Acts 13:43 in Urdu 43 जब मजलिस ख़त्म हुई तो बहुत से यहूदी और ख़ुदा परस्त नए मुरीद यहूदी पौलुस और बरनबास के पीछे हो लिए, उन्हों ने उन से कलाम किया और तरग़ीब दी कि ख़ुदा के फ़ज़ल पर क़ायम रहो।
Other Translations King James Version (KJV) Now when the congregation was broken up, many of the Jews and religious proselytes followed Paul and Barnabas: who, speaking to them, persuaded them to continue in the grace of God.
American Standard Version (ASV) Now when the synagogue broke up, many of the Jews and of the devout proselytes followed Paul and Barnabas; who, speaking to them, urged them to continue in the grace of God.
Bible in Basic English (BBE) Now when the meeting was ended, a number of the Jews and of the God-fearing Gentiles who had become Jews, went after Paul and Barnabas: who put before them how important it was to keep on in the grace of God.
Darby English Bible (DBY) And the congregation of the synagogue having broken up, many of the Jews and of the worshipping proselytes followed Paul and Barnabas, who speaking to them, persuaded them to continue in the grace of God.
World English Bible (WEB) Now when the synagogue broke up, many of the Jews and of the devout proselytes followed Paul and Barnabas; who, speaking to them, urged them to continue in the grace of God.
Young's Literal Translation (YLT) and the synagogue having been dismissed, many of the Jews and of the devout proselytes did follow Paul and Barnabas, who, speaking to them, were persuading them to remain in the grace of God.
Cross Reference Matthew 23:15 in Urdu 15 ऐ रियाकार; फ़क़ीहो और फ़रीसियो तुम पर अफ़सोस, कि एक मुरीद करने के लिए तरी और ख़ुश्की का दौरा करते हो, और जब वो मुरीद हो चुकता है तो उसे अपने से दूना जहन्नुम का फ़र्ज़न्द बना देते हो।
John 8:31 in Urdu 31 “ पस ईसा' ने उन यहूदियों से कहा, जिन्होंने उसका यकीन किया था, ““अगर तुम कलाम पर काइम रहोगे, तो हकीकत में मेरे शागिर्द ठहरोगे |”
John 15:5 in Urdu 5 मैं ही अंगूर का दरख्त हूँ, और तुम उस की डालियां हो। जो मुझ में कायम रहता है और मैं उस में वह बहुत सा फल लाता है, क्यूँकि मुझ से अलग हो कर तुम कुछ नहीं कर सकते।
Acts 2:10 in Urdu 10 और फ़रूगिया, और पम्फ़ीलिया, और मिस्र और लिबुवा,के इलाक़े के रहने वाले हैं ,जो कुरेने की तरफ़ है और रोमी मुसाफ़िर
Acts 6:5 in Urdu 5 ये बात सारी जमा'अत को पसन्द आई, पस उन्होंने स्तिफ़नुस नाम एक शख़्स को जो ईमान और रूह -उल-क़ुद्दूस से भरा हुआ था और फ़िलिप्पुस, व प्रुख़ुरुस, और नीकानोर, और तीमोन, और पर्मिनास और नीकुलाउस। को जो नौ मुरीद यहूदी अन्ताकी था, चुन लिया ।
Acts 11:23 in Urdu 23 वो पहूँचकर और ख़ुदा का फ़ज़ल देख कर ख़ुश हुआ, और उन सब को नसीहत की कि दिली इरादे से ख़ुदावन्द से लिपटे रहो।
Acts 13:50 in Urdu 50 मगर यहूदियों ने “ख़ुदा” परस्त और इज़्ज़त दार औरतों और शहर के रईसों को उभारा और पौलुस और बरनबास को सताने पर आमादा करके उन्हें अपनी सरहदों से निकाल दिया।
Acts 14:3 in Urdu 3 पस, वो बहुत ज़माने तक वहाँ रहे, और ख़ुदावन्द के भरोसे पर हिम्मत से कलाम करते थे, और वो उनके हाथों से निशान और अजीब काम कराकर, अपने फ़ज़ल के कलाम की गवाही देता था।
Acts 14:22 in Urdu 22 और शागिर्दों के दिलों को मज़बूत करते, और ये नसीहत देते थे, कि ईमान पर क़ायम रहो और कहते थे “ज़रुर है कि हम बहुत मुसीबतें सहकर “ख़ुदा” की बादशाही में दाख़िल हों।”
Acts 16:14 in Urdu 14 और थुआतीरा शहर की एक ख़ुदा परस्त औरत लुदिया नाम की, किर्मिज़ बेचने वाली भी सुनती थी, उसका दिल ख़ुदावन्द ने खोला ताकि पौलुस की बातों पर तवज्जुह करे।
Acts 17:4 in Urdu 4 उनमें से कुछ ने मान लिया और पौलुस और सीलास के शरीक हुए और “ख़ुदा” परस्त यूनानियों की एक बड़ी जमा'अत और बहुत सी शरीफ़ औरतें भी उन की शरीक हुईं।
Acts 17:17 in Urdu 17 इस लिए वो इबादतख़ाने में यहूदियों और “ख़ुदा” परस्तों से और चौक में जो मिलते थे, उन से रोज़ बहस किया करता था।
Acts 17:34 in Urdu 34 मगर कुछ आदमी उसके साथ मिल गए और ईमान ले आए, उन में दियुनुसियुस, अरियुपगुस, का एक हाकिम और दमरिस नाम की एक औरत थी, और कुछ और भी उन के साथ थे।
Acts 19:8 in Urdu 8 फिर वो इबादतख़ाने में जाकर तीन महीने तक दिलेरी से बोलता और “ख़ुदा” की बादशाही के बारे में बहस करता और लोगों को क़ायल करता रहा।
Acts 28:23 in Urdu 23 और वो उस से एक दिन ठहरा कर कसरत से उसके यहाँ जमा हुए, और वो “ख़ुदा” की बादशाही की गवाही दे दे कर और मूसा की तौरेत और नबियों के सहीफ़ों से ईसा' की वजह समझा समझा कर सुबह से शाम तक उन से बयान करता रहा।
Romans 3:24 in Urdu 24 मगर उसके फ़ज़ल की वजह से उस मख़लसी के वसीले से जो मसीह ईसा' में है मुफ़्त रास्तबाज़ ठहराए जाते हैं।
Romans 5:2 in Urdu 2 जिस के वसीले से ईमान की वजह से उस फ़ज़ल तक हमारी रिसाई भी हुई जिस पर क़ायम हैं और ख़ुदा के जलाल की उम्मीद पर फ़ख़्र करें।
Romans 5:21 in Urdu 21 ताकि जिस तरह गुनाह ने मौत की वजह से बादशाही की उसी तरह फ़ज़ल भी हमारे ख़ुदावन्द ईसा मसीह के वसीले से हमेशा की ज़िन्दगी के लिए रास्तबाज़ी के ज़रिए से बादशाही करे।
Romans 11:6 in Urdu 6 और अगर फ़ज़ल से बरगुज़ीदा हैं तो आ'माल से नहीं; वर्ना फ़ज़ल फ़ज़ल न रहा।
2 Corinthians 5:11 in Urdu 11 पस हम ख़ुदावन्द के ख़ौफ़ को जान कर आदमियों को समझाते हैं और ख़ुदा पर हमारा हाल ज़ाहिर है और मुझे उम्मीद है कि तुम्हारे दिलों पर भी ज़ाहिर हुआ होगा।
2 Corinthians 6:1 in Urdu 1 हम जो उस के साथ काम में शरीक हैं, ये भी गुज़ारिश करते हें कि ख़ुदा का फ़ज़ल जो तुम पर हुआ बे फ़ायदा न रहने दो |
Galatians 5:1 in Urdu 1 मसीह ने हमे आज़ाद रहने के लिए आज़ाद किया है; पस क़ायम रहो, और दोबारा ग़ुलामी के जुवे में न जुतो|
Galatians 5:4 in Urdu 4 तुम जो शरी'अत के वसीले से रास्तबाज़ ठहरना चाहते हो, मसीह से अलग हो गए और फ़ज़ल से महरूम|
Ephesians 2:8 in Urdu 8 क्यूँकि तुम को ईमान के वसीले फ़ज़ल ही से नजात मिली है; और ये तुम्हारी तरफ़ से नही, ख़ुदा की बाख़्शिश है,
Philippians 3:16 in Urdu 16 बहरहाल जहाँ तक हम पहूँचे हैं उसी के मुताबिक़ चलें|
Philippians 4:1 in Urdu 1 इस वास्ते ऐ मेरे प्यारे भाइयों !जिनका मैं मुश्ताक़ हूँ जो मेरी ख़ुशी और ताज हो|ऐ प्यारो !ख़ुदावन्द में इसी तरह क़ायम रहो|
Colossians 1:23 in Urdu 23 बेशक अब ज़रूरी है कि तुम ईमान में क़ायम रहो, कि तुम ठोस बुन्याद पर मज़्बूती से खड़े रहो और उस ख़ुशख़बरी की उम्मीद से हट न जाओ जो तुम ने सुन ली है। यह वही पैग़ाम है जिस का एलान दुनिया में हर मख़्लूक़ के सामने कर दिया गया है और जिस का ख़ादिम मैं पौलुस बन गया हूँ।
Colossians 1:28 in Urdu 28 यूँ हम सब को मसीह का पैग़ाम सुनाते हैं। हर मुम्किन हिक्मत से हम उन्हें समझाते और तालीम देते हैं ताकि हर एक को मसीह में कामिल हालत में ख़ुदा के सामने पेश करें।
1 Thessalonians 3:3 in Urdu 3 कि इन मुसीबतों के ज़रिये से कोई न घबराए, क्योंकि तुम आप जानते हो कि हम इन ही के लिए मुक़र्रर हुए हैं।
Titus 2:11 in Urdu 11 क्यूँकि ख़ुदा का वो फ़ज़ल ज़ाहिर हुआ है, जो सब आदमियों की नजात का ज़रिया है,
Hebrews 6:11 in Urdu 11 लेकिन हमारी बड़ी ख़्वाहिश यह है कि आप में से हर एक इसी सरगर्मी का इज़हार आख़िर तक करता रहे ताकि जिन बातों की उम्मीद आप रखते हैं वह हक़ीक़त में पूरी हो जाएँ।
Hebrews 12:15 in Urdu 15 इस पर ध्यान देना कि कोई ख़ुदा के फ़ज़ल से महरूम न रहे। ऐसा न हो कि कोई कड़वी जड़ फूट निकले और बढ़ कर तक्लीफ़ का ज़रिया बन जाए और बहुतों को नापाक कर दे।
Hebrews 13:9 in Urdu 9 तरह तरह की और बेगाना तालीमात आप को इधर उधर न भटकाएँ। आप तो ख़ुदा के फ़ज़ल से ताक़त पाते हैं और इस से नहीं कि आप मुख़्तलिफ़ खानों से पर्हेज़ करते हैं। इस में कोई ख़ास फ़ायदा नहीं है।
1 Peter 5:12 in Urdu 12 मैंने सिल्वानुस के ज़रिये, जो मेरी दानिस्त में दियानतदार भाई है, मुख़्तसर तौर पर लिख़ कर तुम्हें नसीहत की और ये गवाही दी कि ख़ुदा का सच्चा फ़ज़ल यही है, इसी पर क़ायम रहो |
2 Peter 3:14 in Urdu 14 पस ऐ 'अज़ीज़ो ! चूँकि तुम इन बातों के मुन्तज़िर हो, इसलिए उसके सामने इत्मीनान की हालत में बेदाग़ और बे-ऐब निकलने की कोशिश करो,
2 Peter 3:17 in Urdu 17 पस ऐ 'अज़ीज़ो ! चूँकि तुम पहले से आगाह हो, इसलिए होशियार रहो, ताकि बे-दीनों की गुमराही की तरफ़ खिंच कर अपनीं मज़बूती को छोड़ न दो |
1 John 2:28 in Urdu 28 ग़रज़ ऐ बच्चो !उसमें क़ायम रहो ,ताकि जब वो ज़ाहिर हो तो हमें दिलेरी हो और हम उसके आने पर उसके सामने शर्मिन्दा न हों |
2 John 1:9 in Urdu 9 जो कोई आगे बढ़ जाता है और मसीह की ता'लीम पर क़ायम नहीं रहता ,उसके पास ख़ुदा नहीं |जो उस ता'लीम पर क़ायम रहता है, उसके पास बाप भी है और बेटा भी |