Acts 26:22 in Urdu 22 लेकिन “ख़ुदा “की मदद से मैं आज तक क़ायम हूँ, और छोटे बड़े के सामने गवाही देता हूँ, और उन बातों के सिवा कुछ नहीं कहता जिनकी पेशीनगोई नबियों और मूसा ने भी की है।
Other Translations King James Version (KJV) Having therefore obtained help of God, I continue unto this day, witnessing both to small and great, saying none other things than those which the prophets and Moses did say should come:
American Standard Version (ASV) Having therefore obtained the help that is from God, I stand unto this day testifying both to small and great, saying nothing but what the prophets and Moses did say should come;
Bible in Basic English (BBE) And so, by God's help, I am here today, witnessing to small and great, saying nothing but what the prophets and Moses said would come about;
Darby English Bible (DBY) Having therefore met with [the] help which is from God, I have stood firm unto this day, witnessing both to small and great, saying nothing else than those things which both the prophets and Moses have said should happen,
World English Bible (WEB) Having therefore obtained the help that is from God, I stand to this day testifying both to small and great, saying nothing but what the prophets and Moses said would happen,
Young's Literal Translation (YLT) `Having obtained, therefore, help from God, till this day, I have stood witnessing both to small and to great, saying nothing besides the things that both the prophets and Moses spake of as about to come,
Cross Reference Matthew 17:4 in Urdu 4 पतरस ने ईसा' से कहा “ ऐ ख़ुदावन्द, हमारा यहाँ रहना अच्छा है; मर्ज़ी हो तो मैं यहाँ तीन डेरे बनाऊँ। एक तेरे लिए; एक मूसा के लिए; और एक एलियाह के लिए।”
Luke 16:29 in Urdu 29 अब्राहम ने उससे कहा, 'उनके पास मूसा और अम्बिया तो हैं उनकी सुनें |'
Luke 24:27 in Urdu 27 फिर मूसा और तमाम नबियों से शुरू करके ईसा' ने कलाम-ए-मुक़द्दस की हर बात की तशरीह की जहाँ जहाँ उस का ज़िक्र है।
Luke 24:44 in Urdu 44 फिर उस ने उन से कहा, “यही है जो मैं ने तुम को उस वक़्त बताया था जब तुम्हारे साथ था कि जो कुछ भी मूसा की शरीअत, नबियों के सहीफ़ों और ज़बूर की किताब में मेरे बारे में लिखा है उसे पूरा होना है।”
Luke 24:46 in Urdu 46 उस ने उन से कहा, “कलाम-ए-मुक़द्दस में यूँ लिखा है, मसीह दुख उठा कर तीसरे दिन मुर्दों में से जी उठेगा।
John 1:17 in Urdu 17 “इसलिएकिशरी'अत तो मूसाके जरियेदी गई,मगरफज़लऔर सच्चाई“”ईसा'’मसीहकेजरियेपहुँची।”
John 1:45 in Urdu 45 “फ़िलिप्पुस से नतनएल से मिलकर उससे कहा, ““जिसका ज़िक्र मूसा ने तौरेत में और नबियों ने किया है,वो हम को मिल गया;वो यूसुफ़ का बेटा ईसा'नासरी है|"””
John 3:14 in Urdu 14 और जिस तरह मूसा ने साँप कोवीरानेमें ऊँचे पर चढ़ाया,उसी तरह ज़रूर है कि इब्न-ए-आदम भी ऊँचें पर चढ़ाया जाए;
John 5:39 in Urdu 39 तुम किताब-ए-मुकद्दस में ढूँढ़ते हो,क्यूँकिसमझते हो कि उसमें हमेशा की ज़िन्दगी तुम्हें मिलती है,और ये वो है जो मेरी गवाही देती है;
John 5:46 in Urdu 46 क्यूँकि अगर तुम मूसा का यकीन करते तो मेरा भी यकीन करते,इसलिए कि उसने मेरे हक़ में लिखा है|
Acts 3:21 in Urdu 21 जरूरी है कि वो असमान में उस वक़्त तक रहे ; जब तक कि वो सब चीज़ें बहाल न की जाएं ,जिनका ज़िक्र “ख़ुदा” ने अपने पाक नबियों की ज़बानी किया है; जो दुनिया के शुरू से होते आए हैं।
Acts 10:43 in Urdu 43 इस शख़्स की सब नबी गवाही देते हैं, कि जो कोई उस पर ईमान लाऐगा, उस के नाम से गुनाहों की मु'आफ़ी हासिल करेगा।”
Acts 14:19 in Urdu 19 फिर कुछ यहूदी अन्ताकिया और इकुनियुम से आए और लोगों को अपनी तरफ़ करके पौलुस पर पथराव किया और उसको मुर्दा समझकर शहर के बाहर घसीट ले गए।
Acts 16:25 in Urdu 25 आधी रात के क़रीब पौलुस और सीलास दु'आ कर रहे और “ख़ुदा” की हम्द के गीत गा रहे थे, और क़ैदी सुन रहे थे।
Acts 18:9 in Urdu 9 और ख़ुदावन्द ने रात को रोया में पौलुस से कहा, “ख़ौफ़ न कर, बल्कि कहे जा और चुप न रह।
Acts 20:20 in Urdu 20 और जो जो बातें तुम्हारे फ़ायदे की थीं उनके बयान करने और एलानिया और घर घर सिखाने से कभी न झिझका।
Acts 21:31 in Urdu 31 जब वो उसे क़त्ल करना चहते थे, तो ऊपर पलटन के सरदार के पास ख़बर पहुँची “कि तमाम यरूशलीम में खलबली पड़ गई है।”
Acts 23:10 in Urdu 10 और जब बड़ी तकरार हुई तो पलटन के सरदार ने इस ख़ौफ़ से कि उस वक़्त पौलुस के टुकड़े कर दिए जाएँ, फ़ौज को हुक्म दिया कि उतर कर उसे उन में से ज़बरदस्ती निकालो और क़िले में ले जाओ।
Acts 23:16 in Urdu 16 लेकिन पौलुस का भांजा उनकी घात का हाल सुन कर आया और क़िले में जाकर पौलुस को ख़बर दी।
Acts 24:14 in Urdu 14 लेकिन तेरे सामने ये इक़रार करता हूँ, कि जिस तरीके को वो बिद'अत कहते हैं, उसी के मुताबिक़ मैं अपने बाप दादा के “ख़ुदा” की इबादत करता हूँ, और जो कुछ तौरेत और नबियों के सहीफ़ों में लिखा है, उस सब पर मेरा ईमान है।
Acts 26:6 in Urdu 6 और अब उस वा'दे की उम्मीद की वजह से मुझ पर मुक़द्दमा हो रहा है, जो “ख़ुदा” ने हमारे बाप दादा से किया था।
Acts 26:17 in Urdu 17 और मैं तुझे इस उम्मत और ग़ैर क़ौमों से बचाता रहूँगा। जिन के पास तुझे इसलिए भेजता हूँ।
Acts 28:23 in Urdu 23 और वो उस से एक दिन ठहरा कर कसरत से उसके यहाँ जमा हुए, और वो “ख़ुदा” की बादशाही की गवाही दे दे कर और मूसा की तौरेत और नबियों के सहीफ़ों से ईसा' की वजह समझा समझा कर सुबह से शाम तक उन से बयान करता रहा।
Romans 3:21 in Urdu 21 मगर अब शरी'अत के बग़ैर ख़ुदा की एक रास्तबाज़ी ज़ाहिर हुई है जिसकी गवाही शरीअत और नबियों से होती है।
2 Corinthians 1:8 in Urdu 8 ऐ, भाइयो! हम नहीं चाहते कि तुम उस मुसीबत से ना वाक़िफ़ रहो जो आसिया में हम पर पड़ी कि हम हद से ज़्यादा और ताक़त से बाहर पस्त हो गए; यहाँ तक कि हम ने ज़िन्दगी से भी हाथ धो लिए।
2 Timothy 3:11 in Urdu 11 या'नी ऐसे दु:खों में जो अन्ताकिया और इकुनियुस और लुस्त्रा में मुझ पर पड़े दीगर दु:खों में भी जो मैने उठाए हैं मगर ख़ुदावन्द ने मुझे उन सब से छुड़ा लिया।
2 Timothy 4:17 in Urdu 17 मगर ख़ुदावन्द मेरा मददगार था, और उस ने मुझे ताक़त बख़्शी ताकि मेरे ज़रिये पैग़ाम की पूरी मनादी हो जाए और सब ग़ैर कौमें सुन लें और मैं शेर के मुँह से छुड़ाया गया।
Revelation 11:18 in Urdu 18 और क़ौमों को ग़ुस्सा आया, और तेरा ग़ज़ब नाज़िल हुआ, और वो वक़्त आ पहुँचा है कि मुर्दों का इन्साफ़ किया जाए, और तेरे बन्दों, नबियों और मुक़द्दसों और उन छोटे बड़ों को जो तेरे नाम से डरते हैं बदला दिया जाए और ज़मीन के तबाह करने वालों को तबाह किया जाए |
Revelation 15:3 in Urdu 3 और वो ख़ुदा के बन्दे मूसा का गीत, और बर्रे का गीत गा गा कर कहते थे, “ऐ ख़ुदा ! क़ादिर-ए-मुतलक़ ! तेरे काम बड़े और 'अजीब हैं | ऐ अज़ली बादशाह ! तेरी राहें रास्त और दुरुस्त हैं |”
Revelation 20:12 in Urdu 12 फिर मैंने छोटे बड़े सब मुर्दों को उस तख़्त के सामने खड़े हुए देखा, और किताब खोली गई, या'नी किताब-ए-हयात; और जिस तरह उन किताबों में लिखा हुआ था, उनके आ'माल के मुताबिक़ मुर्दों का इन्साफ़ किया गया |