1 Peter 1:22 in Urdu 22 चूँकि तुम ने हक़ की ताबे 'दारी से अपने दिलों को पाक किया है,जिससे भाइयों की बे'रिया मुहब्बत पैदा हुई, इसलिए दिल-ओ-जान से आपस में बहुत मुहब्बत रख्खो|
Other Translations King James Version (KJV) Seeing ye have purified your souls in obeying the truth through the Spirit unto unfeigned love of the brethren, see that ye love one another with a pure heart fervently:
American Standard Version (ASV) Seeing ye have purified your souls in your obedience to the truth unto unfeigned love of the brethren, love one another from the heart fervently:
Bible in Basic English (BBE) And as you have made your souls clean, being ruled by what is true, and loving one another without deceit, see that your love is warm and from the heart:
Darby English Bible (DBY) Having purified your souls by obedience to the truth to unfeigned brotherly love, love one another out of a pure heart fervently;
World English Bible (WEB) Seeing you have purified your souls in your obedience to the truth through the Spirit in sincere brotherly affection, love one another from the heart fervently:
Young's Literal Translation (YLT) Your souls having purified in the obedience of the truth through the Spirit to brotherly love unfeigned, out of a pure heart one another love ye earnestly,
Cross Reference John 13:34 in Urdu 34 मैं तुम को एक नया हुक्म देता हूँ, यह कि एक दूसरे से मुहब्बत रखो। जिस तरह मैं ने तुम से मुहब्बत रखी उसी तरह तुम भी एक दूसरे से मुहब्बत करो।
John 15:3 in Urdu 3 उस कलाम के वजह से जो मैं ने तुम को सुनाया है तुम तो पाक-साफ़ हो चुके हो।
John 15:17 in Urdu 17 मेरा हुक्म यही है कि एक दूसरे से मुहब्बत रखो।
John 17:17 in Urdu 17 उन्हें सच्चाई के वसीले से मख़्सूस-ओ-मुक़द्दस कर। तेरा कलाम ही सच्चाई है।
John 17:19 in Urdu 19 उन की ख़ातिर मैं अपने आप को मख़्सूस करता हूँ, ताकि उन्हें भी सच्चाई के वसीले से मख़्सूस-ओ-मुक़द्दस किया जाए।
Acts 6:7 in Urdu 7 और “ख़ुदा” का कलाम फैलता रहा, और यरूशलीम में शागिर्दों का शुमार बहुत ही बढ़ता गया, और काहिनों की बड़ी गिरोह इस दीन के तहत में हो गई।
Acts 15:9 in Urdu 9 और ईमान के वसीले से उन के दिल पाक करके हम में और उन में कुछ फ़र्क़ न रख्खा ।
Romans 1:5 in Urdu 5 जिस के ज़रिए हम को फ़ज़ल और रिसालत मिली ताकि उसके नाम की ख़ातिर सब क़ौमों में से लोग ईमान के ताबे हों।
Romans 2:8 in Urdu 8 मगर जो ना इत्तफ़ाक़ी अन्दाज़ और हक़ के न माननेवाले बल्कि नारास्ती के माननेवाले हैं उन पर ग़ज़ब और क़हर होगा।
Romans 6:16 in Urdu 16 क्या तुम नहीं जानते, कि जिसकी फ़रमाँबरदारी के लिए अपने आप को ग़ुलामों की तरह हवाले कर देते हो, उसी के ग़ुलाम हो जिसके फ़रमाँबरदार हो चाहे गुनाह के जिसका अंजाम मौत है चाहे फ़रमाँबरदारी के जिस का अंजाम रास्तबाज़ी है?
Romans 8:13 in Urdu 13 क्यूँकि अगर तुम जिस्म के मुताबिक़ ज़िन्दगी गुज़ारोगे तो ज़रूर मरोगे; और अगर रूह से बदन के कामों को नेस्तोनाबूद करोगे तो जीते रहोगे।
Romans 12:9 in Urdu 9 मुहब्बत बे 'रिया हो बदी से नफ़रत रक्खो नेकी से लिपटे रहो।
2 Corinthians 6:6 in Urdu 6 पाकीज़गी से, इल्म से, तहम्मुल से, मेहरबानी से, रूह उल क़ुद्दूस से, बे-रिया मुहब्बत से,
Galatians 3:1 in Urdu 1 ऐ नादान गलितियो,किसने तुम पर जादू कर दिया? तुम्हारी तो गोया आंखों के सामने ईसा' मसीह सलीब पर दिखाया गया |
Galatians 5:5 in Urdu 5 क्यूंकि हम रूह के ज़रिए , ईमान से रास्तबाज़ी की उम्मीद बर आने के मुन्तज़िर हैं|
Galatians 5:7 in Urdu 7 तुम तो अच्छी तरह दौड़ रहे थे किसने तम्हें हक़ के मानने से रोक दिया |
Ephesians 4:3 in Urdu 3 सुलह सलामती के बंधन में रहकर रूह की सौग़ात क़ायम रखने की पूरी कोशिश करें
Philippians 1:9 in Urdu 9 और ये दु'आ करता हूँ कि तूम्हारी मुहब्बत 'इल्म और हर तरह की तमीज़ के साथ और भी ज़्यादा होती जाए,|
1 Thessalonians 3:12 in Urdu 12 और ख़ुदावन्द ऐसा करे कि जिस तरह हम को तुम से मुहब्बत है उसी तरह तुम्हारी मुहब्बत भी आपस में और सब आदमियों के साथ ज़्यादा हो और बढ़े
1 Thessalonians 4:8 in Urdu 8 पस, जो नहीं मानता वो आदमी को नहीं बल्कि“ख़ुदा”को नहीं मानता जो तुम को अपना पाक रूह देता है ।
2 Thessalonians 1:3 in Urdu 3 ऐ भाईयो! तुम्हारे बारे में हर वक़्त ख़ुदा का शुक्र करना हम पर फ़र्ज़ है, और ये इसलिए मुनासिब है, कि तुम्हारा ईमान बहुत बढ़ता जाता है; और तुम सब की मुहब्बत आपस में ज़्यादा होती जाती है।
2 Thessalonians 2:13 in Urdu 13 लेकिन तुम्हारे बारे में ऐ भाइयों! ख़ुदावन्द के प्यारों हर वक़्त ख़ुदा का शुक्र करना हम पर फ़र्ज़ है क्यूँकि ख़ुदा ने तुम्हें शुरू से ही इसलिए चुन लिया था कि रूह के ज़रि'ए से पाकीज़ा बन कर और हक़ पर ईमान लाकर नजात पाओ।
1 Timothy 1:3 in Urdu 3 जिस तरह मैंने मकिदुनिया जाते वक़्त तुझे नसीहत की थी,कि ईफ़िसुस में रह कर कुछ को शख़्सों हुक्म कर दे कि और तरह की ता'लीम न दें,।
1 Timothy 1:5 in Urdu 5 हुक्म का मक़सद ये है कि पाक दिल और नेक नियत और बिना दिखावा ईमान से मुहब्बत पैदा हो।
1 Timothy 4:12 in Urdu 12 कोई तेरी जवानी की हिक़ारत न करने पाए;बल्कि तू ईमानदरों के लिए कलाम करने,और चाल चलन,और मुह्ब्ब्त,और पाकीज़गी में नमूना बन।
1 Timothy 5:2 in Urdu 2 और जवानों को भाई जान कर, और बड़ी 'उम्र वाली 'औरतों को माँ जानकर,और जवान 'औरतों को कमाल पाकीज़गी से बहन जानकर।
2 Timothy 1:14 in Urdu 14 रूह -उल -क़ुद्दुस के वसीले से जो हम में बसा हुआ है इस अच्छी अमानत की हिफ़ाज़त कर।
Hebrews 5:9 in Urdu 9 जब वह कामिलियत तक पहुँच गया तो वह उन सब की अबदी नजात का सरचश्मा बन गया जो उस की सुनते हैं।
Hebrews 6:10 in Urdu 10 क्यूँकि ख़ुदा बेइन्साफ़ नहीं है। वह आप का काम और वह मुहब्बत नहीं भूलेगा जो आप ने उस का नाम ले कर ज़ाहिर की जब आप ने पाक लोगों की ख़िदमत की बल्कि आज तक कर रहे हैं।
Hebrews 9:14 in Urdu 14 अगर इन चीज़ों का यह असर था तो फिर मसीह के ख़ून का क्या ज़बरदस्त असर होगा! अज़ली रूह के ज़रीए उस ने अपने आप को बेदाग़ क़ुर्बानी के तौर पर पेश किया। यूँ उस का ख़ून हमारे ज़मीर को मौत तक पहुँचाने वाले कामों से पाक-साफ़ करता है ताकि हम ज़िन्दा ख़ुदा की ख़िदमत कर सकें।
Hebrews 11:8 in Urdu 8 यह ईमान का काम था कि अब्राहम ने ख़ुदा की सुनी जब उस ने उसे बुला कर कहा कि वह एक ऐसे मुल्क में जाए जो उसे बाद में मीरास में मिलेगा। हाँ, वह अपने मुल्क को छोड़ कर रवाना हुआ, हालाँकि उसे मालूम न था कि वह कहाँ जा रहा है।
Hebrews 13:1 in Urdu 1 एक दूसरे से भाइयों की सी मुहब्बत रखते रहें।
James 2:15 in Urdu 15 अगर कोई भाई या बहन नंगे हो और उनको रोज़ाना रोटी की कमी हो।
James 4:8 in Urdu 8 ख़ुदा के नज़दीक जाओ तो वो तुम्हारे नज़दीक आएगा; ऐ, गुनाहगारो अपने हाथों को साफ़ करो और ऐ, दो दिलो अपने दिलों को पाक करो।
1 Peter 2:17 in Urdu 17 सबकी 'इज़्ज़त करो, बिरादरी से मुहब्बत रख्खो, ख़ुदा से डरो, बादशाह की 'इज़्ज़त करो |
1 Peter 3:1 in Urdu 1 ऐ बीवियों! तुम भी अपने शौहर के ताबे' रहो,
1 Peter 3:8 in Urdu 8 ग़रज़ सब के सब एक दिल और हमदर्द रहो, बिरादराना मुहब्बत रख्खो, नर्म दिल और फ़रोतन बनो |
1 Peter 4:8 in Urdu 8 सबसे बढ़कर ये है कि आपस में बड़ी मुहब्बत रख्खो, क्योंकि मुहब्बत बहुत से गुनाहों पर पर्दा डाल देती है |
1 Peter 4:17 in Urdu 17 क्योंकि वो वक़्त आ पहुँचा है कि ख़ुदा के घर से 'अदालत शुरू' हो, और जब हम ही से शुरू' होगी तो उनका क्या अन्जाम होगा जो ख़ुदा की ख़ुशख़बरी को नहीं मानते?
2 Peter 1:7 in Urdu 7 और दीनदारी पर बिरादराना उल्फ़त , और बिरादराना उल्फ़त पर मुहब्बत बढ़ाओ |
1 John 3:11 in Urdu 11 क्यूँकि जो पैग़ाम तुम ने शुरू' से सुना वो ये है कि हम एक दूसरे से मुहब्बत रख्खें |
1 John 3:14 in Urdu 14 हम तो जानते हैं कि मौत से निकलकर ज़िन्दगी में दाख़िल हो गए ,क्यूँकि हम भाइयों से मुहब्बत रखते हैं |जो मुहब्बत नहीं रखता वो मौत की हालत में रहता है |
1 John 3:23 in Urdu 23 और उसका हुक्म ये है कि हम उसके बेटे ईसा' मसीह” के नाम पर ईमान लाएँ ,जैसा उसने हमें हुक्म दिया उसके मुवाफ़िक़ आपस में मुहब्बत रख्खें |
1 John 4:7 in Urdu 7 ऐ अज़ीज़ों! हम इस वक़्त ख़ुदा के फ़र्ज़न्द है ,और अभी तक ये ज़ाहिर नहीं हुआ कि हम क्या कुछ होंगे !इतना जानते हैं कि जब वो ज़ाहिर होगा तो हम भी उसकी तरह होंगे,क्यूँकि उसको वैसा ही देखेंगे जैसा वो है |
1 John 4:12 in Urdu 12 ख़ुदा को कभी किसी ने नहीं देखा; अगर हम एक दूसरे से मुहब्बत रखते हैं ,तो ख़ुदा हम में रहता है और उसकी मुहब्बत हमारे दिल में कामिल हो गई है |
1 John 4:20 in Urdu 20 अगर कोई कहे ,“मैं ख़ुदा से मुहब्बत रखता हूँ “ और वो अपने भाई से 'दुश्मनी रख्खे तो झुटा है :क्यूँकि जो अपने भाई से जिसे उसने देखा है मुहब्बत नहीं रखता ,वो ख़ुदा से भी जिसे उसने नहीं देखा मुहब्बत नहीं रख सकता |
Revelation 2:4 in Urdu 4 मगर मुझ को तुझ से ये शिकायत है कि तू ने अपनी पहली सी मुहब्बत छोड़ दी |