2 Timothy 1:12 in Urdu 12 इसी वजह से मैं ये दु:ख भी उठाता हूँ, लेकिन शर्माता नहीं क्यूँकि जिसका मैं ने यक़ीन किया है उसे जानता हूँ और मुझे यक़ीन है कि वो मेरी अमानत की उस दिन तक हिफ़ाज़त कर सकता है।
Other Translations King James Version (KJV) For the which cause I also suffer these things: nevertheless I am not ashamed: for I know whom I have believed, and am persuaded that he is able to keep that which I have committed unto him against that day.
American Standard Version (ASV) For which cause I suffer also these things: yet I am not ashamed; for I know him whom I have believed, and I am persuaded that he is able to guard that which I have committed unto him against that day.
Bible in Basic English (BBE) And for which I undergo these things: but I have no feeling of shame. For I have knowledge of him in whom I have faith, and I am certain that he is able to keep that which I have given into his care till that day.
Darby English Bible (DBY) For which cause also I suffer these things; but I am not ashamed; for I know whom I have believed, and am persuaded that he is able to keep for that day the deposit I have entrusted to him.
World English Bible (WEB) For this cause I suffer also these things. Yet I am not ashamed, for I know him whom I have believed, and I am persuaded that he is able to guard that which I have committed to him against that day.
Young's Literal Translation (YLT) for which cause also these things I suffer, but I am not ashamed, for I have known in whom I have believed, and have been persuaded that he is able that which I have committed to him to guard -- to that day.
Cross Reference Matthew 7:22 in Urdu 22 उस दिन बहुत से मुझसे कहेंगे, ‘ऐ ख़ुदावन्द, ख़ुदावन्द! क्या हम ने तेरे नाम से नबुव्वत नहीं की, और तेरे नाम से बदरुहों को नहीं निकाला और तेरे नाम से बहुत से मोजिज़े नहीं दिखाए?’
Matthew 12:21 in Urdu 21 और इसके नाम से ग़ैर क़ौमें उम्मीद रख्खेंगी।’
Matthew 24:36 in Urdu 36 लेकिन उस दिन और उस वक़्त के बारे मे कोई नहीं जानता, न आसमान के फ़रिश्ते न बेटा मगर, सिर्फ़ बाप।
Luke 10:12 in Urdu 12 मैं तुम से कहता हूँ कि उस दिन सदोम का हाल उस शहर के हाल से ज़्यादा बर्दाशत के लायक होगा |
Luke 23:46 in Urdu 46 ईसा' ऊँची आवाज़ से पुकार उठा, “ऐ बाप, मैं अपनी रूह तेरे हाथों में सौंपता हूँ।” यह कह कर उस ने दम तोड़ दिया।
John 6:39 in Urdu 39 और मेरे भेजनेवाले की मर्ज़ी ये है,कि जो कुछ उसने मुझे दिया है मैं उसमें से कुछ खो न दूँ,बल्कि उसे आख़िरी दिन फिर ज़िन्दा करूँ|
John 6:44 in Urdu 44 कोई मेरे पास नहीं आ सकता जब तक कि बाप जिसने मुझे भेजा है उसे खींच न ले,और मैं उसे आख़िरी दिन फिर ज़िन्दा करूँगा|
John 10:28 in Urdu 28 मैं उन्हें हमेशा की ज़िन्दगी देता हूँ, इस लिए वह कभी हलाक नहीं होंगी। कोई उन्हें मेरे हाथ से छीन न लेगा,
John 17:11 in Urdu 11 अब से मैं दुनिया में नहीं हूँगा। लेकिन यह दुनिया में रह गए हैं जबकि मैं तेरे पास आ रहा हूँ। क़ुद्दूस बाप, अपने नाम में उन्हें मह्फ़ूज़ रख, उस नाम में जो तू ने मुझे दिया है, ताकि वह एक हों जैसे हम एक हैं।
John 17:15 in Urdu 15 मेरी दुआ यह नहीं है कि तू उन्हें दुनिया से उठा ले बल्कि यह कि उन्हें इब्लीस से मह्फ़ूज़ रखे।
Acts 7:59 in Urdu 59 पस स्तिफ़नूस पर पथराव करते रहे, और वो ये कह कर दु'आ करता रहा “ऐ ख़ुदावन्द ईसा' मेरी रूह को क़ुबूल कर।”
Acts 9:16 in Urdu 16 और में उसे जता दूंगा कि उसे मेरे नाम के खातिर किस क़दर दुख उठाना पड़ेगा
Acts 13:46 in Urdu 46 पौलुस और बरनबास दिलेर होकर कहने लगे” ज़रुर था, कि “ख़ुदा” का कलाम पहले तुम्हें सुनाया जाए; लेकिन चूँकि तुम उसको रद्द करते हो | और अपने आप को हमेशा की ज़िन्दगी के नाक़ाबिल ठहराते हो, तो देखो हम ग़ैर क़ौमों की तरफ़ मुत्वज्जह होते हैं।
Acts 13:50 in Urdu 50 मगर यहूदियों ने “ख़ुदा” परस्त और इज़्ज़त दार औरतों और शहर के रईसों को उभारा और पौलुस और बरनबास को सताने पर आमादा करके उन्हें अपनी सरहदों से निकाल दिया।
Acts 14:5 in Urdu 5 मगर जब ग़ैर क़ौम वाले और यहूदी उन्हें बे'इज़्ज़त और पथराव करने को अपने सरदारों समेत उन पर चढ़ आए।
Acts 21:13 in Urdu 13 मगर पौलुस ने जवाब दिया, “कि तुम क्या करते हो? क्यूँ रो रो कर मेरा दिल तोड़ते हो? में तो यरूशलीम में “ख़ुदावन्द ईसा मसीह” के नाम पर न सिर्फ़ बांधे जाने बल्कि मरने को भी तैयार हूँ।”
Acts 21:27 in Urdu 27 जब वो सात दिन पूरे होने को थे, तो आसिया के यहूदियों ने उसे हैकल में देखकर सब लोगों में हलचल मचाई और यूँ चिल्लाकर उस को पकड़ लिया।
Acts 22:21 in Urdu 21 उस ने मुझ से कहा,“जा मैं तुझे ग़ैर कौमों के पास दूर दूर भेजूँगा।”
Romans 1:16 in Urdu 16 क्यूँकि मैं इन्जील से शर्माता नहीं इसलिए कि वो हर एक ईमान लानेवाले के वास्ते पहले यहूदियों फिर यूनानी के वास्ते नजात के लिए ख़ुदा की क़ुदरत है।
Romans 5:4 in Urdu 4 और सब्र से पुख़्तगी और पुख़्तगी से उम्मीद पैदा होती है।
Romans 9:33 in Urdu 33 चुनाँचे लिखा है देखो; “मैं सिय्यून में ठेस लगने का पत्थर और ठोकर खाने की चट्टान रखता हूँ और जो उस पर ईमान लाएगा वो शर्मिन्दा न होगा|”
Romans 15:12 in Urdu 12 और यसायाह भी कहता है यस्सी की जड़ ज़ाहिर होगी या'नी वो शख़्स जो ग़ैर क़ौमों पर हुकूमत करने को उठेगा, उसी से ग़ैर क़ौमें उम्मीद रख्खेंगी।
1 Corinthians 3:13 in Urdu 13 तो उस का काम ज़ाहिर हो जाएगा क्यूँकि जो दिन आग के साथ ज़ाहिर होगा वो उस काम को बता देगा और वो आग ख़ुद हर एक का काम आज़मा लेगी कि कैसा है।
Ephesians 1:12 in Urdu 12 ताकि हम जो पहले से मसीह की उम्मीद में थे, उसके जलाल की सिताइश का ज़रि'या हो
Ephesians 3:1 in Urdu 1 इसी वजह से मैं पौलुस जो तुम ग़ैर-क़ौम वालों की ख़ातिर ईसा' मसीह का क़ैदी हूँ ।
Philippians 1:20 in Urdu 20 चुनाँचे मेरी दिली आरज़ू और उम्मीद यही है कि, मैं किसी बात में शरमिंदा न हूँ बल्कि मेरी कमाल दिलेरी के ज़रिए जिस तरह मसीह की ताज़ीम मेरे बदन की वजह से हमेशा होती रही है उसी तरह अब भी होगी,चाहे मैं ज़िंदा रहूँ चाहे मरूँ|
Philippians 3:8 in Urdu 8 बल्कि मैंने अपने ख़ुदावन्द मसीह 'ईसा' की पहचान की बड़ी ख़ूबी की वजह से सब चीज़ों का नुक़्सान उठाया और उनको कूड़ा समझता हूँ ताकि मसीह को हासिल करूँ
Philippians 3:10 in Urdu 10 और मैं उसको और उसके जी उठने की क़ुदरत को, और उसके साथ दुखों में शरीक होने को मा'लूम करूँ, और उसकी मौत से मुशाबहत पैदा करूँ
Philippians 3:21 in Urdu 21 वो अपनी उस ताक़त की तासीर के मुवाफ़िक़, जिससे सब चीज़ें अपने ताबे'कर सकता है, हमारी पस्त हाली के बदन की शक्ल बदल कर अपने जलाल के बदन की सूरत बनाएगा|
1 Thessalonians 2:16 in Urdu 16 और वो हमें ग़ैर कौमों को उनकी नजात के लिए कलाम सुनाने से मना करते हैं ताकि उन के गुनाहों का पैमाना हमेशा भरता रहे; लेकिन उन पर इन्तिहा का ग़ज़ब आ गया।
1 Thessalonians 5:4 in Urdu 4 लेकिन तुम “ऐ भाइयो, अंधेरे में नहीं हो कि वो दिन चोर की तरह तुम पर आ पड़े ।
1 Timothy 6:20 in Urdu 20 ऐ तीमुथियुस!इस अमानत को हिफ़ाज़त से रख;और जिस'इल्म को इल्म कहना ही गलत है,उसकी बेहूदा बकवास और मुखालफित पर ध्यान न कर।
2 Timothy 1:8 in Urdu 8 पस, हमारे ख़ुदावन्द की गवाही देने से और मुझ से जो उसका क़ैदी हूँ शर्म न कर बल्कि ख़ुदा की क़ुदरत के मुताबिक़ ख़ुशख़बरी की ख़ातिर मेरे साथ दु:ख उठा।
2 Timothy 1:18 in Urdu 18 ख़ुदावन्द उसे ये बख़्शे कि उस दिन उस पर ख़ुदावन्द का रहम हो और उस ने इफ़िसुस में जो जो ख़िदमतें कीं तू उन्हें ख़ूब जानता है।
2 Timothy 2:9 in Urdu 9 जिसके लिए मैं बदकार की तरह दुखः उठाता हूँ यहाँ तक कि क़ैद हूँ मगर ख़ुदा का कलाम क़ैद नहीं।
2 Timothy 3:10 in Urdu 10 लेकिन तू ने ता'लीम, चाल चलन, इरादा ,ईमान, तहम्मुल, मुहब्बत, सब्र, सताए जाने और दु:ख उठाने में मेरी पैरवी की।
2 Timothy 4:8 in Urdu 8 आइन्दा के लिए मेरे वास्ते रास्तबाज़ी का वो ताज रखा हुआ है, जो आदिल मुन्सिफ़ या'नी “ख़ुदावन्द” मुझे उस दिन देगा और सिर्फ़ मुझे ही नहीं बल्कि उन सब को भी जो उस के ज़हूर के आरज़ूमन्द हों।
2 Timothy 4:16 in Urdu 16 मेरी पहली जवाबदेही के वक़्त किसी ने मेरा साथ न दिया; बल्कि सब ने मुझे छोड़ दिया काश कि उन्हें इसका हिसाब देना न पड़े।
Hebrews 2:18 in Urdu 18 क्यूँकि जिस सूरत में उसने ख़ुद की आज़माइश की हालत में दुख उठाया, तो वो उनकी भी मदद कर सकता है जिनकी आज़माइश होती है |
Hebrews 7:25 in Urdu 25 यूँ वह उन्हें अबदी नजात दे सकता है जो उस के वसीले से ख़ुदा के पास आते हैं, क्यूँकि वह अबद तक ज़िन्दा है और उन की शफ़ाअत करता रहता है।
Hebrews 12:2 in Urdu 2 और दौड़ते हुए हम ईसा' को तकते रहें, उसे जो ईमान का बानी भी है और उसे तक्मील तक पहुँचाने वाला भी। याद रहे कि गो वह ख़ुशी हासिल कर सकता था तो भी उस ने सलीबी मौत की शर्मनाक बेइज़्ज़ती की परवाह न की बल्कि उसे बर्दाश्त किया। और अब वह ख़ुदा के तख़्त के दहने हाथ जा बैठा है!
1 Peter 1:5 in Urdu 5 वो तुम्हारे वास्ते जो ख़ुदा की क़ुदरत से ईमांन के वसीले से , उस नजात के लिए जो आख़री वक़्त में ज़ाहिर होने को तैयार है, हिफ़ाज़त किये जाते हो आसमान पर महफ़ूज़ है |
1 Peter 1:20 in Urdu 20 उसका 'इल्म तो दुनियाँ बनाने से पहले से था, मगर ज़हूर आख़िरी ज़माने में तुम्हारी ख़ातिर हुआ,
1 Peter 4:16 in Urdu 16 लेकिन अगर मसीही होने की वजह से कोई शख्स पाए तो शरमाए नहीं, बल्कि इस नाम की वजह से ख़ुदा की बड़ाई करे |
1 Peter 4:19 in Urdu 19 पस जो ख़ुदा की मर्ज़ी के मुवाफिक़ दुख पाते हैं, वो नेकी करके अपनी जानों को वफ़ादार ख़ालिक़ के सुपुर्द करें |
Jude 1:24 in Urdu 24 अब जो तुम को ठोकर खाने से बचा सकता है, और अपने पुर जलाल हुज़ूर में कमाल ख़ुशी के साथ बे'ऐब करके खड़ा कर सकता है ,