1 Thessalonians 1:3 in Urdu 3 और अपने ख़ुदा और बाप के हज़ूर तुम्हारे ईमान के काम और मुहब्बत की मेहनत और उस उम्मीद के सब्र को बिला नाग़ा याद करते हैं जो हमारे ख़ुदावन्द ईसा' मसीह की वजह से है।
Other Translations King James Version (KJV) Remembering without ceasing your work of faith, and labour of love, and patience of hope in our Lord Jesus Christ, in the sight of God and our Father;
American Standard Version (ASV) remembering without ceasing your work of faith and labor of love and patience of hope in our Lord Jesus Christ, before our God and Father;
Bible in Basic English (BBE) Having ever in mind your work of faith and acts of love and the strength of your hope in our Lord Jesus Christ, before our God and Father;
Darby English Bible (DBY) remembering unceasingly your work of faith, and labour of love, and enduring constancy of hope, of our Lord Jesus Christ, before our God and Father;
World English Bible (WEB) remembering without ceasing your work of faith and labor of love and patience of hope in our Lord Jesus Christ, before our God and Father.
Young's Literal Translation (YLT) unceasingly remembering of you the work of the faith, and the labour of the love, and the endurance of the hope, of our Lord Jesus Christ, in the presence of our God and Father,
Cross Reference John 6:27 in Urdu 27 “फानी खुराक के लिए मेहनत न करो,बल्किउस खुराक के लिए जो हमेशा की ज़िन्दगी तक बाक़ी रहती है जिसे इब्न-ए-आदम तुम्हें देगा;क्यूँकि बाप या'नी ख़ुदा ने उसी पर मुहर की है|"””
John 14:15 in Urdu 15 अगर तुम मुझे मुहब्बत करते हो तो मेरे हुक्मो के मुताबिक़ ज़िन्दगी गुज़ारोगे।
John 14:21 in Urdu 21 जिस के पास मेरे हुक्म हैं और जो उन के मुताबिक़ ज़िन्दगी गुज़ारता है, वही मुझे प्यार करता है। और जो मुझे प्यार करता है उसे मेरा बाप प्यार करेगा। मैं भी उसे प्यार करूँगा और अपने आप को उस पर ज़ाहिर करूँगा।”
John 15:10 in Urdu 10 जब तुम मेरे हुक्म के मुताबिक़ ज़िन्दगी गुज़ारते हो तो तुम मुझ में कायम रहते हो। मैं भी इसी तरह अपने बाप के अह्काम के मुताबिक़ चलता हूँ और यूँ उस की मुहब्बत में कायम रहता हूँ।
John 21:15 in Urdu 15 खाने के बाद ईसा शमाऊन पतरस से मुख़ातिब हुआ, “यूहन्ना के बेटे शमाऊन, क्या तू इन की निस्बत मुझ से ज़्यादा मुहब्बत करता है?”
Acts 3:19 in Urdu 19 पस तौबा करो और फिर जाओ ताकि तुम्हारे गुनाह मिटाए जाऐं ,और इस तरह “ख़ुदावन्द के हुज़ूर से ताज़गी के दिन आएं ।
Acts 10:31 in Urdu 31 और कहा कि “ऐ'कुर्नेलियुस तेरी दु'आ सुन ली गई और तेरी ख़ैरात की ख़ुदा के हुज़ूर याद हुई।
Romans 2:7 in Urdu 7 जो अच्छे काम में साबित क़दम रह कर जलाल और इज़्ज़त और बक़ा के तालिब होते हैं उनको हमेशा की ज़िन्दगी देगा।
Romans 5:3 in Urdu 3 और सिर्फ़ यही नहीं बल्कि मुसीबतों में भी फ़ख़्र करें ये जानकर कि मुसीबत से सब्र पैदा होता है।
Romans 8:24 in Urdu 24 चुनाँचे हमें उम्मीद के वसीले से नजात मिली मगर जिस चीज़ की उम्मीद है जब वो नज़र आ जाए तो फिर उम्मीद कैसी? क्यूंकि जो चीज़ कोई देख रहा है उसकी उम्मीद क्या करेगा?।
Romans 12:12 in Urdu 12 उम्मीद में ख़ुश मुसीबत में साबिर दुआ करने में मशग़ूल रहो।
Romans 15:4 in Urdu 4 क्यूंकि जितनी बातें पहले लिखी गईं, वो हमारी ता'लीम के लिए लिखी गईं, ताकि सब्र और किताब'ए मुक़द्दस की तसल्ली से उम्मीद रखे ।
Romans 15:13 in Urdu 13 पस ख़ुदा जो उम्मीद का चश्मा है तुम्हें ईमान रखने के ज़रिए सारी ख़ुशी और इत्मीनान से मा'मूर करे ताकि रूह- उल क़ुद्दूस की क़ुदरत से तुम्हारी उम्मीद ज़्यादा होती जाए।
Romans 16:6 in Urdu 6 मरियम से सलाम कहो; जिसने तुम्हारे वास्ते बहुत मेहनत की।
Romans 16:26 in Urdu 26 मगर इस वक़्त ज़ाहिर हो कर ख़ुदा'ए अज़ली के हुक्म के मुताबिक़ नबियों की किताबों के ज़रिए से सब क़ौमों को बताया गया ताकि वो ईमान के ताबे हो जाएँ।
1 Corinthians 13:4 in Urdu 4 मुहब्बत साबिर है और मेहरबान, मुहब्बत हसद नहीं करती, मुहब्बत शेख़ी नहीं मारती और फ़ूलती नहीं;
1 Corinthians 13:13 in Urdu 13 ग़रज़ ईमान, उम्मीद, मुहब्बत ये तीनों हमेशा हैं; मगर अफ़ज़ल इन में मुहब्बत है।
1 Corinthians 15:58 in Urdu 58 पस ऐ मेरे अज़ीज़ भाइयों! साबित क़दम और क़ायम रहो और ख़ुदावन्द के काम में हमेशा बढ़ते रहो क्यूँकि ये जानते हो कि तुम्हारी मेंहनत ख़ुदावन्द में बेफ़ाइदा नहीं है।
2 Corinthians 2:17 in Urdu 17 क्यूँकि हम उन बहुत लोगों की तरह नहीं जो ख़ुदा के कलाम में मिलावट करते हैं बल्कि दिल की सफ़ाई से और ख़ुदा की तरफ़ से ख़ुदा को हाज़िर जान कर मसीह में बोलते हैं।
2 Corinthians 5:14 in Urdu 14 क्यूँकि मसीह की मुहब्बत हम को मजबूर कर देती है इसलिए कि हम ये समझते है कि जब एक सब के वास्ते मरा तो सब मर गए।
2 Corinthians 8:7 in Urdu 7 पस जैसे तुम हर बात में ईमान और कलाम और इल्म और पूरी सरगर्मी और उस मुहब्बत में जो हम से आगे हो गए हो, वैसे ही इस ख़ैरात के काम में आगे ले जाओ।
Galatians 1:4 in Urdu 4 उसी ने हमारे गुनाहों के लिए अपने आप को दे दिया;ताकि हमारे ख़ुदा और बाप की मर्ज़ी के मुवाफ़िक़ हमें इस मौजूदा ख़राब जहान से ख़लासी बख्शे|
Galatians 5:6 in Urdu 6 और मसीह ईसा' में न तो ख़तना कुछ काम का है न नामख़्तूनी मगर ईमान जो मुहब्बत की राह से असर करता है|
Galatians 5:13 in Urdu 13 ऐ भाइयों! तुम आज़ादी के लिए बुलाए तो गए हो,मगर ऐसा न हो कि ये आज़ादी जिस्मानी बातों का मौक़ा, बने; बल्कि मुहब्बत की राह पर एक दूसरे की ख़िदमत करो|
Galatians 6:9 in Urdu 9 हम नेक काम करने में हिममत न हारें, क्यूँकि अगर बेदिल न होंगे तो 'सही वक़्त पर काटेंगे|
1 Thessalonians 2:13 in Urdu 13 इस वास्ते हम भी बिला नाग़ा ख़ुदा का शुक्र करते हैं कि जब ख़ुदा का पैग़ाम हमारे ज़रिये तुम्हारे पास पहुँचा तो तुम ने उसे आदमियों का कलाम समझ कर नहीं बल्कि जैसा हक़ीक़त में है ख़ुदा का कलाम जान कर क़ुबूल किया और वो तुम में जो ईमान लाए हो असर भी कर रहा है।
1 Thessalonians 3:6 in Urdu 6 मगर अब जो तीमुथियुस ने तुम्हारे पास से हमारे पास आकर तुम्हारे ईमान और मुहब्बत की और इस बात की ख़ुशख़बरी दी कि तुम हमारा ज़िक्र ख़ैर हमेशा करते हो और हमारे देखने के ऐसे मुश्ताक़ हो जैसे कि हम तुम्हारे।
2 Thessalonians 1:3 in Urdu 3 ऐ भाईयो! तुम्हारे बारे में हर वक़्त ख़ुदा का शुक्र करना हम पर फ़र्ज़ है, और ये इसलिए मुनासिब है, कि तुम्हारा ईमान बहुत बढ़ता जाता है; और तुम सब की मुहब्बत आपस में ज़्यादा होती जाती है।
2 Thessalonians 1:11 in Urdu 11 इसी वास्ते हम तुम्हारे लिए हर वक़्त दु'आ भी करते रहते हैं कि हमारा ख़ुदा तुम्हें इस बुलावे के लायक़ जाने और नेकी की हर एक ख़्वाहिश और ईमान के हर एक काम को क़ुदरत से पूरा करे।
1 Timothy 2:3 in Urdu 3 ये हमारे मुन्जी ख़ुदा के नज़दीक 'उम्दा और पसन्दीदा है।
2 Timothy 1:3 in Urdu 3 जिस ख़ुदा की इबादत में साफ़ दिल से बाप दादा के तौर पर करता हूँ; उसका शुक्र है कि अपनी दुआओं में बिला नाग़ा तुझे याद रखता हूँ।
Philemon 1:5 in Urdu 5 हमेशा अपने ख़ुदा का शुक्र करता हूँ, और अपनी दु'आओं में तुझे याद करता हूँ |
Hebrews 4:11 in Urdu 11 पस आओ, हम उस आराम में दाख़िल होने की कोशिश करें, ताकि उनकी तरह नाफ़रमानी कर के कोई शख़्स गिर न पड़े |
Hebrews 6:10 in Urdu 10 क्यूँकि ख़ुदा बेइन्साफ़ नहीं है। वह आप का काम और वह मुहब्बत नहीं भूलेगा जो आप ने उस का नाम ले कर ज़ाहिर की जब आप ने पाक लोगों की ख़िदमत की बल्कि आज तक कर रहे हैं।
Hebrews 6:15 in Urdu 15 इस पर अब्राहम ने सब्र से इन्तिज़ार करके वह कुछ पाया जिस का वादा किया गया था।
Hebrews 10:36 in Urdu 36 लेकिन इस के लिए आप को साबित क़दमी की ज़रूरत है ताकि आप ख़ुदा की मर्ज़ी पूरी कर सकें और यूँ आप को वह कुछ मिल जाए जिस का वादा उस ने किया है।
Hebrews 11:7 in Urdu 7 यह ईमान का काम था कि नूह ने ख़ुदा की सुनी जब उस ने उसे आने वाली बातों के बारे में आगाह किया, ऐसी बातों के बारे में जो अभी देखने में नहीं आई थीं। नूह ने ख़ुदा का ख़ौफ़ मान कर एक नाव बनाई ताकि उस का ख़ानदान बच जाए। यूँ उस ने अपने ईमान के ज़रीए दुनिया को मुजरिम क़रार दिया और उस रास्तबाज़ी का वारिस बन गया जो ईमान से हासिल होती है।
Hebrews 11:17 in Urdu 17 यह ईमान का काम था कि अब्राहम ने उस वक़्त इस्हाक़ को क़ुर्बानी के तौर पर पेश किया जब ख़ुदा ने उसे आज़माया। हाँ, वह अपने इकलौते बेटे को क़ुर्बान करने के लिए तैयार था अगरचे उसे ख़ुदा के वादे मिल गए थे
Hebrews 11:24 in Urdu 24 यह ईमान का काम था कि मूसा ने परवान चढ़ कर इन्कार किया कि उसे फ़िरऔन की बेटी का बेटा ठहराया जाए।
Hebrews 13:21 in Urdu 21 वह आप को हर अच्छी चीज़ से नवाज़े ताकि आप उस की मर्ज़ी पूरी कर सकें। और वह ईसा' मसीह के ज़रीए हम में वह कुछ पैदा करे जो उसे पसन्द आए। उस का जलाल शुरू से हमेशा तक होता रहे! आमीन।
James 1:3 in Urdu 3 तो इसको ये जान कर कमाल ख़ुशी की बात समझना कि तुम्हारे ईमान की आज़माइश सब्र पैदा करती है।
James 2:17 in Urdu 17 इसी तरह ईमान भी अगर उसके साथ आ'माल न हों तो अपनी ज़ात से मुर्दा है।
James 5:7 in Urdu 7 पस, ऐ भाइयो; ख़ुदावन्द की आमद तक सब्र करो देखो किसान ज़मीन की क़ीमती पैदावार के इन्तज़ार में पहले और पिछले बारिश के बरसने तक सब्र करता रहता है।
1 Peter 3:4 in Urdu 4 बल्कि तुम्हारी बातिनी और पोशीदा इंसानियत, हिल्म और नर्म मिज़ाज की ग़ुरबत की ग़ैरफानी आराइश से आरास्ता रहे, क्योंकि ख़ुदा के नज़दीक इसकी बड़ी क़द्र है |
1 John 3:3 in Urdu 3 और जो कोई उससे ये उम्मीद रखता है ,अपने आपको वैसा ही पाक करता है जैसा वो पाक है |
1 John 3:18 in Urdu 18 ऐ बच्चो! हम कलाम और ज़बान ही से नहीं, बल्कि काम और सच्चाई के ज़रिए से भी मुहब्बत करें |
1 John 3:21 in Urdu 21 ऐ 'अज़ीज़ो! जब हमारा दिल हमें इल्ज़ाम नहीं देता ,तो हमें ख़ुदा के सामने दिलेरी हो जाती है ;
1 John 5:3 in Urdu 3 और ख़ुदा की मुहब्बत ये है कि हम उसके हुक्मों पर 'अमल करें ,और उसके हुक्म सख़्त नहीं |
Revelation 2:2 in Urdu 2 “मैं तेरे काम और तेरी मशक़्क़त और तेरा सब्र तो जानता हूँ; और ये भी कि तू बदियों को देख नहीं सकता, और जो अपने आप को रसूल कहते हैं और हैं नही, तू ने उनको आज़मा कर झूटा पाया |”
Revelation 2:19 in Urdu 19 “मैं तेरे कामों और मुहब्बत और ईमान और ख़िदमत और सब्र को तो जानता हूँ, और ये भी कि तेरे पिछले काम पहले कामों से ज़्यादा हैं |
Revelation 3:10 in Urdu 10 चूँकि तू ने मेरे सब्र के कलाम पर 'अमल किया है, इसलिए मैं भी आज़माइश के उस वक़्त तेरी हिफ़ाज़त करूँगा जो ज़मीन के रहनेवालों के आज़माने के लिए तमाम दुनियाँ पर आनेवाला है |