2 Timothy 3:16 in Urdu 16 हर एक सहीफ़ा जो ख़ुदा के इल्हाम से है ता'लीम और इल्ज़ाम और इस्लाह और रास्तबाज़ी में तरबियत करने के लिए फ़ाइदे मन्द भी है।
Other Translations King James Version (KJV) All scripture is given by inspiration of God, and is profitable for doctrine, for reproof, for correction, for instruction in righteousness:
American Standard Version (ASV) Every scripture inspired of God `is' also profitable for teaching, for reproof, for correction, for instruction which is in righteousness.
Bible in Basic English (BBE) Every holy Writing which comes from God is of profit for teaching, for training, for guiding, for education in righteousness:
Darby English Bible (DBY) Every scripture [is] divinely inspired, and profitable for teaching, for conviction, for correction, for instruction in righteousness;
World English Bible (WEB) Every writing inspired by God{literally, God-breathed} is profitable for teaching, for reproof, for correction, and for instruction which is in righteousness,
Young's Literal Translation (YLT) every Writing `is' God-breathed, and profitable for teaching, for conviction, for setting aright, for instruction that `is' in righteousness,
Cross Reference Matthew 13:52 in Urdu 52 उसने उससे कहा“इसलिए हर आलिम जो आसमान की बादशाही का शागिर्द बना है उस घर के मालिक की तरह है जो अपने ख़ज़ाने में से नई और पुरानी चीज़ें निकालता है।”
Matthew 21:42 in Urdu 42 “ईसा' ने उन से कहा, “क्या तुम ने किताबे मुक़द्दस में कभी नहीं पढ़ा‘जिस पत्थर को मे'मारों ने रद्द किया, वही कोने के सिरे का पत्थर हो गया ; ये ““ख़ुदावन्द”” की तरफ़ से हुआ और हमारी नज़र में अजीब है।?”
Matthew 22:31 in Urdu 31 “ मगर मुर्दों के जी उठने के बारे मे ““ख़ुदा”” ने तुम्हें फ़रमाया था, क्या तुम ने वो नहीं पढ़ा?”
Matthew 22:43 in Urdu 43 “ उसने उनसे कहा “पस दाऊद रूह की हिदायत से क्यूँकर उसे ““ख़ुदावन्द”” कहता है।‘”
Matthew 26:54 in Urdu 54 मगर वो लिखे हुए का यूँ ही होना ज़रूर है क्यूँ कर पूरे होंगे?”
Matthew 26:56 in Urdu 56 मगर ये सब कुछ इसलिए हुआ कि नबियों की नबूव्वत पूरी हों।” इस पर सब शागिर्द उसे छोड़ कर भाग गये|
Mark 12:24 in Urdu 24 ईसा' ने उनसे कहा,“क्या तुम इस वजह से गुमराह नहीं हो कि न किताब -ए-मुक़द्दस को जानते हो और न ख़ुदा की क़ुदरत को।
Mark 12:36 in Urdu 36 दाऊद ने ख़ुद रूह -उल -क़ुद्स की हिदायत से कहा है‘ख़ुदावन्नद ने मेरे ख़ुदावन्द से कहा; मेरी दहनी तरफ़ बैठ जब तक में तेरे दुश्मनों को तेरे पावँ के नीचे की चौकी न कर दूँ।’
John 3:20 in Urdu 20 क्यूँकि जो कोई बदी करता है वो नूर से दुश्मनी रखता है और नूर के पास नहीं आता,ऐसा न हो कि उसके कामों पर मलामत की जाए|
John 10:35 in Urdu 35 उन्हें ‘ख़ुदा’ कहा गया जिन तक यह पैग़ाम पहुँचाया गया। और हम जानते हैं कि कलाम-ए-मुक़द्दस को रद नहीं किया जा सकता।
Acts 1:16 in Urdu 16 “ऐ भाइयों उस नबूव्वत का पूरा होना ज़रूरी था जो रूह -उल -क़ुद्दूस ने दाऊद के ज़बानी उस यहूदा के हक़ में पहले कहा था, जो ईसा' के पकड़ने वालों का रहनुमा हुआ।
Acts 18:25 in Urdu 25 इस शख़्स ने “ख़ुदावन्द” की राह की ता'लीम पाई थी, और रूहानी जोश से कलाम करता और ईसा' की वजह से सहीह सहीह ता'लीम देता था। मगर सिर्फ़ यूहन्ना के बपतिस्मे से वाक़िफ़ था।
Acts 20:20 in Urdu 20 और जो जो बातें तुम्हारे फ़ायदे की थीं उनके बयान करने और एलानिया और घर घर सिखाने से कभी न झिझका।
Acts 20:27 in Urdu 27 क्यूँकि मैं ख़ुदा की सारी मर्ज़ी तुम से पूरे तौर से बयान करने से न झिझका।
Acts 28:25 in Urdu 25 जब आपस में मुत्तफ़िक़ न हुए, तो पौलुस की इस एक बात के कहने पर रुख़्सत हुए; कि रूह -उल क़ुद्दूस ने यसा'याह नबी के ज़रिये तुम्हारे बाप दादा से ख़ूब कहा कि।
Romans 2:20 in Urdu 20 और नादानों का तरबियत करनेवाला और बच्चो का उस्ताद हूँ'और 'इल्म और हक़ का जो नमूना शरी'अत में है वो मेरे पास है।
Romans 3:2 in Urdu 2 हर तरह से बहुत ख़ास कर ये कि ख़ुदा का कलाम उसके सुपुर्द हुआ।
Romans 4:23 in Urdu 23 और ये बात कि ईमान उस के लिए रास्तबाज़ी गिना गया; न सिर्फ़ उसके लिए लिखी गई।
Romans 15:4 in Urdu 4 क्यूंकि जितनी बातें पहले लिखी गईं, वो हमारी ता'लीम के लिए लिखी गईं, ताकि सब्र और किताब'ए मुक़द्दस की तसल्ली से उम्मीद रखे ।
1 Corinthians 12:7 in Urdu 7 लेकिन हर शख़्स में रूह का ज़ाहिर होना फ़ाइदा पहुँचाने के लिए होता है।
Galatians 3:8 in Urdu 8 और किताब-ए- मुक़द्दस ने पहले से ये जान कर कि ख़ुदा ग़ैर क़ौमों को ईमान से रास्तबाज़ ठहराएगा,पहले से ही अब्रहाम को ये ख़ुशख़बरी सुना दी, ''तेरे ज़रिए सब क़ौमें बरकत पाएँगी|”
Ephesians 4:11 in Urdu 11 और उसी ने कुछ को रसूल, और कुछ को नबी, और कुछ को मुबश्शिर, और कुछ को चरवाहा और उस्ताद बनाकर दे दिया ।
Ephesians 5:11 in Urdu 11 और अँधेरे के बे फल कामों में शरीक न हो, बल्कि उन पर मलामत ही किया करो।
2 Timothy 2:25 in Urdu 25 और मुख़ालिफ़ों को हलीमी से सिखाया करे शायद ख़ुदा उन्हें तौबा की तौफ़ीक़ बख़्शे ताकि वो हक़ को पहचानें
2 Timothy 4:2 in Urdu 2 कि तू कलाम की मनादी कर वक़्त और बे वक़्त मुस्त'इद रह, हर तरह के तहम्मुल और ता'लीम के साथ समझा दे और मलामत और नसीहत कर ।
Hebrews 3:7 in Urdu 7 पस जिस तरह कि रूह-उल-क़ुद्दूस फ़रमाता है, “अगर आज तुम उसकी आवाज़ सुनो,”
Hebrews 4:12 in Urdu 12 क्यूँकि ख़ुदा का कलाम ज़िन्दा, और असरदार, और हर एक दोधारी तलवार से ज़्यादा तेज़ है; और जान और रूह और बन्द, बन्द और गूदे को जुदा करके गुज़र जाता है, और दिल के ख़यालों और इरादों को जाँचता है |
Hebrews 11:1 in Urdu 1 ईमान क्या है? यह कि हम उस में क़ायम रहें जिस पर हम उम्मीद रखते हैं और कि हम उस का यक़ीन रखें जो हम नहीं देख सकते।
2 Peter 1:19 in Urdu 19 और हमारे पास नबियों का वो कलाम है जो ज़्यादा मौ'तबर ठहरा |और तुम अच्छा करते हो ,जो ये समझ कर उसी पर ग़ौर करते हो कि वो एक चराग़ है जो अन्धेरी जगह में रौशनी बख़्शता है,जब तक सुबह की रौशनी और सुबह का सितारा तुम्हारे दिलों में न चमके |