1 Peter 2:21 in Urdu 21 और तुम इसी के लिए बुलाए गए हो, क्योंकि मसीह भी तुम्हारे वास्ते दुख उठाकर तुम्हें एक नमूना दे गया है ताकि उसके नक़्श-ए-क़दम पर चलो |
Other Translations King James Version (KJV) For even hereunto were ye called: because Christ also suffered for us, leaving us an example, that ye should follow his steps:
American Standard Version (ASV) For hereunto were ye called: because Christ also suffered for you, leaving you an example, that ye should follow his steps:
Bible in Basic English (BBE) This is God's purpose for you: because Jesus himself underwent punishment for you, giving you an example, so that you might go in his footsteps:
Darby English Bible (DBY) For to this have ye been called; for Christ also has suffered for you, leaving you a model that ye should follow in his steps:
World English Bible (WEB) For to this you were called, because Christ also suffered for us, leaving you{TR reads "us" instead of "you"} an example, that you should follow his steps,
Young's Literal Translation (YLT) for to this ye were called, because Christ also did suffer for you, leaving to you an example, that ye may follow his steps,
Cross Reference Matthew 10:38 in Urdu 38 जो कोई अपनी सलीब न उठाए और मेरे पीछे न चले वो मेरे लायक़ नहीं।
Matthew 11:29 in Urdu 29 मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो और मुझ से सीखो, क्यूँकि मैं हलीम हूँ और दिल का फ़िरोतन तो तुम्हारी जानें आराम पाएँगी,
Matthew 16:24 in Urdu 24 उस वक़्त ईसा' ने अपने शागिर्दों से कहा; अगर कोई मेरे पीछे आना चाहे तो अपने आपका इन्कार करे; अपनी सलीब उठाए और मेरे पीछे हो ले।
Mark 8:34 in Urdu 34 फिर उसने भीड़ को अपने शागिर्दों समेत पास बुला कर उनसे कहा,“अगर कोई मेरे पीछे आना चाहे तो अपने आप से इन्कार करे और अपनी सलीब उठाए, और मेरे पीछे हो ले।
Luke 9:23 in Urdu 23 “ और उसने सब से कहा, ““अगर कोई मेरे पीछे आना चाहे तो अपने आप से इनकार करे और हर रोज़ अपनी सलीब उठाए और मेरे पीछे हो ले |”
Luke 14:26 in Urdu 26 “अगर कोई मेरे पास आए, और बच्चों और भाइयों और बहनों बल्कि अपनी जान से भी दुश्मनी न करे तो मेरा शागिर्द नहीं हो सकता |
Luke 24:26 in Urdu 26 क्या जरूरी नहीं था कि मसीह यह सब कुछ झेल कर अपने जलाल में दाख़िल हो जाए?”
John 13:15 in Urdu 15 मैंने तुम को एक नमूना दिया है ताकि तुम भी वही करो जो मैं ने तुम्हारे साथ किया है।
John 16:33 in Urdu 33 मैं ने तुम को इस लिए यह बात बताई ताकि तुम मुझ में सलामती पाओ। दुनिया में तुम मुसीबत में फंसे रहते हो। लेकिन हौसला रखो, मैं दुनिया पर ग़ालिब आया हूँ।”
Acts 9:16 in Urdu 16 और में उसे जता दूंगा कि उसे मेरे नाम के खातिर किस क़दर दुख उठाना पड़ेगा
Acts 14:22 in Urdu 22 और शागिर्दों के दिलों को मज़बूत करते, और ये नसीहत देते थे, कि ईमान पर क़ायम रहो और कहते थे “ज़रुर है कि हम बहुत मुसीबतें सहकर “ख़ुदा” की बादशाही में दाख़िल हों।”
Acts 17:3 in Urdu 3 और उनके मतलब खोल खोलकर दलीलें पेश करता था, कि “मसीह को दुख़ उठाना और मुर्दों में से जी उठना ज़रूर था और ईसा' जिसकी मैं तुम्हें ख़बर देता हूँ मसीह है।”
Romans 8:29 in Urdu 29 क्यूँकि जिनको उसने पहले से जाना उनको पहले से मुक़र्रर भी किया कि उसके बेटे के हमशक्ल हों, ताकि वो बहुत से भाइयों में पहलौठा ठहरे।
1 Corinthians 11:1 in Urdu 1 तुम मेरी तरह बनो जैसा मैं मसीह की तरह बनता हूँ।
Ephesians 5:2 in Urdu 2 और मुहब्बत से चलो जैसे मसीह ने तुम से मुहब्बत की, और हमारे वास्ते अपने आपको ख़ुशबू की तरह ख़ुदा की नज़्र करके क़ुर्बान किया।
Philippians 2:5 in Urdu 5 वैसा ही मिज़ाज रखो जैसा मसीह ईसा' का भी था;
1 Thessalonians 3:3 in Urdu 3 कि इन मुसीबतों के ज़रिये से कोई न घबराए, क्योंकि तुम आप जानते हो कि हम इन ही के लिए मुक़र्रर हुए हैं।
1 Thessalonians 4:2 in Urdu 2 क्योंकि तुम जानते हो कि हम ने तुम को ख़ुदावन्द ईसा' की तरफ़ से क्या क्या हुक्म पहुँचाए।
2 Timothy 3:12 in Urdu 12 बल्कि जितने मसीह में दीनदारी के साथ ज़िन्दगी गुज़ारना चाहते हैं वो सब सताए जाएँगे।
Hebrews 2:10 in Urdu 10 क्यूँकि जिसके लिए सब चीज़ें है और जिसके वसीले से सब चीज़ें हैं, उसको यही मुनासिब था कि जब बहुत से बेटों को जलाल में दाख़िल करे, तो उनकी नजात के बानी को दुखों के ज़रि'ए से कामिल कर ले |
1 Peter 1:20 in Urdu 20 उसका 'इल्म तो दुनियाँ बनाने से पहले से था, मगर ज़हूर आख़िरी ज़माने में तुम्हारी ख़ातिर हुआ,
1 Peter 2:24 in Urdu 24 वो आप हमारे गुनाहों को अपने बदन पर लिए हुए सलीब पर चढ़ गया, ताकि हम गुनाहों के ऐ'तबार से जिएँ; और उसी के मार खाने से तुम ने शिफ़ा पाई |
1 Peter 3:9 in Urdu 9 बदी के 'बदले बदी न करो और गाली के बदले गाली न दो, बल्कि इसके बर'अक्स बरकत चाहो, क्योंकि तुम बरकत के वारिस होने के लिए बुलाए गए हो |
1 Peter 3:18 in Urdu 18 इसलिए कि मसीह ने भी या'नी रास्तबाज़ ने नारास्तों के लिए, गुनाहों के बा'इस एक बार दुख उठाया ताकि हम को ख़ुदा के पास पहुँचाए; वो जिस्म के ऐ'तबार से मारा गया, लेकिन रूह के ऐ'तबार से तो ज़िन्दा किया गया |
1 Peter 4:1 in Urdu 1 पस जबकि मसीह ने जिस्म के ऐ'तिबार से दुःख उठाया, तो तुम भी ऐसे ही मिज़ाज इख़्तियार करके हथियारबन्द बनो; क्योंकि जिसने जिस्म के ऐ'तबार से दुख उठाया उसने गुनाह से छुटकारा पाया |
1 John 2:6 in Urdu 6 जो कोई ये कहता है कि मैं उसमें क़ायम हूँ ,तो चाहिए कि ये भी उसी तरह चले जिस तरह वो चलता था |
1 John 3:16 in Urdu 16 हम ने मुहब्बत को इसी से जाना है कि उसने हमारे वास्ते अपनी जान दे दी ,और हम पर भी भाइयों के वास्ते जान देना फ़र्ज़ है |
Revelation 12:11 in Urdu 11 और वो बर्रे के ख़ून और अपनी गवाही के कलाम के ज़रिये उस पर ग़ालिब आए; और उन्होंने अपनी जान को 'अज़ीज़ न समझा, यहाँ तक कि मौत भी गवारा की |