1 Corinthians 2:14 in Urdu 14 मगर जिस्मानी आदमी ख़ुदा के रूह की बातें क़ुबूल नहीं करता क्यूँकि वो उस के नज़दीक बेवक़ूफ़ी की बातें हैं और न वो इन्हें समझ सकता है क्यूँकि वो रूहानी तौर पर परखी जाती हैं।
Other Translations King James Version (KJV) But the natural man receiveth not the things of the Spirit of God: for they are foolishness unto him: neither can he know them, because they are spiritually discerned.
American Standard Version (ASV) Now the natural man receiveth not the things of the Spirit of God: for they are foolishness unto him; and he cannot know them, because they are spiritually judged.
Bible in Basic English (BBE) For the natural man is not able to take in the things of the Spirit of God: for they seem foolish to him, and he is not able to have knowledge of them, because such knowledge comes only through the Spirit.
Darby English Bible (DBY) But [the] natural man does not receive the things of the Spirit of God, for they are folly to him; and he cannot know [them] because they are spiritually discerned;
World English Bible (WEB) Now the natural man doesn't receive the things of God's Spirit, for they are foolishness to him, and he can't know them, because they are spiritually discerned.
Young's Literal Translation (YLT) and the natural man doth not receive the things of the Spirit of God, for to him they are foolishness, and he is not able to know `them', because spiritually they are discerned;
Cross Reference Matthew 13:11 in Urdu 11 उस ने जवाब में उनसे कहा “इसलिए कि तुम को आस्मान की बादशाही के राज़ की समझ दी गई है, मगर उनको नहीं दी गई।
Matthew 16:23 in Urdu 23 “ उसने फिर कर पतरस से कहा, “ऐ शैतान, मेरे सामने से दूर हो ! तू मेरे लिए ठोकर का बा'इस है; क्यूँकि तू ““ख़ुदा”” की बातों का नहीं बल्कि आदमियों की बातों का ख़याल रखता है।””
John 3:3 in Urdu 3 “ईसा'ने जवाब में उससे कहा, ““मैं तुझ से सच कहता हूँ,कि जब तक कोई नए सिरे से पैदा न हो,वो ख़ुदा की बादशाही को देख नहीं सकता|"””
John 5:44 in Urdu 44 तुम जो एक दूसरे से'इज़्ज़त चाहते हो और वो'इज़्ज़त जो ख़ुदा-ए-वाहिद की तरफ़ से होती है नहीं चाहते,क्यूँकर ईमान ला सकते हो?
John 6:44 in Urdu 44 कोई मेरे पास नहीं आ सकता जब तक कि बाप जिसने मुझे भेजा है उसे खींच न ले,और मैं उसे आख़िरी दिन फिर ज़िन्दा करूँगा|
John 8:43 in Urdu 43 तुम मेरी बातें क्यूँ नहीं समझते? इसलिए कि मेरा कलाम सुन नहीं सकते |
John 8:51 in Urdu 51 “ मैं तुम से सच कहता हूँ कि अगर कोई इन्सान मेरे कलाम पर 'अमल करेगा, तो हमेशा तक कभी मौत को न देखेगा |""”
John 10:20 in Urdu 20 बहुतों ने कहा, “यह बदरुह के क़ब्ज़े में है, यह दीवाना है। इस की क्यूँ सुनें!”
John 10:26 in Urdu 26 लेकिन तुम ईमान नहीं रखते क्यूँकि तुम मेरी भेड़ें नहीं हो।
John 12:37 in Urdu 37 अगरचे ईसा' ने यह तमाम खुदाई करिश्मे उन के सामने ही दिखाए तो भी वह उस पर ईमान न लाए।
John 14:26 in Urdu 26 लेकिन बाद में रूह-ए पाक , जिसे बाप मेरे नाम से भेजेगा तुम को सब कुछ सिखाएगा। यह मददगार तुम को हर बात की याद दिलाएगा जो मैं ने तुम को बताई है।
John 15:26 in Urdu 26 जब वह मददगार आएगा जिसे मैं बाप की तरफ़ से तुम्हारे पास भेजूँगा तो वह मेरे बारे में गवाही देगा। वह सच्चाई का रूह है जो बाप में से निकलता है।
John 16:8 in Urdu 8 और जब वह आएगा तो गुनाह, रास्तबाज़ी और अदालत के बारे में दुनिया की ग़लती को बेनिक़ाब करके यह ज़ाहिर करेगा :
Acts 16:14 in Urdu 14 और थुआतीरा शहर की एक ख़ुदा परस्त औरत लुदिया नाम की, किर्मिज़ बेचने वाली भी सुनती थी, उसका दिल ख़ुदावन्द ने खोला ताकि पौलुस की बातों पर तवज्जुह करे।
Acts 17:18 in Urdu 18 और चन्द इपकूरी और स्तोइकी फ़ैलसूफ़ उसका मुक़ाबिला करने लगे कुछ ने कहा, “ये बकवासी क्या कहना चाहता है ?” औरों ने कहा “ये ग़ैर मा'बूदों की ख़बर देने वाला मा'लूम होता है इस लिए कि वो ईसा' और क़यामत की ख़ुशख़बरी देता है ”
Acts 17:32 in Urdu 32 जब उन्हों ने मुर्दों की क़यामत का ज़िक्र सुना तो कुछ ठट्ठा मारने लगे, और कुछ ने कहा कि “ये बात हम तुझ से फिर कभी सुनेंगे।”
Acts 18:15 in Urdu 15 लेकिन जब ये ऐसे सवाल हैं जो लफ़्ज़ों और नामों और ख़ास तुम्हारी शरी'अत से तअ'ल्लुक रखते हैं तो तुम ही जानो।मैं ऐसी बातों का मुन्सिफ़ बनना नहीं चाहता।”
Acts 25:19 in Urdu 19 बल्कि अपने दीन और किसी शख़्स ईसा' के बारे में उस से बहस करते थे, जो मर गया था, और पौलुस उसको ज़िन्दा बताता है।
Acts 26:24 in Urdu 24 जब वो इस तरह जवाबदेही कर रहा था, तो फ़ेस्तुस ने बड़ी आवाज़ से कहा “ऐ पौलुस तू दिवाना है; बहुत इल्म ने तुझे दिवाना कर दिया है।”
Romans 8:5 in Urdu 5 क्यूँकि जो जिस्मानी है वो जिस्मानी बातों के ख़याल में रहते हैं; लेकिन जो रूहानी हैं वो रूहानी बातों के ख़याल में रहते हैं।
1 Corinthians 1:18 in Urdu 18 क्यूँकि सलीब का पैग़ाम हलाक होने वालों के नज़दीक तो बे'वक़ूफ़ी है मगर हम नजात पानेवालों के नज़दीक ख़ुदा की क़ुदरत है।
1 Corinthians 1:23 in Urdu 23 मगर हम उस मसीह मस्लूब का ऐलान करते हैं जो यहूदियों के नज़दीक ठोकर और ग़ैर क़ौमों के नज़दीक बेवक़ूफ़ी है।
1 Corinthians 2:12 in Urdu 12 मगर हम ने न दुनिया की रूह बल्कि वो रूह पाया जो ख़ुदा की तरफ़ से है; ताकि उन बातों को जानें जो ख़ुदा ने हमें इनायत की हैं।
1 Corinthians 15:44 in Urdu 44 नफ़्सानी जिस्म बोया जाता है, और रूहानी जिस्म जी उठता है जब नफ़्सानी जिस्म है तो रूहानी जिस्म भी है।
1 Corinthians 15:46 in Urdu 46 लेकिन रूहानी पहले न था बल्कि नफ़्सानी था इसके बा'द रूहानी हुआ।
2 Corinthians 4:4 in Urdu 4 या'नी उन बे'ईमानों के वास्ते जिनकी अक़्लों को इस जहाँन के ख़ुदा ने अँधा कर दिया है ताकि मसीह जो ख़ुदा की सूरत है उसके जलाल की ख़ुशख़बरी की रौशनी उन पर न पड़े।
James 3:15 in Urdu 15 ये हिक्मत वो नहीं जो ऊपर से उतरती है बल्कि दुनियावी और नफ़सानी और शैतानी है।
1 John 2:20 in Urdu 20 और तुम को तो उस क़ुद्दूस की तरफ़ से मसह किया गया है ,और तुम सब कुछ जानते हो |
1 John 2:27 in Urdu 27 और तुम्हारा वो मसह जो उसकी तरफ़ से किया गया ,तुम में क़ायम रहता है; और तुम इसके मोहताज नहीं कि कोई तुम्हें सिखाए ,बल्कि जिस तरह वो मसह जो उसकी तरफ़ से किया गया ,तुम्हें सब बातें सिखाता है और सच्चा है और झूठा नहीं ;और जिस तरह उसने तुम्हें सिखाया उसी तरह तुम उसमे क़ायम रहते हो |
1 John 5:20 in Urdu 20 और ये भी जानते है कि ख़ुदा का बेटा आ गया है ,और उसने हमे समझ बख़्शी है ताकि उसको जो हक़ीक़ी है जानें और हम उसमें जो हक़ीक़ी है ,या'नी उसके बेटे ईसा' मसीह” में हैं, |हक़ीक़ी ख़ुदा और हमेशा की ज़िन्दगी यही है |
Jude 1:19 in Urdu 19 ये वो आदमी हैं जो फूट डालते हैं ,और नफ़सानी हैं और रूह से बे-बहरा |