पस तमाम यहूदियो और गलील और सामरिया में कलीसिया को चैन हो गया और उसकी तरक़्क़ी होती गई और वो “ख़ुदावन्द” के ख़ौफ़ और रूह- उल -क़ुद्दूस की तसल्ली पर चलती और बढ़ती जाती थी।
Other Translations King James Version (KJV) Then had the churches rest throughout all Judaea and Galilee and Samaria, and were edified; and walking in the fear of the Lord, and in the comfort of the Holy Ghost, were multiplied.
American Standard Version (ASV) So the church throughout all Judaea and Galilee and Samaria had peace, being edified; and, walking in the fear of the Lord and in the comfort of the Holy Spirit, was multiplied.
Bible in Basic English (BBE) And so the church through all Judaea and Galilee and Samaria had peace and was made strong; and, living in the fear of the Lord and in the comfort of the Holy Spirit, was increased greatly.
Darby English Bible (DBY) The assemblies then throughout the whole of Judaea and Galilee and Samaria had peace, being edified and walking in the fear of the Lord, and were increased through the comfort of the Holy Spirit.
World English Bible (WEB) So the assemblies throughout all Judea and Galilee and Samaria had peace, and were built up. They were multiplied, walking in the fear of the Lord and in the comfort of the Holy Spirit.
Young's Literal Translation (YLT) Then, indeed, the assemblies throughout all Judea, and Galilee, and Samaria, had peace, being built up, and, going on in the fear of the Lord, and in the comfort of the Holy Spirit, they were multiplied.
Cross Reference John 14:16 in Urdu 16 और मैं बाप से गुज़ारिश करूँगा तो वह तुम को एक और मददगार देगा जो हमेशा तक तुम्हारे साथ रहेगा
Acts 6:7 in Urdu 7 और “ख़ुदा” का कलाम फैलता रहा, और यरूशलीम में शागिर्दों का शुमार बहुत ही बढ़ता गया, और काहिनों की बड़ी गिरोह इस दीन के तहत में हो गई।
Acts 8:1 in Urdu 1 और साऊल उस के क़त्ल में शामिल था| उसी दिन उस कलीसिया पर जो यरूशलीम में थी,बड़ा ज़ुल्म बर्पा हुआ, और रसूलों के सिवा सब लोग यहूदिया और सामरिया के चारों तरफ़ फैल गये।
Acts 12:24 in Urdu 24 मगर “ख़ुदा” का कलाम तरक़्क़ी करता और फैलता गया।
Acts 16:5 in Urdu 5 पस, कलीसियाएँ ईमान में मज़बूत और शुमार में रोज़-ब-रोज़ ज़्यादा होती गईं।
Romans 5:5 in Urdu 5 और उम्मीद से शर्मिन्दगी हासिल नहीं होती क्यूँकि रूह -उल- क़ुद्दूस जो हम को बख़्शा गया है उसके वसीले से ख़ुदा की मुहब्बत हमारे दिलों में डाली गई है।
Romans 14:17 in Urdu 17 क्यूँकि ख़ुदा की बादशाही खाने पीने पर नहीं बल्कि रास्तबाज़ी और मेल मिलाप और उस ख़ुशी पर मौक़ूफ़ है जो रूह -उल -क़ुद्दूस की तरफ़ से होती है।
Romans 14:19 in Urdu 19 पस हम उन बातों के तालिब रहें; जिनसे मेल मिलाप और आपसी तरक्की हो।
Romans 15:13 in Urdu 13 पस ख़ुदा जो उम्मीद का चश्मा है तुम्हें ईमान रखने के ज़रिए सारी ख़ुशी और इत्मीनान से मा'मूर करे ताकि रूह- उल क़ुद्दूस की क़ुदरत से तुम्हारी उम्मीद ज़्यादा होती जाए।
1 Corinthians 3:9 in Urdu 9 क्यूँकि हम ख़ुदा के साथ काम करनेवाले हैं तुम ख़ुदा की खेती और ख़ुदा की इमारत हो।
1 Corinthians 14:4 in Urdu 4 जो बेगाना ज़बान में बातें करता है वो अपनी तरक़्क़ी करता है और जो नबुव्वत करता है वो कलीसिया की तरक़्क़ी करता है।
1 Corinthians 14:12 in Urdu 12 पस जब तुम रूहानी नेअ'मतों की आरज़ू रखते हो तो ऐसी कोशिश करो, कि तुम्हारी नेअ'मतों की अफ़ज़ूनी से कलीसिया की तरक़्क़ी हो।
1 Corinthians 14:26 in Urdu 26 पस ऐ भाइयों! क्या करना चाहिए? जब तुम जमा होते हो, तो हर एक के दिल में मज़्मूर या ता'लीम या मुकाशिफा, या बेगाना, ज़बान या तर्जुमा होता है; सब कुछ रूहानी तरक़्क़ी के लिए होना चाहिए।
2 Corinthians 7:1 in Urdu 1 पस ऐ' अज़ीज़ो चुँकि हम से ऐसे वा'दे किए गए, आओ हम अपने आपको हर तरह की जिस्मानी और रूहानी आलूदगी से पाक करें और ख़ुदा के बेख़ौफ़ के साथ पाकीज़गी को कमाल तक पहुँचाऐँ।
2 Corinthians 10:8 in Urdu 8 क्यूँकि अगर मैं इस इख़्तियार पर कुछ ज़्यादा फ़ख़्र भी करूँ जो ख़ुदावन्द ने तुम्हारे बनाने के लिए दिया है; न कि बिगाड़ने के लिए तो मैं शर्मिन्दा न हूँगा।
2 Corinthians 12:19 in Urdu 19 तुम अभी तक यही समझते होगे कि हम तुम्हारे सामने उज़्र कर रहे हैं? हम तो ख़ुदा को हाज़िर जानकर मसीह में बोलते हैं और ऐ, प्यारो ये सब कुछ तुम्हारी तरक़्क़ी के लिए है।
2 Corinthians 13:10 in Urdu 10 इसलिए मैं ग़ैर हाज़िरी में ये बातें लिखता हूँ ताकि हाज़िर होकर मुझे उस इख़्तियार के मुवाफ़िक़ सख़्ती न करना पड़े जो ख़ुदावन्द ने मुझे बनाने के लिए दिया है न कि बिगाड़ने के लिये|
Galatians 5:22 in Urdu 22 मगर रूह का फल मुहब्बत, ख़ुशी, इत्मिनान, सब्र, मेहरबनी, नेकी, ईमानदारी
Ephesians 1:13 in Urdu 13 और उसी में तुम पर भी, जब तुम ने कलाम-ए-हक़ को सुना जो तुम्हारी नजात की ख़ुशख़बरी है और उस पर ईमान लाए, वादा की हुई पाक रूह की मुहर लगी।
Ephesians 4:12 in Urdu 12 ताकि मुक़द्दस लोग कामिल बनें और ख़िदमत गुज़ारी का काम किया जाए,।
Ephesians 4:16 in Urdu 16 जिससे सारा बदन, हर एक जोड़ की मदद से पैवस्ता होकर और गठ कर, उस तासीर के मुवाफ़िक़ जो बक़द्र-ए-हर हिस्सा होती है, अपने आप को बढ़ाता है ताकि मुहब्बत में अपनी तरक्की करता जाए।
Ephesians 4:29 in Urdu 29 कोई गन्दी बात तुम्हारे मुंह से न निकले, बल्कि वही जो ज़रूरत के मुवाफ़िक़ तरक़्क़ी के लिए अच्छी हो, ताकि उससे सुनने वालों पर फ़ज़ल हो।
Ephesians 5:21 in Urdu 21 और मसीह के ख़ौफ़ से एक दुसरे के फ़र्माबरदार रहो।
Ephesians 6:18 in Urdu 18 और हर वक़्त और हर तरह से रूह में दु'आ और मिन्नत करते रहो, और इसी ग़रज़ से जागते रहो कि सब मुक़द्दसों के वास्ते बिला नागा दु'आ किया करो,
Philippians 2:1 in Urdu 1 पर अगर कुछ तसल्ली मसीह में और मुहब्बत की दिलजम'ई और रूह की शराकत और रहमदिली और -दर्द मन्दी है,
Colossians 1:10 in Urdu 10 क्यूँकि फिर ही तुम अपनी ज़िन्दगी ख़ुदावन्द के लायक़ गुज़ार सकोगे और हर तरह से उसे पसन्द आओगे। हाँ, तुम हर क़िस्म का अच्छा काम करके फल लाओगे और ख़ुदा के इल्म-ओ-'इरफ़ान में तरक़्क़ी करोगे।
1 Thessalonians 5:11 in Urdu 11 पस, तुम एक दूसरे को तसल्ली दो और एक दूसरे की तरक़्क़ी की वजह बनो चुनाँचे तुम ऐसा करते भी हो।
2 Thessalonians 2:16 in Urdu 16 अब हमारा ख़ुदावन्द 'ईसा' मसीह ख़ुद और हमारा बाप ख़ुदा जिसने हम से मुहब्बत रखी और फ़ज़ल से हमेशा तसल्ली और अच्छी उम्मीद बख़्शी
1 Timothy 1:4 in Urdu 4 और उन कहानियों और बे इन्तिहा नसब नामों पर लिहाज़ न करें,जो तकरार का ज़रिया होते हैं,और उस इंतज़ाम-ए-इलाही के मुवाफ़िक़ नहीं जो ईमान पर मब्नी है,उसीतरहअब भी करता हूँ ।
Hebrews 4:9 in Urdu 9 पस ख़ुदा की उम्मत के लिए सब्त का आराम बाक़ी है'
Jude 1:20 in Urdu 20 मगर तुम ऐ प्यारों! अपने पाक तरीन ईमान में अपनी तरक़्क़ी करके और रूह-उल-क़ुद्दूस में दु'आ करके ,