Acts 13:39 in Urdu 39 और मूसा की शरी' अत के ज़रिये जिन बातों से तुम बरी नहीं हो सकते थे, उन सब से हर एक ईमान लाने वाला उसके जरिए बरी होता है।
Other Translations King James Version (KJV) And by him all that believe are justified from all things, from which ye could not be justified by the law of Moses.
American Standard Version (ASV) and by him every one that believeth is justified from all things, from which ye could not be justified by the law of Moses.
Bible in Basic English (BBE) And through him everyone who has faith is made free from all those things, from which the law of Moses was not able to make you free.
Darby English Bible (DBY) and from all things from which ye could not be justified in the law of Moses, in him every one that believes is justified.
World English Bible (WEB) and by him everyone who believes is justified from all things, from which you could not be justified by the law of Moses.
Young's Literal Translation (YLT) and from all things from which ye were not able in the law of Moses to be declared righteous, in this one every one who is believing is declared righteous;
Cross Reference Luke 10:25 in Urdu 25 “ और देखो, एक शरा का आलिम उठा, और ये कहकर उसकी आज़माइश करने लगा, ““ऐ उस्ताद, मैं क्या करूँ कि हमेशा की ज़िन्दगी का बारिस बनूँ?"””
Luke 10:28 in Urdu 28 “ उसने उससे कहा, ““तूने ठीक जवाब दिया, यही कर तो तू जिएगा |""”
Luke 18:14 in Urdu 14 “ मैं तुम से कहता हूँ कि ये शख्स दुसरे की निस्बत रास्तबाज ठहरकर अपने घर गया, क्यूँकि जो कोई अपने आप को बड़ा बनाएगा वो छोटा किया जाएगा और जो अपने आपको छोटा बनाएगा वो बड़ा किया जाएगा |""”
John 1:17 in Urdu 17 “इसलिएकिशरी'अत तो मूसाके जरियेदी गई,मगरफज़लऔर सच्चाई“”ईसा'’मसीहकेजरियेपहुँची।”
John 5:24 in Urdu 24 मैंतुम से सच कहता हूँ कि जो मेरा कलाम सुनता और मेरे भेजने वाले का यकीन करता है,हमेशा की ज़िन्दगी उसकी है और उस पर सज़ा का हुक्म नहीं होता बल्कि वो मौत से निकलकर ज़िन्दगी में दाखिल हो गया है|”
Acts 10:43 in Urdu 43 इस शख़्स की सब नबी गवाही देते हैं, कि जो कोई उस पर ईमान लाऐगा, उस के नाम से गुनाहों की मु'आफ़ी हासिल करेगा।”
Romans 3:19 in Urdu 19 अब हम जानते हैं कि शरीअत जो कुछ कहती है उनसे कहती है जो शरीअत के मातहत हैं ताकि हर एक का मुँह बन्द हो जाए और सारी दुनिया ख़ुदा के नज़दीक सज़ा के लायक़ ठहरे।
Romans 3:24 in Urdu 24 मगर उसके फ़ज़ल की वजह से उस मख़लसी के वसीले से जो मसीह ईसा' में है मुफ़्त रास्तबाज़ ठहराए जाते हैं।
Romans 4:5 in Urdu 5 मगर जो शख़्स काम नहीं करता बल्कि बेदीन के रास्तबाज़ ठहराने वाले पर ईमान लाता है उस का ईमान उसके लिए रास्तबाज़ी गिना जाता है।
Romans 4:15 in Urdu 15 क्यूँकि शरीअत तो ग़ज़ब पैदा करती है और जहाँ शरीअत नहीं वहाँ मुख़ालिफ़त- ए- हुक्म भी नहीं।
Romans 4:24 in Urdu 24 बल्कि हमारे लिए भी जिनके लिए ईमान रास्तबाज़ी गिना जाएगा इस वास्ते के हम उस पर ईमान लाए हैं जिस ने हमारे ख़ुदावन्द ईसा' को मुर्दों में से जिलाया।
Romans 5:1 in Urdu 1 पस जब हम ईमान से रास्तबाज़ ठहरे, तो ख़ुदा के साथ अपने ख़ुदावन्द ईसा' मसीह के वसीले से सुलह रखें|
Romans 5:9 in Urdu 9 पस जब हम उसके खून के ज़रिये अब रास्तबाज़ ठहरे तो उसके वसीले से ग़ज़ब 'ए इलाही से ज़रूर बचेंगे।
Romans 5:20 in Urdu 20 और बीच में शरी'अत आ मौजूद हुई ताकि गुनाह ज़्यादा हो जाए मगर जहाँ गुनाह ज़्यादा हुआ फ़ज़ल उससे भी निहायत ज़्यादा हुआ।
Romans 7:9 in Urdu 9 एक ज़माने में शरी'अत के बग़ैर मैं ज़िन्दा था, मगर अब हुक्म आया तो गुनाह ज़िन्दा हो गया और मैं मर गया।
Romans 8:1 in Urdu 1 पस अब जो मसीह ईसा' में है उन पर सज़ा का हुक्म नहीं क्यूँकि जो जिस्म के मुताबिक़ नहीं बल्कि रूह के मुताबिक़ चलते हैं?।
Romans 8:3 in Urdu 3 इसलिए कि जो काम शरी'अत जिस्म की वजह से कमज़ोर हो कर न कर सकी वो ख़ुदा ने किया; या'नी उसने अपने बेटे को गुनाह आलूदा जिस्म की सूरत में और गुनाह की क़ुर्बानी के लिए भेज कर जिस्म में गुनाह की सज़ा का हुक्म दिया।
Romans 8:30 in Urdu 30 और जिन को उसने पहले से मुक़र्रर किया उनको बुलाया भी; और जिनको बुलाया उनको रास्तबाज़ भी ठहराया, और जिनको रास्तबाज़ ठहराया; उनको जलाल भी बख़्शा।
Romans 9:31 in Urdu 31 मगर इस्राईल जो रास्बाज़ी की शरी'अत तक न पहुँचा।
Romans 10:4 in Urdu 4 क्यूँकि हर एक ईमान लानेवाले की रास्तबाज़ी के लिए मसीह शरी'अत का अंजाम है।
Romans 10:10 in Urdu 10 क्यूँकि रास्तबाज़ी के लिए ईमान लाना दिल से होता है और नजात के लिए इक़रार मुँह से किया जाता है।
1 Corinthians 6:11 in Urdu 11 और कुछ तुम में ऐसे ही थे भी, 'मगर तुम ख़ुदावन्द ईसा मसीह के नाम से और हमारे ख़ुदा के रूह से धुल गए और पाक हुए और रास्तबाज़ भी ठहरे।
Galatians 2:16 in Urdu 16 तोभी ये जान कर कि आदमी शरीअत के आमाल से नहीं बल्कि सिर्फ़ ईसा' मसीह पर ईमान लाने से रास्तबाज़ ठहरता है ख़ुद भी मसीह ईसा' पर ईमान लाने से रास्तबाज़ ठहरें न कि शरीअत के आमाल से क्यूंकि शरीअत के अमाल से कोई भी बशर रास्त बाज़ न ठहरेगा |
Galatians 2:19 in Urdu 19 चुनाचे मैं शरी'अत ही के वसीले से शरी'अत के ए'तिबार से मारा गया, ताकि ख़ुदा के ए'तिबार से ज़िंदा हो जाऊँ|
Galatians 3:8 in Urdu 8 और किताब-ए- मुक़द्दस ने पहले से ये जान कर कि ख़ुदा ग़ैर क़ौमों को ईमान से रास्तबाज़ ठहराएगा,पहले से ही अब्रहाम को ये ख़ुशख़बरी सुना दी, ''तेरे ज़रिए सब क़ौमें बरकत पाएँगी|”
Galatians 3:10 in Urdu 10 क्यूंकि जितने शरी'अत के आ'माल पर तकिया करते है, वो सब ला'नत के मातहत हैं; चुनाँचे लिखा है,जो कोई उन सब बातों को जो किताब में से लिखी है; क़ायम न रहे वो ला'नती है|”
Galatians 3:21 in Urdu 21 पस क्या शरी'अत ख़ुदा के वा'दों के ख़िलाफ़ है? हरगिज़ नहीं! क्यूंकि अगर कोई एसी शरी'अत दी जाती जो ज़िन्दगी बख़्श सकती तो, अलबत्ता रास्तबाज़ी शरी'अत की वजह से होती|
Galatians 5:3 in Urdu 3 बल्कि मैं हर एक ख़तना करने वाले आदमी पर फिर गवाही देता हूँ,कि उसे तमाम शरी'अत पर ' अमल करना फ़र्ज़ है|
Philippians 3:6 in Urdu 6 जोश के एतबार से कलिसिया का, सतानेवाला, शरी'अत की रास्तबाजी के ऐतबार से बे 'ऐब था,
Hebrews 7:19 in Urdu 19 (मूसा की शरीअत तो किसी चीज़ को कामिल नहीं बना सकती थी) और अब एक बेहतर उम्मीद मुहय्या की गई है जिस से हम ख़ुदा के क़रीब आ जाते हैं।
Hebrews 9:9 in Urdu 9 यह मिजाज़न मौजूदा ज़माने की तरफ़ इशारा है। इस का मतलब यह है कि जो नज़राने और क़ुर्बानियाँ पेश की जा रही हैं वह इबादत गुज़ार दिल को पाक-साफ़ करके कामिल नहीं बना सकतीं।
Hebrews 10:4 in Urdu 4 क्यूँकि मुमकिन ही नहीं कि बैल-बकरों का ख़ून गुनाहों को दूर करे।
Hebrews 10:11 in Urdu 11 हर इमाम रोज़-ब-रोज़ मक़्दिस में खड़ा अपनी ख़िदमत के फ़राइज़ अदा करता है। रोज़ाना और बार बार वह वही क़ुर्बानियाँ पेश करता रहता है जो कभी भी गुनाहों को दूर नहीं कर सकतीं।